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माहासती आई वानुमां ( मोरञर --- क छवाणा)
ओखी
पडे
मा
आवजो
आइ
थजो
आधार
।
कर जोडी जीवण कहे वानम
ु ा करजो वार ।।
आई जीवांबाई म#हयाणी संवत १७११ मां स'त थया. )यार पछ*ना वष, सं.
१७१२मां आ. वानम
ु ानो ज/म क छ खडीर ना वावडीमां ( ऐ गाम हाले उ4जड थई
गयु छे , )या खंडरे ोज छे ) ञीबा शाखाना जे नरा शाखा नी पेटा शाखाना गढवी
खोडीदानने )या थयेलो. आई जीवांबाइ सती थयां ते पछ* लगभग दश अ;गयार
म#हने आई वानम
ु ानु ज/म होवाथी तथा नानपणथीज तेमनामां चारण आईओनी
चमक अने ='तभा दे खावाथी माता >पता तथा बीजा सौ तेमने आई जीवांबाइमानो
अवतार मानता . आई वानम
ु ानु मोसाण वरसडा शाखामां हतु ऐमना मात@
ु ीनू नाम
परु बाइ आई वानम
ु ाने चारभईओ सांगो , राणो, खेगार तथा राजधर अने बे बहे नो
वरजुबाइ अने दे वलबाइ हता..
अढारे क वषB नी उमरे आई वानु नां लCन क छ ना नखDाणा तालक
ु ाना गाम
मोरञरना गढवी भाखरशी सरु ताणीयाना पत
ु मेकरण साथे थयेला. मेकरण गढवी नु
आ बीजु लCन हतु पहे ला प)नी लाछबाइ ऐक पD
ु धरमदास नामनो मक
ु E ने गुजरF
गयेलां, बाद आ बीजू लCन आई वानु साथे थयु आई ने बे पD
ु G थया. ऐकनु नाम
HDकम अने बीजा नु नाम मावो." आईना ऐ ब/ने पD
ु Gनो बहोणो >वJतार मोरञर
गाममां छे ..
आई वानम
ु ानी ज/मभKम
ु नो =दे श खडीर क छनी ऊतरे आवेल मोटा रणमां बेट छे ,
जेमा दश-बार गामो छे ऐ गामो पैकEनू ऐक वावडी गाम आईनी ज/मभKम
ू ऐ वावडीथी
वावडीथी उ)तर मां ऐक तणावने कांठे माताजीनु ऐक Jथानक छे , जेने सौ सांगवाणां
माताजी कहे छे . ऐ सांगवाणां माताजी ते आई वानम
ु ां ना बेन वरजुबाई, ऐमनो भाई
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सांगो ज़गलमां गायो चरावा गयेलो )या चराण बाबत मां सीधल(सोढा) राजपत
ू ोना
जुवानोथी वांधो पडता तकरार थइ ऐमां ऐ सीधल जुवानोऐ तेमने सांगाने मारF
नाखेल.
पण
आई
वरजब
ू ाई
नी
ऊPमर
ऐ
वखते
फRत
१४
वषB
नी
हती.
तेमने भाई तरफ अ)यंत हे त हतु , >वयोग सहन करF शRया न#ह अने कुण
कुटुंबवाणा ओ रोकवा गया पण तेमना शरFर मां सत =गट थयु , कोईनु मा/यू नहFं
अने भाई नी ;चता पर चणी बेठा. सती थयां ऐ वरजू बाई उपर कTयु तेम सांगावाणा
माताजी कहे वाय छे ...
ऐ खडीर =दे श चारे बाजू रणथी घेराऐलो छे . ऐ रणमां चोमासामां पाणी भराइ जाय
छे , परFणामे वरसना थोडाक म#हना )या जवु मVु केल होय छे , परं तु हवे पव
ू B तरफ
लोWाणी बाजूथी पकE सडक रणमां बंधाई गई छे , ऐटले चोमासामां पण जइ शकाय छे
, आई ना >पता घणी गायो भX शो राखता, खेती पण करावता, तेओ भिRतभाववाणा,
सीधा अभण परं तु खब
ु पZ
ु षाथ[ अने सख
ु ी हता. आई वानम
ु ां नो ज/म थया पछ*
तेमनी उ/न'त थई, सख
ु समिृ ]ध मां खुब व>^
ु ा नानपणथी ज घणा
ृ थइ, आई वानम
तेजJवी हता, साथे साथे खडीरनो वास 4या भौगोKलक कारणो सर वरसाद ओछो पडे
Kशयाणा मां भयंकर टाढ अने ऊनाणामां अिCन ञर'त लु वरसे, वावटोण साथे धण
ू नी
डमरFऊ चडे अने चारे बाजु नां रण तपी उठे . ऐटले )यानु जीवन ऐटले अ'त कठोर,
खडतल, साद ु , सरल साथे साथे 'नद_ष जीवन. आई वानम
ु ा ऐवा कठोर वातावरण मां
ऊछरे ला. >पता ने )या कुणदे वी आई रवेची नी पज
ु ानु नानु ऐवु मढ हत,ु जेमा आइ
रवेची नी गुढा लाल कपड़ा थी लपेटेलF काaटम'ू तB तथा Kसंदरू च;चBत HDशल
ू रहे तु अने
मा परु बाइ सवार सांज )या धप
ु दFप करF ने चरजो गाता, माणा फेरवता. चैD अने
आशोनां नवराHD मां नाना बाणको Kसवाय सौ चारणो बाईओ भाईयो बधा उपवास
करता , मोटो उ)सव थतो. आठमने दFवसे होम करवामा आवतो तथा नोम ने #दवशे
नैवेध करवामा आवता. आवा वातावरणमां आई वानम
ु ा ने तथा तेमना बहे नोने
नानपणथी ज जगदं बानी भिRतना शभ
ु संVकार मणेला . नाटक चेटक शू होय ते'न
तेमने खबर न हती. ठाठमाठ अने ञाकञमवाणु >वलासी िजवन ऐमणे जोयेलु जाणेलु
न#ह.
पण
ऐ कठोर
भKममां
माता >पता अने
ु
कुटुबीओ पासेथी
ऐमणे
आई
#हंगलाज,आई आवड , आई खोbडयार, आई वरवडी, आई दे वल, आई करणीजीना #दcय
जीवननी वाताBओ सांभणेलF . एमना ई'तहास सांभणेला, " आइयो केवा होय, एमना तप
eत 'नयम fTमचयB केवा होय , एमना पज
ु न भिRत , ]यान केवा होय ?" एना पाठ
कुमणी वयमांथीज ए भणी गयेला. ""आपणे चारण दे व जा'त कहे वाइए, हे माणेथी
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ऊतरFने आcया छ*ये अने चारण अटकE होय, भगत होय, सतवादF होय, स)याgहना
माग, हालनारा होय, दोढ शरु ा कहे वाय"" एवी अनेक वाताBनु Kशhण ऐमणे मेणवेल;ु अने
अने चारणना धरणा, ऐना Dागां, गणे कटारFओ पहे रवी, जPहर बणवां , तेलFया डगला
पहे रF अिCनJनान करवां (ए बधु 'नजसख
ु माटे नहF पण ए धरम बचावा माटे दे ह नु
बलFदान आपी धरम बचावता, एक सीटF पलंग के सोनाना हार मटे नहF) वगेरे
चारण)वनी खुमारFभयाB संJकारोनां अमी एमना जीवनमा नानपणथी ज सींचाऐला,
मोतने मंगण मानवानी पiरिJथ'तमा उछरF ने ए मोटा थयेला, 'नशाण कोलेजना के
ए समयनी पाठशाणाओ Kशhणनी एमने खबर पण न हती, पण मानवना मj
ु योनु
एमनी रगे रगमा लोहFना Hबंदए
ु Hबंदए
ु रमतु हत,ु चारण)वना आवा संJकारो साथे आइ
वानम
ु ांऐ गह
ृ Jथ जीवनमां =वेश करे लो.
मोरझर गामने अडीने आवेलF आई वानम
ु ानी टे करF परथी जोइऐ ऐटले ऐ गामनी
उतर, दlhण, पव
)यां लFलFछम वाडीयो अने ऐनाथी
ु ,B पिmचम , चारे बाजु 4या जओ
ु
आगड बीजा गामोनी वाडीओ अने तेनाथी आगण उतरमां धीणोधर तथा आराडो,
बाजुमां पिmचमे >वथोnणयो, दlhणमां आवेल ननामो, oबवो तथा Hबजा डुग
ं रो अने दरु
दरु पव
B ां आवेला Hबजा डुगरा डुगरFओना गढमां घेरायेलु मोरझर गाम, 4या चोमाशु ,
ु म
Kशयाणु अने उनाणु पाकोनी पेदाश आवे. सव, =कारना फण, फुल अने रसकस पाके
ऐवंु मोरझर प'तनी माKलकEनु हतु. दोमदोम साTयबी हती अने आई वनम
ु ा आई
वरवडी जेवां उदार रोटले पहोणा हता, एमने )यां गरFब गुरबा अनाथोने, साधु संतो ने
अ'त;थओ अने अpयागतोने उजणो आवकारो मणतो. मीठा भोजन मणता, आईनु qदय
qदय बीजाओना द :ु खो जोइने Wवी पडत,ु पोते ऐमने सौ पोतानां प4
ु य मानतां, ऐमना
आ'तsयनी, ऐमना दै वी संJकारोनी सव
ु ास सवBD =सरF गऐलF.
सं. १७ ५० आसपास ब/ने पD
ु ोने परणाcया ते पछ* थोडा समये ऐमना प'त मेकरण
गढवीनो JवगBवास थयो. ब/ने पD
ु ो जुवान हता ऐतले सवB cयवहार तेमने सGपीने
आइ पोते जगदं बानी उपासना ]यानमां लFन रहे वा लाCया. #दवसो #दवस ऐमनी
#दcयतानी कE'तB =सरवा लागी अने दररोज दशBनाथ[ओ , भRतो, भा>वको ऐमना दशBने
आववा लाCयां. आईनी भिRत अने ]याननी माDा पण खुब वधवा माडी-वधी गऐलF,
आवी सख
ु द शां'तमां सं. १७ ७२ मां ऐक धरतीकंप जेवी , चारण जा'तनी मयाBदाने
JपशBती >वषम पiरिJथ'त ऊभी थई. ऐ वरसमां सं. १७ ७२ मां क छना महाराव @ी
=ागमलजी पहे ला JवगBवासी थया अने तेमना पD
ु गोडजी क छना महाराव थया ते
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समय नी आ वात छे . ऐ जमानामा लट
ु फाट, धाण अने गामगरासना झगडा चालु
हता. बीजाओनी जमीन जागीर दबावी लेवी, माल ढोर हांकE जई हडप करF जवां,
लट
ु फाड करवी, ऐ बधाने वीरतानु खोटु Hबरद आपवामा आवतु. Kसंधना अने क छना,
वागडना अने बनासकाठाना, झालावाडना अने मछुकाठांना धाडपाडुओ ऐक बीजाना
तथा पोताना =दे शोमां पण लट
ु फाट करF जता, माल ढोर हांकE जता. एवा लट
ु ारामां
क छना मोटा रणने काठे आवेला लोरFया गामना जाडेजाओ उ/नडजी अने मेघजी
खास नामचीन हता. ऐम नी लट
ु फाट नी =व'ु तओए माजा मक
ु E दFधेलF, धमB, नी'त,
'नयम, मयाBदानां बंधन एमणे नेवे मक
ु े लां एमने कुम'त उपजी अने कोइ राजपत
ु ने न
छाजे तेवंु हFणु काम ऐमणे कयु.B पंदरे क लट
ु ाराओ आवीने मोरझरनी गायो, भेशो चरावा
गयेलF )यां सीममां गोवाणोने मार मारFने बणजबरFथी हाकE गया. पाछणथी
मोरझरना चारणो पगेZ लईने, सगड लईने, लोरFया गया. उ/नडजी अने मेघजीने
मvया, अने मोरझर चारणोनु गाम होइ )यानंु गोधण-भेशो पाछां वाणी आपवानु
समजाcय.ु पण तेमणे गाम आगेवानोनु अपमान करF धु)कारFने भागी जवानु कTयु.
मारवानी धमकE आपी काढF मR
ु या. ए आगेवानो ऐ आईए पछ
ु वाथी पोताना पोताना
अपमाननी तथा मेघजी अने उ/नडजीनी उwडतानी वात तेओ@ीने 'नवे#दत करF. आई
वानम
ु ानु चारण)व आवी अनी'त अने बणजबरFने तथा मयाBदाना उjलघन अने
अपमानने सहF लेवाने तैयार न हतंु. आम छतां ऐ जाडेजाओने समजावीने अनी'तने
माग,थी पाछा वाणवा माटे पोते =यास करवानु तेमणे योCय मा/यंु. वेल जोदावीने
पोते
लोरFये
पधायाB,
)यां
उ/नडजी
अने
मेघजीने
ख ुब
समजाcयु
,
कTयंु के "बाप ! तमे राजपत
ु छो. कृaण भगवानना कुणना छे . चारण-राजपत
ु नो
सनातन संबंध शंु छे , तेनो तमे yयाल करो, चारणोनां मालढोर- गोधण हांकE आववानंु
तमने न शोभे. तमारो धमB तो रhा करवानो छे , आवी रFते लट
ु फाट करवी ऐ तमने
छाजती नथी. माटे ऐ माग,थी पाछा वणो अने मोरझरनां माल ढोर पाछां वाणी आपो."
पण उ/नडजी अने मेघजीना मन-ब>^
ु पर JवाथB, अहं ,मद, पापना Vयाम पडदा पडी
गयेला, ऐटले ऐ सार-असारनो >ववेक करF शके तेम न हता. ऐमणे उडाऊ जवाब
आzयो के "आई ! तमने कोणे कTयु के अमे मोरझरना मालढोर हांकE आcया छ*ऐ?
तमारा
मालढोर
केवा
ने
वात
केवी?
अमे
लाcया
ज
नथी"
आइऐ कTयु के "जाडेजाओ ! हणाहण खोटुं शा माटे बोलो छो, अने ऐमां ज तमाZं
छे . चारणोनो माल ऐ तो जीवतो पारो ज समजी लेजो ऐ तमने जरशे न#ह, ऐ
चोRकस समजी लेजो, हजुऐ >वचार करF जुओ " ऐटले उ/नणजी जवाब आzयो "अमे
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खोटुं के साचंु बोलFऐ छ*ये, तेनो /याय करवावाणां तमे कोण? अने जरशे के न#ह जरे ,
ऐ अमारे जोवानंु छे , तमारे न#ह, - सम4यां ने ! जोयु न#ह, आcया छे मोटा आई
थईने ते! " आई बोjयां "जाडेजाओ ! जाडेजाओ ! हवे हद आवी गई चारणोनु धन ,
चारणनां मालढोर इ राजपत
ु ने अखाज छे - झेर छे , इ झेर पीवामां सार न#ह काढो.
ऐनां पiरणाम सारां न#ह आववानां " ऐ सांभणीने मेघजी बोjया के "हवे जाओ जाओ,
झेरवाणां ! कहFऐ 'छये के नथी लाcया नथी लाcया, तोय केडो मR
ु ता नथी, तो हवे
सांभणी jयो. लाcया छ*ये अने नथी आपवां. जाओ रवाना थई जाओ. तमाराथी थाय
ते करF लेजो"
ऐ सांभणतां ज आईनी {मरो डोढे वणी गई. हे तनां हुलासना सागर आई वानम
ु ाना
नेDोमाथी अिCनना तणखा झयाB अने बोjयां के "जाडेजाओ ! अमारां मालढोरना दध
ु
तमारे पीवा छे ने? ए दध
ु केवा होय ते जोइ jयो " एम कहFने पोताना भेnणयामां
लपेटेलF कटारF काढFने तेमनी साथे आवेला पD
ु ो वगेरे अटकावे ते पहे लां आईए ऐ
कटारF पोताना गणामा हुलावी दFधी. गणानी ब/ने भाजुथी लोहFनी धाराओ वहे वा
लागी. तेमांथी खोबो भय_ उ/नडजी तथा मेघजी उभा थईने भाCया, पण आईए ऐ लोहF
तेमना पर छांटF दFधु अने बेश^
ु बनी ढणी पडया, )या तो साथे आवेलां तेमना लाडका
पD
ु ी पाबांबाइ(पावBतीबाइ) ऐ पण पोताना गणामा कटार पहे रF लFधी. ऐटले आईना
पD
ु ो अने साथे आवेला बीजाओऐ ब/ने मा-दFकरFने म'ु छB त दशामां ज वेलमा नाखीने
मोरझर लाcया. अने जाणकारोने बोलावी कटारो कढावाने ईलाज शZ कराcयो, पाटा
पींडी करावी. Dीजे #दवसे सांजेव आईवानम
ु ा तथा पाबांबाइ भानमा आcया, =ाण गया
नथी अने पोताने मोरझर लाcया छे , ऐ जाणीने आई घणा नाराज थया, अने पD
ु ो,
संबधीओ अने गाम परगामना आजुबाजुना आगेवानोने बोलावीने कTयु के " चारणोनी
मयाBदानु उjलघन करवामां आcय,ु चारण आईनु अपमान करवामां आcय,ु ऐ जोया
पछ* िजववानु मने पसंद नथी, हमणां ज मने Jवzनमां माताजीना दशBन थयां छे .
मने तेओ बोलावी रTया छे ऐटले मारे सती थवु छे . मारे माटे ;चता तैयर करावो"
#दकराओ , कुटुबी जनो, सगा संबंधी अने बीजा सौ पगे पडया, सती न थवानी अरज
गुजारF, पण आइ पोताना 'नणBय पर रTयां, ऐटले एमनां लाडकवाया पD
ु ी पाबांबाईऐ
मा साथे ज सती थवानो पोतानो 'नणBय सौने जणाcयो. बाद तेमनी आ|ा मजब
मोरझर गामनी पिmचमे- वायcय #दशामां आवेलां टे करF पर मा-दFकरF ब/नेनी ;चताओ
तैयार करवामा आवी, ,.,
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बीजे #दवसे वहे लF सवारे ब/ने मा-दFकरF बेठा थया, ऊभा थया अने लाकडीओना टे का
साथे ;चता तरफ =याण कय.ुB शरणाईओऐ कZणाना सरु छे डया, झझ
ु ाऊ ढोल गाजवा
लाCया, अगर, चंदन, गुगळ,eतना धप
ु सग
ु ंधथी वातावरणमां साि)वकता महे कE ऊठ*,
अने ''जय वानम
ु ा - जय वानम
ु ा - जय जीवांमा - जय वानम
ु ा'' ना जय घोषो व च
;चता Jथाने टे करF पर पहो यां, ब/ने माता पD
ु ी पव
ु ाBKभमख
ु े ;चताओ पर प~ासन वाळीने
वाळीने बेठां, ;चताओमा घी, चंदन काaट, नाKळएर अने सग
ु ंधी Wcयो सींचाया अने
सय
B ारायणनो उदय थता ज तेमना सामे हाथ जोडी, ऐ सय
B ंडळने भेदFने तेनाथी
ु न
ु म
करोडो
करोडो
गणी
महा
महान
शिRतनंु
]यानधय,ुB
ऐनंु
आTवान
कय;ुB
ऐ आ)मशिRतमां पोताना =ाण समपBण कयाB सय
B ा •करणोनो ;चताओने JपशB थताज
ु न
अिCन दे व =गटया अने थोडी वारमां ज आइ वानम
ु ा तथा तेमनां पD
ु ी पाबाबाइना
पा;थBव दे ह अिCननी लपटोमां समाई गयां , आवी रFते संवत
ं १७७ २ना वैशाख सद
ु १३
ने गुZवारना #दने आइ @ी वानम
ु ा Jवधाम पधायाB,.,.,
आई वानम
ु ा Jवधाम पधायाB बाद तुरतज लोiरयाना ऐ जाडेजाओ उ/नडजी तथा
मेघजी पर कुदरतनो कोप ऊतय_-ऊपराछापरF आप'तओ आवी, माल ढोरमां महोरोग
आवतां ते बधा मरF गयां. कुटुंबमां मराण थयां. पोते पण गंभीर बीमारFओमां
पटकाया, रFबाइ रFबाइने मरF गया. ऐमना पD
ु पiरवारमां कोइ न रTयु. वंशवेलो तुटF
गयो, ऐमना वंशनु कोइ नथी, ऐ समयथी मोरझरना चारणोने लोरFया सामनो अपैयो
छे , जे आजे पण चालु छे , वानम
ु ांना अनेक काcयो छं दो लखायां छे ,.,
आइ वानम
ु ाना अिCनसंJकार Jथान पर ऐमनी संद
ु र छतरडीओ बनी छे , जेमां तेमनो
जमणो हाथ कोतरे लF खाभी छे अने तेनी नीचे तेओ@ीना Jवधाम पधायाBना वरस,
मास 'त;थ वारनो लेख कोतराएल छे . ऐमनी खाभीनी बाजुमांज ऐमनां पD
ु ी पाबांबाइनी
पाबांबाइनी खाभी छे . ऐ छतरडीनी पासे ज आइ आंबांनी छतरडी छे . ऐ छतरडीओनी
आगळ मोटो मंडप ऐमना वंशजो तरफथी थोडा समय पहे लां बनाववानमां आcयो छे ,
दरु दरु थी दशBनाथ[ओ ए धवल छतरडीओनां दशBन करतां ध/यता अनभ
ु वे छे , मनोमन
=णाम करे छे , दर वष, चैD सद
ु ९ नवमीऐ )या मोटो उ)सव करवामां आवे छे , ऐ
#दवसे )यां सXकडो जाDाळुओ जातर करवा- नैवेध करवा आवे छे . चारणो , उपरांत
सव, #ह/दओ
ु मां आई वानम
ु ानी खुब मानता छे .,.
आ
माहFती >पंगल परबत पायक
लFखीत
मातद
ृ शBन माथी जोईने लखी छे ,
माटे लखबवामा काइपण भल
ु थइ होय तो ऐ कjयाण पी गढवी नी भल
ु हशे.
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