के नद ीय पतय क कर बोडर (सीबीडीटी) भाग-V ।।। के नद ीय पतय क कर बोडर 1. कायर एवं संग ठन के नदीय पतयक कर बोडर, के नदीय राजसव अिधिनयम बोडर, 1963 के अंतगरत कायर कर रहा है एक सांिविधक पािधकरण है। बोडर के अिधकारी अपनी पदेन कमता से पतयक कर के उदहण एवं संगहण से संबंिधत मामलो को संभालते हए मंतालय के एक पभाग के रप मे भी कायर करते है। 2. के नद ीय पतय क कर बोडर की ऐितहािसक पृष ठ भूि म के नदीय पतयक कर बोडर, के नदीय राजसव अिधिनयम बोडर 1924 के पिरणामसवरप करो के पशासन से भािरत िवभाग के शीषर िनकाय के रप मे अिसततव मे आया। आरं भ मे बोडर के पास पतयक एवं अपतयक दोनो करो का पभार था। तथािप जब बोडर के िलए करो का पशासन संभालना मुिशकल हो गया तो बोडर को 1.1.1964 से दो भागो नामत: के नदीय पतयक कर बोड तथा के नदीय उतपाद शुलक एवं सीमा शुलक बोडर मे िवघिटत कर िदया गया। यह िदशाखन के नदीय राजसव अिधिनयम बोडर , 1963 की धारा 3 के तहत दो बोडो के संिवधान दारा िकया गया। 3. के नद ीय पतय क कर बोडर का संघ ठन एवं कायर के नदीय पतयक कर बोडर मे एक अधयक एवं िनमनिलिखत छह सदसय होते है:1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. अधयक सदसय (आयकर) सदसय (िवधायन एवं कमपयूटराइजेशन) सदसय (कािमक एवं पशासन) सदसय (जांच) सदसय (राजसव एवं सतकर ता) सदसय (लेखा परीका एवं नयाियक) 4. संग ठनातम क वय वसथ ा एवं मानवशिकत 4.1 बोडर के िदलली मे िनमनिलिखत संलगन कायारलय है:(i) (ii) (iii) (iv) (v) (vi) (vii) (viii) आयकर महािनदेशालय ( पशासन) आयकर िनदेशालय ( आरएसपी एवं पीआर) आयकर िनदेशालय (वसूली) आयकर िनदेशालय ( आयकर एवं लेखा-परीका) आयकर िनदेशालय ( ओ एवं एम एस) आयकर महािनदेशालय ( पणाली) आयकर महािनदेशालय (सतकर ता) आयकर िनदेशालय (अवसंरचना) पूरे देश मे िनयुकत िविभनन मुखय आयकर आयुकत दारा केतीय सतरो पर पतयक करो का कर-िनधाररण एवं संगहण का पभार संभाला जाता है। इसके अितिरकत, आयकर महािनदेशक (जांच) केतीय सतर पर जांच तंत का समग पभार संभालता है िजसका उदेशय कर अपवंचन को रोकना एवं लेखाबाह धन का खुलासा करना है। मुखय आयकर आयुकतो/ आयकर महािनदेशको की सहायता उनके केतािधकार मे आने वाले आयकर आयुकतो/ आयकर महािनदेशको दारा की जाती है। इसके अितिरकत कर-िनधाररण अिधकािरयो के आदेशो के िवरद अपीलो के िनपटान के कायर का िनषपादन करने हेतु एक पथम अपीलीय तंत भी है िजसमे आयकर आयुकत (अपील) सिममिलत होता है। के नद ीय पतय क कर बोडर के अधय क एवं सदसय ो के मधय कायर का िनयतन I. मामले अथवा मामलो की शेि णयां िजन पर बोडर दारा संय ुक त रप से िवचार िकया जाना चािहए। 1. पतयक करो से संबंिधत िविभनन कानूनो के तहत बोडर एवं संघ सरकार के सांिविधक पकायो के िनषपादन से संबंिधत नीित। िनमनिलिखत से संबंिधत सामानय नीित:- 2. आयकर िवभाग के गठन एवं संरचना का संगठन बोडर के कायर की पणाली एवं पिकया कर िनधाररण के िनपटान, करो के संगहण, कर अपवंचन तथा कर पिरहायरता का िनवारण और पता लगाने के उपाय। 4. भती, पिशकण तथा आयकर िवभाग के कािमको की सेवा शतो तथा रोजगार के भिवषय से संबंिधत अनय सभी मामले। 1. 2. 3. 3. कर िनधाररण के िनपटान तथा करो के संगहण के िनपटान हेतु लकयो का िनधाररण तथा पाथिमकताओ को िनिशचत करना तथा अनय संबंिधत मामले। 4. पतयेक मामले मे 25 लाख रपए से जयादा की कर मांगो को बटे खाते मे डालना। 5. पुरसकारो एवं सराहना पमाणपतो को पदान करने से संबंिधत नीित। 6. अनय कोई मामला िजसे बोडर का अधयक अथवा कोई सदसय अधयक के अनुमोदन से बोडर के संयुकत रप से िवचार करने हेतु भेज सकता है। II मामले अथवा मामलो की शेि णयां िजन पर अधय क , के नद ीय पतय क कर बोडर दारा िवचार िकया जाना चािहए 1. पशासकीय योजना 2. मुखय आयकर आयुकत तथा आयकर आयुकत के संवगर के अिधकािरयो के सथानानतरण एवं तैनाितयां। 3. िवदेश मे पिशकण से जुडे सभी मामले। 4. िशकायत पकोषठ एवं िनरीकण पभाग से जुडा कायर। 5. आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 80 ण के अंतगरत आने वाले मामलो के अलावा िवदेशी कर पभाग के सभी मामले। 6. सदसय (िवधायन) दारा अधयक को संदिभत पतयक करो से संबंिधत कर योजना एवं िवधायन से जुडे सभी मामले। 7. के नदीय एवं केतीय पतयक कर सलाहकार सिमित एवं संसदीय परामशर सिमित से संबंिधत सभी मामले। 8. अनय कोई मामला िजसे बोडर का अधयक अथवा बोडर का अनय कोई सदसय अधयक के समक पसतुत करना आवशयक समझता हो। 9. बोडर के कायर का समनवय एवं समग पयरवेकण। III मामले अथवा मामलो की शेि णयां िजन पर सदसय (आयकर) दारा िवचार िकया जाना चािहए। 1. उन मामलो के अलावा जो िवशेष तौर पर अधयक अथवा अनय िकसी सदसय को आबंिटत है, आयकर अिधिनयम, अित लाभ कर अिधिनयम, कमपनी लाभ (अिधकार) अिधिनयम, तथा होटल रसीद कर अिधिनयम से संबंिधत सभी मामले। 2. आयकर अिधिनयम, 1974, अिनवायर िनकेप सकीम अिधिनयम, 1974 से जुडे सभी मामले 3. आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 36 (1) (viii) और (viii क) के अनतगरत आवेदन। 4. मुमबई िसथत आयकर महािनदेशालय (छू ट) और आयकर िनदेशालय (आयकर) मे िनयुकत मुखय आयकर आयुकतो के परीका संबंधी कायर जो सदसय (कािमक एवं पशा.) दारा देखा जाएगा के अलावा अनय कायर का पयरवेकण एवं िनयंतण। IV मामले एवं मामलो की शेि णयां िजन पर सदसय (िवधायन एवं कमप य ूट राइजेश न) दारा िवचार िकया जाना चािहए 1. पतयक कर के पशासन से संबंिधत िविभनन आयोगो एवं सिमितयो की िरपोटो से जुडे समसत कायर 2. पतयक कर से संबंिधत कर योजना एवं िवधायन के समसत मामले एवं बेनामी संवयवहार (िनषेण) अिधिनयम, 1988 3. िवधायी उपचारातमक कारर वाई हेतु कर-पिरहायरता साधनो की िनगरानी 4. आयकर िवभाग कमपयूटरीकरण 5. आयकर महािनदेशालय (पणाली) तथा उततरी पभार-उततर पदेश, िदलली, पंजाब, हिरयाणा, उततरांचल एवं िहमाचल पदेश मे िसथत मुखय आयकर आयुकतो का पयरवेकण एवं उन पर िनयंतण रखना। V मामले अथवा मामलो की शेि णयां िजन पर सदसय (आर एवं वी) दारा िवचार िकया जाना है :1. राजसव बजट से संबंिधत सभी मामले िजसमे देश भर के मुखय आयकर आयुकतो के बीच राजसव के बजटीय लकयो को सौपना शािमल है। 2. भाग च के अलावा करो की वसूली (आयकर का अधयाय-xvii), आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 179, 281,281 ख, 289 िदतीय एवं तृतीय अनुसूची। 3. िवभागीय लेखा-पणाली से संबंिधत मामले। 4. धन कर अिधिनयम, वयय-कर अिधिनयम, समपदा शुलक अिधिनयम तथा बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयम से संबंिधत सभी मामले िजसमे कर- पिरहायरता के िनवारण एवं उसका पता लगाने से जुडे मामले भी शािमल है। 5. आयकर अिधिनयम, 1961 के अधयाय XIV क XX क XX ग के तहत आने वाले सभी मामले। 6. बोडर मे कायर का सामानय समनवय। 7. पूवी-पिशचम बंगाल पभार- िबहार, उडीसा, उततर पूव,र झारखंड मे िसथत मुखय आयकर आयुकतो के कायर का पयरवेकण एवं िनयंतण। 8. आयकर िनदेशालय (वसूली), आयकर िनदेशालय (आर एस पी एवं पी आर), आयकर िनदेशालय (ओ एवं एम एस), महािनदेशालय (सतकर ता) से संबंिधत कायर। 9. मुखय अिभयंता (मूलयांकन पकोषठ) के कायर का पयरवेकण तथा िनयंतण। 10. कर आधार का िवसतार करने से जुडे सभी मामले। 11. सभी अिधकािरयो एवं सटाफ सदसयो (राजपितत एवं अराजपितत दोनो) के िखलाफ सतकर ता, अनुशासनातमक कायरवाही तथा िशकायते। VI मामले अथवा मामलो की शेि णयां िजन पर सदसय (कािमक एवं पशासन) दारा िवचार िकया जाना चािहए। 1. आयकर सथापना से संबंिधत समसत पशासिनक (मुखय आयकर आयुकत तथा सहायक आयुकतो के सतर के अिधकािरयो के सथानांतरणो एवं तैनाितयो के अलावा) मामले उपायुकतो तथा सहायक आयुकतो के सतर के सथानांतरण एवं तैनाितयां अधयक के अनुमोदन से की जाएगी। 2. आयकर अिधकािरयो, सहायक आयकर आयुकतो तथा आयकर उपायुकतो की बाह संवगर पदो पर पितिनयुिकत से संबंिधत सभी मामले। 3. िवदेशी पिशकण के अलावा पिशकण से जुडे समसत मामले। 4. वयय बजट से संबंिधत सभी मामले। 5. राजभाषा नीित के कायारनवयन से जुडे सभी मामले। 6. कायारलयी उपसकर। 7. आयकर िवभाग के िलए कायारलय सथान एवं आवासीय सथान। 8. दिकण पभार- आंध पदेश, के रल, तिमलनाडु , कनारटक, गोवा मे िसथित मुखय आयकर आयुकतो तथा आयकर महािनदेशक (एनएडीटी) नागपुर के कायर का पयरवेकण एवं िनयंतण। 9. परीका से संबंिधत मामलो मे आयकर िनदेशालय (आयकर) से संबंिधत कायर। VII मामले अथवा मामलो की शेि णयां िजन पर सदसय (जांच ) दारा िवचार िकया जाना है :1. कर अपवंचन के िनवारण तथा उसका पता लगाने से संबंिधत तकनीकी एवं पशासिनक मामले िवशेषकर वे मामले जो अधयाय –XII ख के अनतगरत आते है कयोिक वे आयकर महािनदेशक (जांच) तथा मुखय आयकर आयुकत (के नद) के कायर से संगत है। आयकर अिधिनयम का अधयाय-XIII ग, अधयाय-XIX क, अधयाय-XX ख, अधयाय-XXI, अधयायXXII तथा अधयाय-XXIII की धारा 285 ख, 287, 291, 292 एवं 292 क तथा अनय पतयक कर अिधिनयमो के संगत उपबंध। 2. कर अपवंचन से संबंिधत िशकायतो पर कारर वाई। 3. आयकर अिधिनयम के अधयाय- XXII मे उिललिखत अपराधो के संबंध मे अिभयोजन मामलो को दािखल करने, छोड देने अथवा वापस लेने हेतु पशासिनक अनुमोदन से संबंिधत सभी मामले तथा पतयक करो से संबंिधत अनय अिधिनयमो के संगत उपबंध। 4. आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 147 से 153 ( दोनो सिहत) के उपबंधो से संबंिधत समसत तकनीकी एवं पशासिनक कायर। 5. तलाशी, जबती एवं सूचना देने वालो को पुरसकार। 6. सवेकण 7. सवैिचछक पकटन। 8. तसकर और िवदेशी िविनयम मुदा छल साधक (समपितत समपहरण) अिधिनयम, 1976 से संबंिधत मामले। 9. उचच वगो वाले बैक नोटो ( िवमुदीकरण) अिधिनयम, 1978 से जुडा कायर। 10. आयकर महािनदेशक ( जांच) तथा मुखय आयकर आयुकतो (के नदीय) के कायर का पयरवेकण एवं िनयंतण। VIII मामले अथवा मामलो की शेि णयां िजन पर सदसय (लेख ा-परीका एवं नय ाियक) दारा िवचार िकया जाना चािहए:1. आयकर अिधिनयम, 1961 के अधयाय-XX एवं धारा 288 के अनतगरत समसत नयाियक मामले। 2. उचच एवं उचचतम नयायालयो मे िरट एवं अपीलो से संबंिधत मामले तथा िसिवल पकया संिहता, 1908 के अनतगरत दीवानी वादो से संबंिधत सभी मामले। 3. उचच एवं उचचतम नयायालयो के समक आयकर िवभाग के िलए सथायी काउनसेल, अिभयोजन काउं सेल तथा िवशेष पिरषदो की िनयुिकत से संबंिधत मामले। 4. लेखा- परीका तथा लोक लेखा सिमित से संबंिधत समसत मामले। 5. आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 72 क तथा 80 ण के अनतगरत आने वाले सभी ममाले। 6. कर-पिरहायरता के िनवारण एवं उसका पता लगाने से संबंिधत मामलो को छोडकर धन कर अिधिनयम, वयय कर अिधिनयम, राजय शुलक अिधिनयम तथा बेनामी संवयवहार (उपबंध) अिधिनयम से संबंिधत समसत मामले। 7. पिशचमी केत गुजरात, राजसथान, मधय पदेश, छततीसगढ और महाराषट (मुमबई को छोडकर) मे िसथत मुखय आयकर आयुकतो के कायर का पयरवेकण एवं िनयंतण। के नद ीय पतय क कर बोडर के आयकर आयुक त ो के बीच कायर का आबंट न 1. आयकर आयुक त (लेख ापरीका एवं नय ाियक) 2. 3. लेखापरीका एवं नयाियक, डीजी (एल एंड आर) से संबंिधत सभी फाइले आरटीआई अिधिनयम के अंतगरत अपीली पािधकारी आयुक त (लेख ापरीका एवं नय ाियक) फोन - 26109827 2. 1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. 10. आयकर आयुक त (समनव य) सथापना एवं संवगर पबंधन से संबंिधत सभी नीितगत मामले। सीबीडीटी की ओर से वह डीएस (िससटमस) एवं िनदेशक (डीओएमएस) के साथ इं टरे सट करे गे। वयय बजट से संबंिधत िवततीय पबंधन, िजसके िलए डीओएमएस को नोडल एजेसी बनाया जा रहा है, का सीबीडीटी की ओर से उनके दारा पयरवेकक िकया जाएगा। िवभाग की अवसंरचनातमक आवशयकता से संबंिधत नीित। वह अधयक एवं सदसय (कािमक) की सहायता करे गे। िशकायतो के गंभीर मामले तथा इस संबंध मे सभी वीआईपी संदभर जहां ततकाल धयान देने की जररत होता है। पीएमओ के सभी संदभर, मंितमंडल के िनणरयो, मंितमंडल सिमित के िनणरयो के कायारनवयन का पयरवेकण सीबीडीटी की ओर से समनवय का कोई अनय मामला िजसे राजसव सिचव दारा सौपा जाता है। बाहरी एजेिसयो तथा अनय मंतालयो/िवभागो के साथ िकसी बैठक मे अधयक की ओर से पितिनिधतव करना। सीबीडीटी मे िविभनन सदसयो के कायर का समनवय करना और बाहरी एजेिसयो के साथ संपकर सथािपत करना। अधयक एवं िकसी अनय उचच पािधकारी दारा सौपा गया कोई अनय कायर। िवतत मंती दारा सीबीडीटी के अिधकािरक पवकता के रप मे िनयुकत। मीिडया से संबंिधत सभी मामले। मीिडया समनवयक सीआईटी (सीएंडएस) को िरपोटर करे गे। आयुक त (समनव य एवं पणािलयां) फोन - 23093544 4. आयकर आयुक त (आईटीए) 1. 2. 3. सदसय (आईटी) के अधीन काम करने वाले सभी अनुभाग आयकर आयुकत (आईटीए) के माधयम से िरपोटर करे गे। उपयुरकत के संबध ं मे िशकायते/अभयावेदन। राजसव के संगळण से संबंिधत आंचिलक कायर, अंचल के मुखय आयुकतो के साथ समनवय तथा अंचल के राजसव मे वृिद की रणनीित िवकिसत करना। 4. 5. संसदीय पशन तथा पीएसी एवं संसद की मरामशर एवं सलाहाकार सिमितयो से संबंिधत मामले। आरटीआई अिधिनयम के अंतगरत अपीली पािधकारी। आयुक त (आईटीए) फोन - 23092364 4. आयकर आयुक त (जांच ) 1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. सदसय (जांच) के अधीन काम करने वाले सभी अनुभाग आयकर आयुकत (जांच) के माधयम से िरपोटर करे गे। कर अपवंचन की सभी िशकायते िजसमे सांसदो एवं अनयो से पापत िशकायते भी शािमल है। जांच एवं पवतरन एजेिसयो से संबंिधत अंतिवभागीय समनवय। उपयुरकत के संबध ं मे सभी िशकायते/अभयावेदन, संसदीय पशन, पीएसी कायर, मरामशर एवं सलाहाकार सिमित के कायर। सांिखयकी समेत तलाशी एवं जबती से संबंिधत सभी मामले तथा आयकर अिधिनयम की धारा 132, 132 ए एवं 132 एन से संबंिधत मामले तथा सवेकण की कारर वाइयां एवं सीआईबी कायर। आयकर महािनदेशक (जांच) के अधीन जांच िनदेशालय के कायर की समीका की िनगरानी। अनय पवतरन एजेिसयो के साथ समनवय। िवभाग का कं पयूटरीकरण एवं डीजीआईटी (िससटमस) तथा पणाली िनदेशालयो के साथ समनवय। आरटीआई अिधिनयम के अंतगरत अपीली पािधकारी। आयुक त (जांच ) फोन - 230929177 6. आयकर आयुक त (आईटी एं ड सीटी) 1. सदसय (राजसव) के अधीन काम करने वाले सभी अनुभाग आयकर आयुकत (जांच) के माधयम से िरपोटर करे गे। के नदीय पतयक कर सलाहकर सिमित तथा केतीय पतयक कर सलाहकार सिमित की संरचना एवं बैठको से जुडा कायर। संसदीय परामशर सिमित की बैठक से जुडा कायर। उपयुरकत से संबंिधत सभी िशकायते/अभयावेदन, संसदीय पशन, पीएसी कायर, परामाशर एवं सलाहकर सिमित के कायर। सदसय (राजसव) का आंचिलक कायर। सूचना का अिधकार अिधिनयम की वयाखया से संबंिधत मामले तथा सीबीडीटी मे इसका कायारनवयन। करो के संगहण मे उतकृषट कायर के िलए पुरसकार पदान करना िजसमे करदाताओ को सममान पुरसकार देना शािमल है। सूचना का अिधकार अिधिनयम के अंतरगत अपीली पािधकारी। 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. आयुक त (आय एवं िनगम कर) फोन - 23092153 7. आयकर आयुक त (सतकर ता) 1. िनदेशक (वीएंडएल) दारा संवयवहार की जाने वाली सभी फाइले आयुकत (सतकर ता), सीबीडीटी के माधयम से सदसय (पीएंडवी) को पसतुत की जाएंगी। आयकर आयुकत (सतकर ता) सदसय (सतकर ता) की िनमनिलिखत से संबंिधत कायर मे सहायता करे गे (क) समूह क के सभी अिधकािरयो के िवरद िशकायतो के संबंध मे सतकर ता एवं 2. 3. 4. अनुशासिनक कायरवािहयां, (ख) सदसय (पीएंडवी) के अधीन आने वाले आंचिलक मामले, (ग) सदसय (पीएंडवी) दारा सौपा गया कोई अनय कायर। उपयुरकत िवषय के संबंध मे संसद सदसयो/वीआईपी/मंितयो से संदभर तथा संसद पशन। सूचना का अिधकार अिधिनयम के अंतरगत अपीली पािधकारी। आयुक त (सतकर ता) फोन - 23092174 8. मीिडया समनव यक 1. 2. 3. 4. 5. 6. मीिडया के नद, सीबीडीटी मीिडया को पतयक कर से संबंिधत सावरजिनक महतव की सूचना के पसार के िलए नोडल िबनद ु होगा। मीिडया के नद, सीबीडीटी के पभागो/डेसको, संबद कायारलयो तथा सीबीडीटी के केतीय कायारलयो से मीिडया मे उठाए गए पशनो का जबाब देने के िलए सूचना की तलाश करे गा। मीिडया के नद, सीबीडीटी के कायारलय के पवकता के रप मे कायर करे गा तथा पवकता या िकसी अनय विरषठ पदािधकारी दारा पेस सममेलन/वातार का आयोजन करे गा तथा उनसे संबंिधत अिभलेख भी रखेगा। मीिडया के नद, मीिडया मे सूचीत हाई पोफाइल वयिषटयो / संसथ ाओ के िवरद िवभाग दारा की गई कारर वाई पर तथयातमक िसथित की िरपोटर करे गा। मीिडया के नद मीिडया के माधयम से अिभवयकत सावरजिनक राय के बारे मे आविधक फीडबैक पदान करे गा। मीिडया के नद मीिडया मे छपने वाली कागजी एवं इलेकटािनक दोनो सूचनाओ का िरकाडर रखने के िलए संसाधन के नद के रप मे काम करे गा। मीिडया समनव यक, दू र भाष - 23095433, इं टरकॉम 5453, फै कस - 23092182 अनुभ ाग - मीिडया के नद , इं टरकॉम - 5583 1. पशासन VI अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: आयकर िवभाग के राजपितत अिधकािरयो से संबंिधत िनमनिलिखत मामले: 1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. 10. 11. 12. 13. 14. 15. 16. 17. वेतन - िनयम से ठीक नीचे िवशेष वेतन तयागपत - सेवा मे मृतयु एसी, आईटी को विरषठ वेतनमान तथा डीसीआईटी को पवर गेड पदान करने के िलए डीपीसी का आयोजन विरषठता भती िनयमावली अिधकािरयो का िवदेशो मे पिशकण िवभागीय परीका तैनाती एवं सथनांतरण अिभपुिषट संघ एवं यूिनयन भारत मे संवगेतर पदो पर पितिनयुिकत डीपीसी िवदेशो मे पितिनयुिकत / आबंटन भती आयकर उपायुकत, सीआईटी, सीसीआईटी / डीजीआईटी के गेड मे पदोननित सहायक आयकर आयुकत के गेड मे पदोननित 18. 19. अनुभाग मे डील िकए जाने वाले िवषयो से संबंिधत संसद पशन अनुभाग मे डील िकए जाने वाले िवषयो से संबंिधत िरपोटर एवं िववरिणयां। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23092683 इं टरकॉम : 5482 अवर सिचव िनदेशक (पशा. VI) दूरभाष : 23095474 दूरभाष : 23092496 इं टरकॉम : 2887 इं टरकॉम : 5456 संयुकत सिचव (पशा.) दूरभाष : 23095457 इं टरकॉम : 5435 2. सदसय (पीएंडवी) दूरभाष : 23093621 पशा. VI (क) अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: आयकर िवभाग के राजपितत अिधकािरयो से संबंिधत िनमनिलिखत मामले: 1. पेशन 2. सीसीएस (आचरण) िनयमावली, 1964 3. िचिकतसा पिरचर िनयमावली 4. भवन िनमारण अिगम, कार अिगम, जीपीएफ अिगम, आंिशक एवं अंितम आहरण 5. छु टी मामले 6. गैर-हकदार अिधकािरयो को हवाई याता की अनुमित 7. टीए / छु टी याता िरयायत 8. गृह नगर / नाम / उपनाम/ जनम ितिथ मे पिरवतरन 9. शुलक / मानदेय 10. एचआरए / सीसीए 11. अिधकािरयो की सवैिचछक सेवािनवृितत 12. चैमबर पैिकटस सथािपत करने तथा सेवािनवृितत के बाद वािणिजयक रोजगार की अनुमित 13. कायर की उपयुक र त मदो पर संसद पशन 14. िरपोटर एवं िववरिणयां 15. िवसतार एवं पुनरोजगार 16. कमपयूटर संवगर मे समूह क एवं ख के पदो जैसे िक संयक ु त िनदेशक, उपिनदेशक, सहायक िनदेशक की िनयुिकत 17. सीबीडीटी के अधीन संबद एवं अधीनसथ कायारलयो मे कं पयूटर संवगर मे राजपितत सटाफ तथा विरषठ पी ए की भती िनयमावली बनाना 18. आईटीओ समूह ख के एसीआर मे दजर पितकू ल िटपपिणयो के िवरद उनसे अपील / जापन। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23092683 इं टरकॉम : 5482 अवर सिचव िनदेशक (पशा. VI) दूरभाष : 23095474 दूरभाष : 23092496 इं टरकॉम : 2887 इं टरकॉम : 5456 संयुकत सिचव (पशा.) दूरभाष : 23095457 इं टरकॉम : 5435 सदसय (पीएंडवी) दूरभाष : 23093621 अधयक दूरभाष : 23092648 इं टरकॉम : 5421 3. पशासन VII अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. सीबीडीटी के अधीन संबद एवं अधीनसथ कायारलयो मे पदो (सभी संवगर समूह क, ख, ग एवं घ) का सृजन 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. 10. 11. 12. 13. 14. 15. 16. 17. 18. 19. 20. 21. 22. 23. 24. 25. 26. 27. 28. असथाई पदो की सततता, असथाई पदो का सथाई पदो मे पिरवतरन तथा सीबीडीटी के अधीन एक संगठन से दूसरे संगठन मे पदो का अंतरण आयकर पभारो का सृजन / पृथककरण सीबीडीटी के अधीन संबद एवं अधीनसथ कायारलयो मे कायर अधययन से संबंिधत सभी मामले आयकर िवभाग मे फु टकर संदतत सटाफ एवं उनकी िनयिमतता से संबंिधत सभी मामले सीसीए, सीबीडीटी एवं जेडएओ के सटाफ से संबंिधत पशासिनक समसयाएं एवं नीितयां पतयक करो से संबंिधत सिमितयो / आयोगो का गठन - सिमितयो / आयोगो की िसफािरशो का पसंसकरण सीबीडीटी के अधीन संबद एवं अधीनसथ कायारलयो से संबंिधत सभी सामानय संगठनातमक पशासिनक मामले संबद एवं अधीनसथ कायारलयो मे िविभनन अराजपितत पदो पर सीधी भती / पदोननित से संबंिधत सभी मामले अराजपितत सटाफ से संबंिधत भती िनयमावली बनाना, उसकी समीका एवं संशोधन अराजपितत पदो पर पदोननित मे दमन के िवरद अभयावेदन गैर या िवलंिबत अिभपुिषट / पदोननित - इस संबंध मे अभयावेदन सीबीडीटी के अधीन संबद एवं अधीनसथ कायारलयो मे सेवाओ मे अ.जा./अ.ज.जा. के िलए आरकण से संबंिधत सभी मामले समूह ग एवं घ के सटाफ की विरषठता से संबंिधत सभी मामले पदो को अनारिकत करने के िलए पसताव का पसंसकरण तथा आरकण से संबंिधत िविभनन सांिखयकीय िववरिणयां तैयार करना िवतत मंतालय की िवभागीय पिरषद की बैठको से संबंिधत मामले - उनका पसंसकरण मृत सरकारी सेवको के आिशतो की अनुकमपा आधार पर िनयुिकत - पसतावो का पसंसकरण गोपनीय िरपोटो मे पितकू ल िटपपिणयो के िवरद अभयावेदन - सीआर फामो की समीका एवं संशोधन तयागपत की वापसी तथा सेवा मे पुनवरहाली अंतपरभार एवं पभार के अनदर अराजपितत सटाफ का सथानांतरण - अभयावेदनो पर िवचार करना तथा नीितयो का िनमारण करना आयकर िवभाग मे नए आयकर कायारलय खोलने से संबंिधत मामले सीसीएस (आचरण) िनयमावली - इसका पशासन पशासन VII अनुभाग से संबंिधत सेवा मामलो मे आयकर कमरचािरयो के संघो / यूिनयनो से अभयावेदनो का पसंसकरण - महतवपूणर मामलो के संबंध मे बोडर के िलए मािसक िरपोटे तैयार करना सीबीडीटी के अधीन कायारलयो मे सेवाओ मे अ.जा./अ.ज.जा.के िलए आरकण के संबंध मे िविभनन िववरणो / िववरिणयो का संकलन सटाफ की संखया, िखलाडी के रप मे गैर भारतीयो की भती आिद से संबंिधत िविभनन िरपोटे एवं िववरिणयां तैयार करना शारीिरक रप से िवकलांग एवं भूतपूवर सैिनको के िलए आरकण / समायोजन आिद सीबीडीटी के अधीन संबद एवं अधीनसथ कायारलयो मे समूह ग के सटाफ की भती के संबध ं मे एसएससी के साथ सभी पताचार आिद कायर की उपयुक र त मदो से संबंिधत संसद पशन। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23092683 इंटरकॉम : 5482 अवर सिचव दूरभाष : 23095474 इं टरकॉम : 2887 िनदेशक (पशा. VI) दूरभाष : 23092496 इं टरकॉम : 5456 संयुकत सिचव (पशा.) दूरभाष : 23095457 इंटरकॉम : 5435 सदसय (पीएंडवी) दूरभाष : 23093621 अधयक दूरभाष : 23092648 इं टरकॉम : 5421 4. पशासन VIII (डीटी) अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. अिखल भारतीय आधार पर आयकर िवभाग के िलए िनमारण कायरकम तैयार करना 2. िनमारण कायरकम का कायारनवयन 3. िनमनिलिखत के संबध ं मे भवनो के िनमारण के संबंध मे आयकर आयुकतो से पापत वयिकतगत पसतावो की जांच: (1) आवास की अनुसच ू ी तैयार करना (2) योजनाओ एवं पाककलनो की संवीका (3) वयय िवतत सिमित का अनुमोदन पापत करना, जहां आवशयक हो; और (4) पशासिनक अनुमोदन एवं वयय संसवीकृ ित जारी करना 4. िनमनिलिखत के संबध ं मे िवभागीय भवनो के िनमारण के िलए भूिम के अिधगहण के संबंध मे पसतावो की संवीका: (1) सटाफ की संखया आिद के आधार पर कायारलय एवं आवासीय आवास के िलए आवशयकताओ की िवसतृत जांच; और (2) पशासिनक अनुमोदन एवं वयय संसवीकृ ित जारी करना 5. भवनो के कय के संबंध मे पसतावो की जांच 6. िवभागीय भवनो की मरममत एवं छोटे कायर के संबंध मे पसतावो की जांच 7. िवभागीय भवनो के िनमारण, भूिम एवं भवनो के कय के संबंध मे बजट पसतावो को अंितम रप देना 8. संबद एवं अधीनसथ कायारलयो के संबंध मे कायारलय / कायारलय-सह-िनवास आवास एवं गोदाम आवास की हायिरग के संबध ं मे पसतावो की जांच 9. सटाफ को िरयायती आवास का पावधान 10. अनुभाग से संबंिधत मामलो पर कोटर के स 11. भवनो की खरीद एवं खरीदी गई संपिततयो के संबंध मे मामले 12. आयकर िवभाग के िवभागीय पूल मे आवासीय आवास के आवंटन के संबंध मे िनयमो का िनमारण एवं वयाखया 13. अितिरकत भूिम एवं भवनो का िनसतारण 14. िवभागीय भवन, कायारलय एवं आवास के संबध ं मे सभी िविवध मामले 15. उपयुरकत िवषयो से संबंिधत संसद पशन 16. िविशषट भवनो मे कायारलयो की अविसथित के संबंध मे अभयावेदन एवं िशकायते 17. संबद एवं अधीनसथ कायारलयो के िलए वाहनो के कय, पितसथापन एवं हायिरग के िलए पसतावो का पसंसकरण 18. फु टकर वयय (टेलीफोन, फनीचर, लेखन सामगी, टाइपराइटर, पुसतके एवं पकाशन आिद) 19. एयर कं डीशनसर 20. उपयुरकत िवषयो पर संसद सदसयो / मंितयो एवं अनय वीआईपी से संदभर 21. आयकर िवभाग के िविभनन सटाफ संघो से अभयावेदन 22. कोई अनय मामला जो सीबीडीटी दारा िवशेष रप से आवंिटत िकया जा सकता है। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23095495 इंटरकॉम : 5495 सदसय (पीएंडवी) दूरभाष : 23093621 िनदेशक दूरभाष : 23093134 इं टरकॉम : 5456 अधयक दूरभाष :23092648 इं टरकॉम : 5421 संयुकत सिचव (पशा.) दूरभाष : 23095457 इं टरकॉम : 5435 5. पशासन IX अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. अिगम - जीपीएफ अिगम, मकान िनमारण अिगम, बाढ अिगम आिद 2. छु टी, अवकाश एवं छु टी वेतन आिद 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. 10. 11. 12. 13. 14. 15. 16. 17. 18. 19. 20. 21. 22. 23. 24. 25. 26. 27. 28. 29. सेवा मे बेक की माफी वेतन का िनयतन, वािषक वेतनवृिद, अिगम वेतनवृिद ,दकता छड को पार करना, िवशेष वेतन आिद भततो (एचआरए, सीसीए, डीए, एलटीसी, पिरयोजना भतता, बाल िशका भतता, धुलाई भतता, वाहन भतता आिद) से संबंिधत मामले पुनिनयुकत पेशनभोिगयो एवं एकस-कॉमबैटेट कलको के वेतन का िनयतन अिधक भुगतान की वसूली को माफ करना संघ एवं यूिनयन (मानयता एवं अनय मामले) पेशन एवं उपदान आिद - इससे संबंिधत मामले पुनिनयुिकत एवं सेवा िवसतार पेशन, छु टी आिद के िलए िपछली सैनय एवं िसिवल सेवा की गणना वेतन, भतता आिद के एिरयर के दावे िचिकतसा पभार - एिरयर के दावो की जांच एवं पितपूित अनुकंपा अनुदान - भारतीय अनुकंपा िनिध से अवाडर िवभागीय परीकाओ से संबंिधत मामले मानदेय मंजूर करना आयकर िनदेशालय मे िहदी के पयोग की पगित पर नजर रखना िवतत मंतालय की िवभागीय पिरषद - ितमाही बैठके - अनुवती कारर वाई िवभागीय पिरषद की सिमित बैठके सुझाव योजना - इससे संबंिधत मामले िमतवयियता अनुदश े - एयर कं डीशनसर िवततीय शिकत पतयायोजन िनयमावली पोशाक बजट पाककलन पेशगी (सथाई अिगम) कं पयूटरीकरण के नद सरकार कमरचारी बीमा योजना / िलकड बीमा योजना िविवध संदभर उपयुरकत िवषयो से संबंिधत संसद पशन उपयुरकत िवषयो से संबंिधत संसद सदसयो/मंितयो/पीएमओ/राषटपित सिचवालय से संदभर अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 26172515 (एचवीबी) अवर सिचव दूरभाष : 26172746 (एचवीबी) उप सिचव दूरभाष : 26172736 (एचवीबी) संयुकत सिचव (पशा.) दूरभाष : 23095457 इंटरकॉम : 5435 सदसय (पीएंडवी) दूरभाष : 23093621 अधयक दूरभाष :23092648 इं टरकॉम : 5421 6. सतकर ता एवं वाद अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. आयकर िवभाग के राजपितत एवं अराजपितत सटाफ के संबंध मे सतकर ता एवं अनुशासिनक कायरवाही 2. सीबीडीटी को या राषटपित को संबोिधत आयकर िवभाग के राजपितत एवं अराजपितत कमरचािरयो के अनुशासिनक मामलो मे अनुशासिनक कायरवाही, अपील एवं यािचकाएं 3. राजपितत एवं अराजपितत कमरचािरयो के संबंध मे िशकायते 4. मुखय सतकर ता अिधकारी (के नदीय पतयक कर बोडर) नामत: आयकर िनदेशक (सतकर ता) के साथ कायर का समनवय 5. सेवा िनवृतत होने वाले िविभनन अिधकािरयो को तथा अनय मामलो मे सतकर ता िनकासी की मंजूरी, यिद ऐसा अपेिकत हो। 6. 7. 8. 9. 10. 11. 12. 13. 14. 15. आयकर िवभाग के समूह क के अिधकािरयो की वािषक गोपनीय िरपोटो मे गुपत िटपपिणयो पर कारर वाई केतीय कायारलय या अनयथा से सतकर ता मामलो पर िकसी सुझाव का पसंसकरण सेवा मामलो के संबंध मे के नदीय पशासिनक अिधकरण तथा भारत के उचचतम नयायालय की िविभनन बेचो मे वाद/कोटर के स तथा कानूनी मामले नयायालयो / के नदीय पशासिनक अिधकरण मे आने वाले मामलो को देखना तथा सरकारी वकील / के नदीय एजेसी की सहायता करना / जानकारी पदान करना। सेवा संबंधी वाद के िविभनन मामलो मे िवशेष वकीलो / सथाई वकीलो / अपर सथाई वकीलो / विरषठ सथाई वकीलो की तैनाती सेवा मामलो के संबंध मे िविध मंतालय या के नदीय एजेसी अनुभाग से परामशर के नदीय िसिवल सेवा (वगीकरण, िनयंतण एवं अपील) िनयमावली और / या के नदीय िसिवल सेवा (आचरण) िनयमावली मे िकसी पिरवतरन के कारण उपचारी कदम उठाना उपयुरकत िवषयो के संबंध मे संसद सदसयो / वीआईपी /मंितयो से संदभर तथा संसद पशन िरपोटो और िववरिणयो की िनगरानी के नदीय िसिवल सेवा (वगीकरण, िनयंतण एवं अपील) िनयमावली के अंतगरत अथरदड ं के िवरद अभयावेदनो/अपीलो पर िवचार करना तथा िनसतारण अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23095486 इंटरकॉम : 5486 संयुकत सिचव (पशा.) दूरभाष : 23095457 इंटरकॉम : 5477 अवर सिचव उप सिचव दूरभाष : 23095472 दूरभाष : 23095477 दूरभाष: 23095477 इं टरकॉम: 5477 सदसय (वी एंड एल) दूरभाष : 23093621 7. आई टी ए - 1 अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: आयकर अिधिनयम, 1961 के िनमनिलिखत अधयायो मे विणत िवषयो से संबंिधत सभी मामले 1. अधयाय I अथारत अिधिनयम की सीमा एवं कायर केत, िपछले वषर का कर िनधाररण, पिरभाषाएं, कं पिनयो की घोषणा - धारा 2(17) (iv) एवं 2(3) को छोडकर 2. अधयाय II अथारत पभार का आधार, धारा 5(2) एवं 9 को छोडकर 3. अधयाय III अथारत आय जो कु ल आय का िहससा नही है तथा धारा 10,11,12 एवं 13 के अंतगरत अनय छू टे (धारा 10(4), 10(4 क), 10(6), 10(7), 10(8), 10(9), 10(15) (iv) को छोडकर)। 4. अधयाय IV अथारत कु ल आय की गणना - अधयाय IV के िनमनिलिखत भाग: (क) वेतन (ख) धारा 21 को छोडकर पितभूितयो पर बयाज (ग) धारा 25 को छोडकर संपितत से आय (घ) धारा 58(क) एवं (ii) को छोडकर अनय सोतो से आय। 5. अधयाय V अथारत कर िनधारिरती की कु ल आय मे शािमल अनय वयिकतयो की आय। 6. अधयाय VI-क अथारत कु ल आय की गणना मे की जाने वाली कटौितयां (धारा 80 च, 80(एम)(i)(क), 80 एमएम, 80 एन, 80 ओ, 80 आर, 80 आरआरए को छोडकर)। 7. अधयाय VII अथारत कु ल आय का िहससा बनने वाली आय िजस पर आयकर देय नही है। 8. अधयाय VIII अथारत राहते एवं िरबेट 9. अधयाय X कर पिरहार से संबंिधत िवशेष पावधान (धारा 92 एवं 93 को छोडकर)। 10. अधयाय XII अथारत कितपय िवशेष मामलो मे कर का िनधाररण। 11. अधयाय XII ख - कितपय कं पिनयो के संबंध मे िवशेष पावधानो के संबंध मे। 12. अधयाय XII ग - फु टकर वयापार से संबंिधत िवशेष पावधानो के संबंध मे। 13. आयकर अिधिनयम के अधयाय XXI-ख के अंतगरत िविभनन कर के िडट पमाणपत योजनाओ के पावधानो की वयाखया एवं कायारनवयन से संबंिधत कायर। 14. धारा 120 एवं 124 के अंतगरत केतािधकार। 15. धारा 127 के अंतगरत मामलो का अंतरण। 16. बयाज कर अिधिनयम। 17. उपयुरकत से संबंिधत िशकायते, अभयावेदन एवं संसद पशन। 18. होटल पािपत कर अिधिनयम, 1980 अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23093070 इंटरकॉम : 5417 िनदेशक (आईटीए-।) दूरभाष : 23092107 इंटरकॉम : 5412 अवर सिचव ओएसडी (आईटीए-।) दूरभाष : 23095417 दूरभाष : 23092107 इं टरकॉम : 5479 इं टरकॉम : 5412 आयुकत (आईटीए) दूरभाष : 23092151 इं टरकॉम : 5493 इं टरकॉम : 5323 सदसय (आईटी) दूरभाष : 23092831 8. आई टी ए -II अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: आयकर अिधिनयम, 1961 के िनमनिलिखत अधयायो के अंदर डील िकए गए िवषयो से संबंिधत सभी मामले 1. अधयाय IV - के वल भाग घ एवं ड अथारत पेशो के वयवसाय के लाभ एवं अिभलाभ एवं पूंजी अिभलाभ। 2. अनुसूची II एवं III को छोडकर आयकर अिधिनयम, 1961 की सभी अनुसूिचयां 3. बी पी टी 4. मागरदशी योजना के अंतगरत आई टी वी सी तथा आई टी सी सी 5. पािकसतान, बमार, िसलोन एवं पूवी अफीकी देशो के पवािसयो को िरयायते। 6. पूवर भारतीय राजयो से संबंिधत सभी मामले। 7. अधयाय XII-ग की धारा 138 8. अधयाय XIV की 139 से 146 तक की धाराएं - उनसे संबंिधत सभी मामले। 9. धारा 153 अथारत कर िनधाररण पूरा करने के िलए समय सीमा। 10. धारा 154 से 158 - उनसे संबंिधत सभी मामले। 11. अधयाय XVI अथारत फमो पर लागू िवशेष पावधान। 12. फमो आिद का पंजीकरण, धारा 182(3) को छोडकर। 13. अधयाय XV अथारत भाग एच, आई एवं जे को छोडकर िवशेष मामलो की देयता 14. अधयाय XX ख - आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 269 टी एवं 269 टीटी 15. अधयाय XVIII अथारत कितपय मामलो मे लाभांश पर कर के संबंध मे राहत 16. फमो की बलैक िलिसटग। 17. िनमनिलिखत से संबंिधत वयाखया एवं वगीकरण: (क) कं पनी (लाभ) सटेकस अिधिनयम, 1964; (ख) सुपर लाभ कर अिधिनयम, 1963; और (ग) अिनवायर जमा (आयकर दाता) अिधिनयम, 1974 18. उपयुरकत िवषयो के संबंध मे आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 119 के अंतगरत आदेश। 19. आयकर अिधिनयम की धारा 36(1) (iii) के अंतगरत िनगमो के संबंध मे अनुमोदन। 20. आयकर अिधिनयम 1961 की धारा 36(1) (viii क) के अंतगरत बैको के संबध ं मे अनुमोदन। 21. सभी िशकायते / अभयावेदन / संसद पशन, पीएसी कायर, परामशर एवं सलाहकार सिमित के कायर। 22. आयकर अिधिनयम के उपयुरकत िवषयो के संबध ं मे धारा 35(1)(ii)(iii) के अंतगरत अनुमोदन। 23. कर िनधाररण की संखया के संबंध मे डीआईटी (आरएसपी एंड पीआर) तथा आयुकतो से सभी िरपोटे एवं िववरिणयां। 24. अनुषंगी लाभकर। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23095489 इं टरकॉम : 5484 सदसय (आईटी) दूरभाष : 23092375 इं टरकॉम: 2375 ओएसडी (आईटीए) आयुकत (आईटीए) दूरभाष : 23095480 दूरभाष : 23092837 इं टरकॉम : 5480 इं टरकॉम : 2837 9. आयकर (नय ाियक) अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. आयकर अिधिनयम, 1961 के अधयाय XX मे डील िकए गए िवषयो से सरोकार रखने वाली सभी समसयाएं अथारत अपील एवं संशोधन। आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 263 / 264 तथा आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 33 क, 33 ख के अंतगरत संशोधन। 2. अधयाय XXIII िविवध (आयकर पेिकटसनसर आिद) अनय अनुभागो को िवशेष रप से आवंिटत मदो को छोडकर। 3. अधयाय XIV क – आवती अपीलो से बचने के िलए िवशेष पावधान। 4. आयकर मामलो से संबंिधत िरट यािचकाएं। 5. आयकर आयुकत (अपील)/ डीसीसीए के कायर पर िनयंतण एवं केतािधकार, उनके कायर का िवतरण, अपीलो का अंतरण आिद। 6. आयकर से संबंिधत सभी वाद। 7. िवशेष वकीलो की िनयुिकत, सथाई वकीलो, अपर सथाई वकीलो, विरषठ सथाई वकीलो एवं िवशेष अिभयोजन वकीलो की भी िनयुिकत। 8. िनमनिलिखत के संबध ं मे सांिखयकी: (क) उचच नयायालयो / उचचतम नयायालय मे अपीलो आिद की लंिबता। (ख) अपीलो का संसथापन, िनसतारण एवं लंिबता, आयकर उपायुकत (अपील) के समक संदभर। (ग) अपीलो का संसथापन, िनसतारण एवं लंिबता, आयकर अपीली अिधकरण के साथ संदभर/पित आपितयां। 9. उपयुरकत िवषयो के संबंध मे आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 119 के अंतगरत आदेश। 10. उपयुरकत से संबंिधत सभी िशकायते / अभयावेदन, संसद पशन, पी ए सी कायर परामशर एवं सलाहकार सिमित के कायर। 11. नयायालयो मे आने वाले मामलो को अटेड करना तथा सरकारी वकील की सहायता करना/ संिकपत जानकारी पदान करना। 12. िविध मंतालय दारा वयकत की गई राय / दी गई सलाह के आलोक मे नयायालयो के िनणरयो पर पशासिनक अनुदश े जारी करके या कानून मे संशोधन करके उपचारी कदम उठाना। 13. केतीय कायारलयो दारा उिललिखत िकसी खामी को दूर करने के पयोजनाथर केतीय अिधकािरयो दारा राहत पदान करने वाले कानून के नए पावधानो के पभाव एवं उनके कायारनवयन/पशासन की समीका एवं िनगरानी। 14. कानून के िवदमान पावधानो मे पाई गई खािमयो की पहचान तथा उपचारी कदम का सुझाव देना। िटपपणी: (1) उचच नयायालयो दारा मंजूर एसएलपी एवं लीव के रप मे उचचतम नयायालय मे आयकर अपीलो से संबंिधत कायर डीआईटी (एलएंडआर) के कायारलय दारा देखा जा रहा है। (2) उपयुरकत मद 12, 13 एवं 14 से संबंिधत उपयुकत िवधायन की पोसेिसग से संबंिधत वासतिवककायर टीपीएल अनुभाग की िजममेदारी होगी िजसे जांच के बाद मामला संदिभत करना चािहए। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 26177534 इंटरकॉम : 771 (एचवीबी) अवर सिचव उपसिचव दूरभाष : 26177534 दूरभाष: 26177380 इं टरकॉम : 771 (एचवीबी) इं टरकॉम : 902 (एचवीबी) आयुकत (ए एंड जे) दूरभाष : 26109827 (एचवीबी) 10. आयकर (बजट) अनुभ ाग सदसय (ए एंड जे) दूरभाष : 23092831 इं टरकॉम : 5323 िवषयो की सूच ी: 1. के वल बजट लकय तथा मांग संगहण (बकाया एवं वतरमान दोनो) के संबंध मे िनगम कर, आयकर एवं बयाज कर से संबंिधत सभी सांिखयकी की पािपत, िवशेषण एवं पसार। 2. बजट लकयो का पाककलन एवं आवंटन। 3. बजट संगहण की आविधक समीका तथा इसे बढाने के िलए उठाए जाने वाले कदम। 4. अधयाय XVII (धारा 195 को छोडकर) तथा अधयाय XVII घ से संबंिधत सभी मामले िजनमे पिरपतो, अनुदश े ो आिद के िनगरम के रप मे उनका कायारनवयन, वयाखया शािमल है तथा अधयाय XVII के अंतगरत इस संबंध मे सुझावो की पोसेिसग, अधयाय XVII के अंतगरत धारा 230 को आयकर (बजट) दारा डील िकया जाएगा। 5. टीडीएस डाटा की पािपत एवं िवसतार से िवशलेषण तथा इस शीषर के अंतगरत संगहण बढाने के िलए उसकी िनगरानी। 6. कर के अिगम भुगतान के रप मे संगहण की िनगरानी एवं िनयंतण के िलए पणाली िवकिसत करना। 7. वतरमान एवं बकाया मांग के संगहण के िलए उठाए जाने वाले कदम। 8. बकाया मांग को कम करने एवं बटे खाते मे डालने से संबंिधत समसयाएं। 9. आईटीओ, एसीआईटी,, डीसीआईटी, मुखय आयुकतो/महािनदेशको को बटे खाते मे डालने की शिकतयो का पतयायोजन। 10. टीआरओ के िलए वािषक कायर योजना की िनगरानी। 11. कायर िजसमे सावरजिनक केत के बैको दारा पतयक करो की सवीकृ ित से संबंिधत मुखय लेखा िनयंतक से संदभर शािमल है। 12. राजसव पािपत के अंतगरत नए लेखा शीषर खोलना। 13. आयकर अिधिनयम के अधयाय XVIII की धारा 289 14. उपयुरकत िवषयो के संबंध मे आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 119 के अंतगरत आदेश 15. पितदाय बैकर योजना 16; उपयुरकत िवषय से संबंिधत सभी िशकायते/अभयावेदन, संसद पशन, पीएसी कायर, परामशरदाती एवं सलाहकार सिमित का कायर। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23095485 इं टरकॉम : 5485 अवर सिचव दूरभाष : 23095467 इं टरकॉम : 5478 िनदेशक (बजट) दूरभाष : 23092641 इं टरकॉम : 5462 आयुकत (सीटी एंड आईटी) दूरभाष : 23092153 इं टरकॉम : 5445 सदसय (ए एंड जे) दूरभाष : 23093356 इं टरकॉम : 5430 11. आयकर समनव य अनुभ ाग (आईटीसीसी) िवषयो की सूच ी: 1. िविभनन पािकक, मािसक एवं ितमाही िरपोटो अथारत पीएम संदभर, एमपी / वीआईपी संदभर, महतवपूणर घटनाओ आिद का समनवय एवं संकलन। 2. िवतत मंतालय की वािषक िरपोटर (सीबीडीटी भाग) का समनवय एवं संकलन। 3. बोडर की बैठक - आयोजन एवं अनुवती कारर वाई। 4. मुखय आयुकत सममल े न - आयोजन एवं अनुवती कारर वाई। 5. के नदीय पतयक कर सलाहकार सिमित तथा केतीय पतयक कर सलाहकार सिमितयो की संरचना एंव बैठको से संबंिधत कायर। 6. संसदीय परामशरदाती सिमित की बैठक से संबंिधत कायर। 7. उपयुरकत िवषय से संबंिधत सभी िशकायते/अभयावेदन, संसद पशन, परामशरदाती एवं सलाहकार सिमित के कायर। 8. बडे बकाया मामलो मे बकाया की वसूली की िनगरानी। 9. आयकर अिधिनयम, 1961 के अधयाय XXIII की धारा 281, 281 ख 10. 11. 12. 13. 14. 15. आयकर अिधिनयम, 1961 की दूसरी एवं तीसरी अनुसूची अथारत आयकर अिधकारी दारा कर की वसूली की कायरपणाली तथा अवमानना की कायरपणाली। उपयुरकत िवषयो के संबंध मे आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 119 के अंतगरत ओदश। बोडर के पिरपतो / अनुदश े ो की िवधीका के िलए पिरपत समूह बैठके । िविभनन अनुभागो दारा जारी अनुदश े ो / पिरपतो एवं अिधसूचनाओ को संखयाओ का आबंटन। बोडर दारा जारी सभी पिरपतो एवं अनुदश े ो की अनुकमिणका तैयार करना। सदसय (आर एंड वी) का आंचिलक कायर। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23095492 इं टरकॉम : 5492 अवर सिचव दूरभाष : 23094020 इं टरकॉम : 5461 िनदेशक दूरभाष: 23092939 इं टरकॉम : 5455 आयुकत (सीटी एंड आईटी) सदसय (आर) दूरभाष : 23092153 दूरभाष : 23093356 इं टरकॉम : 5445 इं टरकॉम : 5430 12. धन-कर िवषयो की सूच ी: 1. धनकर एवं वयय कर तथा बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयमो से संबंिधत सभी मामले एवं संदभर परं तु िनमनिलिखत शािमल नही है: (क) धनकर के संबंध मे दोहरा कराधान पिरहार तथा एकपकीय राहत की मंजूरी के िलए अनय देशो के साथ करारो से संबंिधत सभी मामले एवं संदभर; (ख) धनकर / वययकर / बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयमो के संबध ं मे कर आयोजना एवं िवधायन से संबंिधत सभी मामले तथा नए िवधायन से संबंिधत अनुदश े जारी करना। (ग) धनकर/वययकर/बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयमो के अंतगरत अथरदड ं से संबंिधत सभी मामले; और (घ) इन अिधिनयमो (धनकर, वययकर एवं बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयम) के अंतगरत कर अपवंचन से संबंिधत सभी मामले, िजनमे िशकायते एवं अपवंचन यािचकाएं शािमल है। 2. धनकर अिधिनयम एवं वययकर अिधिनयम की बजिटग से संबंिधत मामले। 3. धनकर / वययकर / बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयमो के संबंध मे संसद पशन एवं पीएसी तथा आंतिरक लेखा परीका मामले। 4. मूलयांकन पकोषठ तथा मूलयांकन अिधकािरयो की िनयुिकत से उतपनन बोडर को सभी संदभर। 5. धनकर / वययकर अपीलो से संबंिधत केतािधकार मामलो का हसतांतरण। 6. धनकर / वययकर / बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयमो से संबंिधत िशकायते एवं अभयावेदन। 7. धनकर / वययकर / बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयमो से संबंिधत सभी कोटर के स। 8. धनकर / वययकर / बेनामी संवयवहार (िनषेध) अिधिनयमो से संबंिधत सभी अनय मामले। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 26161572 इं टरकॉम : 424 (एचवीबी) सीआईटी (आईटी एंड सीटी) दूरभाष : 23092153 इं टरकॉम: 5455 (एनबी) 13. अनय कर अवर सिचव िनदेशक दूरभाष : 26161579 दूरभाष: 26161573 इं टरकॉम: 441(एचवीबी) इं टरकॉम : 407(एचवीबी) सदसय (आर) दूरभाष : 23093356 इं टरकॉम : 5431 (एनबी) िवषयो की सूच ी: 1. एसटेट डूटी / उपहार कर अिधिनयमो से संबंिधत सभी मामले एवं संदभर परं तु इसमे िनमनिलिखत शािमल नही है: (क) एसटेट डूटी / उपहार कर के संबंध मे दोहरे कर का पिरहार, अनय देशो के साथ करार से संबंिधत सभी मामले एवं संदभर। (ख) कर आयोजना एवं िवधायन से संबंिधत सभी मामले तथा एसटेट डूटी / उपहार कर अिधिनयमो के संबंध मे नए िवधायन से संबंिधत अनुदश े जारी करना। (ग) एसटेट डूटी / उपहार कर अिधिनयमो के अंतगरत अथरदड ं से संबंिधत सभी मामले। (घ) िशकायत एवं कर अपवंचन यािचका समेत इन अिधिनयमो (ईडी एंड जीटी) के अंतगरत कर अपवंचन से संबंिधत सभी मामले। 2. एसटेट डूटी / उपहार कर अिधिनयमो से संबंिधत केतािधकार मामलो का हसतांतरण। 3. एसटेट डूटी / उपहार कर अिधिनयमो से संबंिधत सभी कोटर के स। 4. एसटेट डूटी / उपहार कर अिधिनयमो से संबंिधत सभी अनय िविवध मामले। 5. आयकर अिधिनयम, 1961 का अधयाय XX क, अचल संपिततयो का अिधगहण। 6. आयकर अिधिनयम, 1961 का अधयाय XX ग, अचल संपिततयो का पूवर कय। 7. आयकर अिधिनयम, 1961 के अधयाय XX ग / XX क से संबंिधत कोटर के स। 8. उपयुरकत मदो से संबंिधत िशकायते एवं अभयावेदन। 9. उपयुरकत से संबंिधत संसद पशन, पीएसी कायर, परामशरदाती एवं सलाहकार सिमित का कायर। 10. पितभूित संवयवहार कर (एसटीटी) से संबंिधत सभी गैर सांिविधक कायर। 11. बीसीटीटी से संबंिधत सभी गैर सांिविधक कायर 12. नुकसानो का पिततुलन एवं अगनीत करना (अधयाय VI)। 13. अधयाय XIX अथारत आयकर का पितदाय। अनुभाग अिधकारी अवर सिचव (ओटी) उप सिचव दूरभाष : 26161572 दूरभाष : 26161579 दूरभाष: 26161573 इं टरकॉम : 424 (एचवीबी) इं टरकॉम : 441 (एचवीबी) इं टरकॉम : 409 (एचवीबी) सीआईटी (आईटी एंड सीटी) दूरभाष : 23092153 इं टरकॉम : 5445 (एनबी) सदसय (आर) दूरभाष : 23093356 इं टरकॉम : 5431 (एनबी) 14. टी पी एल अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. आयकर तथा अनय पतयक करो के संबंध मे कर नीित एवं िवधायन से संबंिधत सभी मामले िजसमे नए िवधायन पर अनुदश े शािमल है। 2. वािषक िवतत अिधिनयम तथा उस पर वयाखयातमक पिरपत जारी करना। 3. आयकर िनयमावली तथा अनय पतयक करो से संबंिधत िनयमो मे संशोधन की पोसेिसग एवं डािफटग। 4. सांिविधक फामो का संशोधन। 5. राजसव भिवषयवाणी। 6. पतयक करो के केत मे कर वयय िववरण तैयार करना। 7. पतयक कर अिधिनयमो के अंतगरत िनिमत योजनओ की डािफटग एवं संशोधन। 8. अनय मंतालयो दारा पायोिजत िवधेयको/अिधिनयमनो मे पतयक कर पसतावो पर िटपपिणयां। 9. गोवा, दमन एवं दीव तथा पांिडचेरी के मामले मे कर िरयायत आदेशो के पावधानो की वयाखया से संबंिधत संदभर। 10. आयकर अिधिनयम के अधयाय XXIII की धारा 293 क, 294 क, 295, 29 एंव 298 तथा धनकर अिधिनयम के तदनुरपी पावधान। 11. 12. 13. 14. 15. 16. 17. 18. 19. 20. आयकर अिधिनयम के नए अिधिनयमनो / संशोधनो के िवरद िरट के रप मे संवैधािनक चुनौितयो को अटेड करना। उपयुरकत िवषयो के संबंध मे आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 110 के अंतगरत आदेश। सभी अभयावेदन, संसद पशन, पीएसी मामले, अधीनसथ िवधायन सिमित, सिचव सिमित, मंती समूह से पताचार तथा अनय मंतालयो से पापत, मंितमंडल िटपपिणयो पर िटपपिणयां। राषटपित के उदोधन, िवतत मंती के बजट भाषण, िवतत मंतालय की गितिविधयो पर िरपोटर, संसद सत के िलए िवधाई कायरकम के िलए सामगी का समेकन। वािषक आिथक सवेकण के िलए सामगी तैयार करना। वािषक आिथक संपादक सममल े न के िलए सामगी तैयार करना। पतयक कर कानूनो के पावधानो पर अधययन गिठत करना और पतयक करो के माधयम से राजसव के नए अवसरो की तलाश करना। सरकार दारा गिठत िविभन सिमितयो एवं आयोगो की िसफािरशो की जांच एवं कायारनवयन। कानून पािरत होने के बाद पहले वषर के दौरान िकसी पतयक कानून मे िनिहत नए पावधानो को सपषट करने वाले पिरपत/अनुदश े । राषटमंडल कर पशासन संघ से संबंिधत कायर। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23092624 इं टरकॉम : 5494 ओएसडी/अवर सिचव िनदेशक दूरभाष : 23093212 दूरभाष: 23093025 इं टरकॉम : 5468 इं टरकॉम : 5446 दूरभाष : 23092742 दूरभाष: 23093765 इं टरकॉम : 5469 इं टरकॉम : 5447 दूरभाष : 23092742 दूरभाष: 23092234 इं टरकॉम : 5470 इं टरकॉम : 5448 दूरभाष : 23093212 दूरभाष : 23092964 इं टरकॉम : 5471 इं टरकॉम : 5449 संयुकत सिचव दूरभाष : 23092859 इं टरकॉम : 5442 दूरभाष : 23092988 इं टरकॉम : 5444 सदसय (एल एंड सी) दूरभाष : 23092375 15. आयकर (जांच -।) अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. कर अपवंचन की सभी िशकायते िजसमे सांसदो एवं अनयो से पापत िशकायते शािमल है। कर अपवंचन रोकने के िलए उपाय। कर अपवंचन रोकने के िलए सुझाव। सवेकण की कारर वाई - सभी कर। के नदीय सूचना शाखाएं जांच एवं पवतरन एजेिसयो से संबंिधत अंतिवभागीय समनवय आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 269 से संबंिधत मामले जांच से संबंिधत ऐसे सभी मामले जो िविशषट रप से जांच II या III को आवंिटत नही है (अिभयोजन एवं पशासन के कायर को छोडकर जो ओएसडी (कानून) के पास है िजनकी सहायता एडीआई (अिभयोजन) दारा की जाती है) उपयुरकत कायर से संबंिधत सभी िशकायते/अभयावेदन, संसद पशन, पीएसी कायर, परामशरदाती एवं सलाहकार सिमित के कायर। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23095490 इं टरकॉम : 5490 सदसय (जांच) दूरभाष : 23094683 इं टरकॉम : 5427 अवर सिचव दूरभाष : 23095464 इं टरकॉम : 5464 िनदेशक दूरभाष : 23093902 इं टरकॉम : 5458 16. आयकर (जांच -II) अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. आयकर अिधिनयम की धारा 132, 132 क, एवं 132 ख से संबंिधत सांिखयकी एवं मामलो समेत तलाशी एवं जबती से संबंिधत सभी मामले (जांच III को संदिभत फलैश, वािषक एवं ितमाही िरपोटो से संबंिधत कायर)। 2. तलाशी मामलो / मूलयांकन की िनगरानी। 3. तलाशी एवं जबती के मामलो तथा कर िनधाररण के मामलो मे अिधकािरयो एवं कमरचािरयो को पुरसकृत करने से संबंिधत मामले। 4. उपयुरकत से संबंिधत सभी िशकायते / अभयावेदन, संसद पशन, पीएसी कायर, परामशरदाती एवं सलाहकार सिमित के कायर। 5. आयकर महािनदेशक (जांच) के अधीन जांच िनदेशालय के कायर की िनगरानी एवं समीका। 6. उपयुरकत के संबध ं मे धारा 119 के अंतगरत आदेश। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23095490 इं टरकॉम : 5490 अवर सिचव दूरभाष : 23092643 इं टरकॉम : 5460 िनदेशक दूरभाष : 23092616 इं टरकॉम : 5457 सदसय (जांच) दूरभाष : 23094683 इं टरकॉम : 5427 17. आयकर (जांच -III) अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. मुखबीरो को पुरसकार। 2. आयकर अिधिनयम की धारा 271 (4 क), 273 क, धनकर अिधिनयम की धारा 18(2 क)/18 ख तथा िवतत अिधिनयम, 1965 की धारा 68 एवं 24 तथा सवैिचछक पकटन योजना, 1975, सवैिचछक पकटन योजना, 1997 के अंतगरत सवैिचछक पकटन। 3. िनसतारण के सभी पुराने मामले तथा समसयाएं जो आयकर अिधिनयम के अधयाय XIX, धनकर अिधिनयम / उपहार कर अिधिनयम के अधयाय V क से संबंिधत है। 4. आयकर अिधिनयम के अधयाय XXI के अंतगरत अथरदड ं तथा पतयक कर अिधिनयम के अंतगरत तदनुरपी अथरदड ं से संबंिधत मामले। 5. िवशेष जांच एवं के नदीय पभार िनदेशालय का कामकाज तथा कायर की समीका (िजसमे मामले का के दीकरण एवं िवके दीकरण शािमल है)। 6. उपयुरकत के संबध मे आयकर अिधिनयम की धारा 119 के अंतगरत आदेश। 7. उपयुरकत से संबिधत सभी िशकायते, अभयावेदन, संसद पशन, पीएसी कायर तथा परामशरदाती एवं सलाहाकार सिमित के कायर। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 23094558 (सीएचआर) सदसय (जांच) दूरभाष : 23094683 अवर सिचव दूरभाष : 23092643 इं टरकॉम : 5460 िनदेशक दूरभाष : 23092616 इं टरकॉम: 5457 इं टरकॉम : 5427 18. ए एं ड पीएसी-। अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. आंतिरक एवं राजसव लेखा परीका से संबंिधत सभी सामानय मामले। 2. आंतिरक लेखा परीका / संगठनातमक ढांचे से संबंिधत मामले। 3. आयकर, िनगम कर, अितिरकत कर तथा बयाज कर (पिशचम बंगाल, कनारटक, गुजरात और उततर पिशचम केत पभार) के िविशषट मामलो पर लेखा परीका संबध ं ी आपिततयो पर भारत के िनयंतक एवं महालेखा परीकक से संदभर। 4. डबलयूटी, ईटी एवं उपहार कर पर िविशषट मामलो के संबंध मे लेखापरीका संबंधी आपिततयो पर भारत के सी एंड एजी से संदभर। 5. डबलयूटी, डीटी एवं वयय कर संबध ं ी िविशषट मामलो के संबंध मे लेखापरीका संबंधी आपिततयो के संबंध मे सीआईटी से संदभर। 6. आयकर, िनगम कर, अितिरकत कर तथा बयाज कर (पिशचम बंगाल, कनारटक, गुजरात और उततर पिशचम केत पभार) के संबंध मे िविशषट मामलो पर लेखा परीका संबंधी आपिततयो के संबंध मे सीआईटी से संदभर। 7. डबलयूटी, जीटी एवं ईटी से संबंिधत मामलो मे सी एंड एजी के कायारलय से लेखा परीका िरपोटर (राजसव पािपतयां) पतयक कर के िलए पारप लेखा परीका पैराओ की पोसेिसग। 8. आयकर, िनगम कर, अितिरकत कर तथा बयाज कर (पिशचम बंगाल, कनारटक, गुजरात और उततर पिशचम केत पभार) से संबंिधत वयिकतगत मामलो मे सी एंड एजी के कायारलय से लेखापरीका िरपोटर (राजसव पािपतयां) पतयक करो के िलए पारप लेखा परीका पैराओ की पोसेिसग। 9. सी एंड एजी की िरपोटर मे पकाशन के िलए अपेिकत सांिखयकी डाटा पापत करना और पसतुत करना तथा इस िसलिसले मे सीएजी एवं आयकर िवभाग के आयकर िनदेशक (आरएसपी एंड पीआर) तथा मंतालय के अनय अनुभागो से तालमेल सथािपत करना। 10. सी एंड एसीजी दारा संचािलत तथा सीएंडएजी की लेखापरीका िरपोटर मे शािमल पणाली समीका / मूलयांकन की पोसेिसग। 11. अनुभाग से संबंिधत लेखा परीका पैराओ के संबध ं मे पीएसी की बैठको के दौरान िदए गए अनौपचािरक आशवासनो पर कारर वाई। 12. पीएसी िरपोटो मे िनिहत िसफािरशो का समनवय, िनगरानी एवं पोसेिसग तथा कृ त कारर वाई नोिटस पसतुत करना। 13. उपयुरकत मदो पर संसद पशन। 14. आयकर अिधिनयम की धारा 72 क, 72 क(1), क(3), क(2) (ii) के अंतगरत िविनिदषट पािधकार से संबंिधत सभी मामले। 15. सदसय (ए एंड जे), सीबीडीटी के आंचिलक मामले। अनुभाग अिधकारी अवर सिचव दूरभाष : 26177567 दूरभाष : 26162147 इं टरकॉम : 704 (एचवीबी) इं टरकॉम : 905 (एचवीबी) सदसय (एएंडजे) दूरभाष : 23092831 इं टरकॉम : 5323 िनदेशक (पीएसी) दूरभाष : 26177537 इं टरकॉम : 903 (एचवीबी) 19. ए एं ड पीएसी-।। अनुभ ाग िवषयो की सूच ी: 1. आयकर, िनगम कर, अितिरकत कर एवं बयाज कर से संबंिधत लेखा परीका आपिततयो पर भारत के सी एंड एजी से संदभर (कनारटक एवं पिशचम बंगाल, गुजरात तथा, उततर पिशचम केत पभारो को छोडकर)। 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8. 9. 10. 11. आयकर, िनगम कर, अितिरकत कर एवं बयाज कर पर लेखा परीका की आपिततयो के संबंध मे आयकर आयुकतो से संदभर (कनारटक एवं पिशचम बंगाल, गुजरात तथा, उततर पिशचम केत पभारो को छोडकर)। आयकर, िनगम कर, अितिरकत कर एवं बयाज कर से संबंिधत मामलो मे सी एंड एजी के कायारलय से पापत लेखा परीका िरपोटर (राजसव पािपतयां) के िलए पारप लेखा परीका पैराओ की पोसेिसग (कनारटक एवं पिशचम बंगाल, गुजरात तथा, उततर पिशचम केत पभारो को छोडकर)। लोक लेखा सिमित की बैठक से पूवर एवं इसके बाद मे इसकी सूचना पापत करना एवं पसतुत करना। अनुभाग मे संवयवहत लेखा परीका पैराओ से संबंिधत लोक लेखा सिमित की बैठको के कम मे िदए गए अनौपचािरक आशवासनो पर कारर वाई करना। लोक लेखा सिमित की िरपोटो मे िनिहत िसफािरशो का समनवय एवं िनगरानी करना िजसमे अनुभाग मे संवयवहत लेखा परीका पैराओ पर कृ त कारर वाई िरपोटर शािमल है। उपयुरकत मदो पर संसद पशन। सी एंड एजी की िरपोटो तथा पीएसी की िरपोटो पर कृ त कारर वाई िरपोटे तैयार करना। ओ एंड एम िरपोटर / िववरणी समेत िविवध मदे। सी एंड एसीजी दारा संचािलत एवं सी एंड एजी की लेखा परीका िरपोटो मे शािमल पणाली मूलयांकन/ संवीका की पोसेिसग। भारत के सी एंड एजी एवं संसद की पीएसी के साथ समनवय से संबंिधत सभी मामले , िजसमे संपकर एवं पीआर शािमल है। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 26177552 इं टरकॉम : 703 (एचवीबी) सदसय (एएंडजे) दूरभाष : 23092831 इं टरकॉम : 5323 अवर सिचव िनदेशक (पीएसी) दूरभाष : 26162146 दूरभाष : 26177537 इं टरकॉम : 950 (एचवीबी) इं टरकॉम : 903 (एचवीबी) 20. िवदे श कर एवं कर अनुस ध ं ान पभाग िवषयो की सूच ी: 1. भारत एवं िवदेशो मे पतयक कर कानूनो से संबंिधत कर अनुसंधान। के नदीय पतयक कर बोडर के पुसतकालय के िलए िवदेश कर पभाग मे उतथान एवं अनुसंधान के पयोजनाथर पुसतके एवं पितकाएं मंगाना। 2. कर संिधयो से संबंिधत सभी मामले एवं संदभर। 3. कर संिधयो एवं सूचना िविनमय के नयायिनणरयन खंडो के अंतगरत सभी संदभर। 4. अिनवािसयो/अनय िवदेिशयो की कर देयता के संबंध मे सभी मामले / संदभर। 5. अिनवािसयो के साथ िवदेशी सहयोग करार से संबंिधत सभी मामले। 6. अिनवािसयो दारा कर पिरहार या अपवंचन की कायरपणाली का अधययन। 7. आर बी आई / फे रा के पािधकािरयो के साथ संपकर बनाए रखना। 8. भारत मे िवदेशी पितषठानो के पचालन से संबंिधत सांिखयकीय िववरणी / िरपोटे। 9. आयकर अिधिनयम के अधयाय XII क से संबंिधत सभी मामले। 10. यूएनओ/संबद िनकायो/कमरचािरयो की कर छू ट से संबंिधत सभी मामले एवं संदभर। 11. अिनवािसयो के साथ तकनीकी, िवततीय या वयावसाियक सहयोग करार के संबध ं मे िनवािसयो के मामले मे मूलयांकन की समसयाओ के संबंध मे सभी मामले एवं संदभर। 12. आयकर अिधिनयम, 1961 के िनमनिलिखत पावधानो से संबंिधत सभी मामले/संदभर अथारत: धारा 2(17) (vi), 2(30), 6(2), 9, 10 ए,10 बी, 10 सी, 10 डी,10 ई, 10(6), 10(7), 10(8), 10(9), 10(15), 40(ए)(i) और (iii), 42,44 बी,44 बीबी, 44 बीबीए, 44 बीबीबी, 44 सी, 44 डी, 44 डीए, 44 जी एंड 44 एच, 80 ओ, 80 आर, 80 आरआर, 80 आरआरए, 90,, 91, 92, 92 ए, 92 बी, 92 सी, 92 सीए, 92 डी, 92 ई और 92 एफ, 93, 115 ए, 115 एबी, 115 एसी, 115 बीबीए, 160(i), (।), 163, 172, 173, 182(3), 195, 13. 14. 15. 16. 17. 18. 19. 20. 230(9), 293 ए (िवदेशी कं पिनयो के संदभर मे), आयकर िनयमावली, 1962 का िनयम 10 तथा अिधिनयम की पहली अनुसच ू ी का िनयम 6 भारतीय कर कानूनो एवं कायरपणाली के बारे मे अंतरराषटीय संघो, िनकायो आिद को सूचना पसतुत करना। िवदेशो मे बस गए भारतीय मूल के वयिकतयो समेत अिनवािसयो के िलए वरणातमक करदाता शैिकक सामगी की तैयारी। जररत पडने पर आयकर अिधिनयम के पावधानो की वयाखया - अिनवािसयो के मामले मे अिगम िनयम। उपयुरकत िवषयो के संबंध मे आयकर अिधिनयम, 1961 की धारा 119 के अंतगरत आदेश। उपयुरकत िवषयो से संबंिधत सभी संसद पशन। राषटमंडल कर पशासन संघ के सेिमनार से संबंिधत कायर। पतयक कर से संबंिधत यूएन दारा आयोिजत कर सेिमनार से संबंिधत कायर। सी एंड एजी की िरपोटर मे शािमल पारप आिडट पैरा, आिडट पैरा तथा उन पर लोक लेखा सिमित की िसफािरश। एफटी एं ड टीआर-। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 26199028 इं टरकॉम : 701 (एचवीबी) अवर सिचव दूरभाष : 26183794 अवर सिचव दूरभाष : 26199027 िनदेशक संयुकत िसचव अधयक दूरभाष :26106879 (एचवीबी) दूरभाष : 26177558 दूरभाष : 26092648 एफटी एं ड टीआर -।। अनुभाग अिधकारी दूरभाष : 26164910 इं टरकॉम : 278 (एचवीबी) अवर सिचव दूरभाष : 26164910 इं टरकॉम : 205 (एचवीबी) िनदेशक संयुकत िसचव अधयक दूरभाष : 26199026 (एचवीबी) दूरभाष : 26104504 दूरभाष : 26092648 21. मुख य ालय एवं िशकायत पकोषठ िवषयो की सूच ी: 1. जनता या आयकर िवभाग के सटाफ से िशकायत यािचकाओ से संबंिधत सभी मामले। 2. िवभागीय पिशकण से संबंिधत सभी मामले। 3. कर तैयारकतार योजनाएं। 4. लोकपाल योजना से संबंिधत सभी मामले। 5. बडी करदाता यूिनट (एलटीयू) 6. अधयक, सीबीडीटी दारा सौपा गया कोई अनय कायर। िनदेशक (समनवय) दूरभाष : 26092282 इं टरकॉम : 5363 अधयक दूरभाष : 26092648 इं टरकॉम : 5421 पिरचय (आईटी पहल) 1. राजय एवं संघ राजय केतो के वािणिजयक कर पशासन के कं पयूटरीकरण की िमशन मोड पिरयोजना राषटीय ई-अिभशासन योजना का अंग है। वैट, सीएसटी आिद जैसे वािणिजयक करो के पशासन मे भारी संखया मे डीलरो की हैडिलग शािमल होती है जो उपभोकताओ से कर का संगहण करने एवं राजय के खातो मे उसे जमा करने के िलए राजय िवभागो की ओर से काम करते है। यह योजना उनके वािणिजयक कर पशासन िवभागो के कं पयूटरीकरण के िलए राजयो एवं संघ राजय केतो की सहायता के िलए है तािक वे वयापक केत आधार पर नेटविकत पिरवारो मे अपेिकत हाडरवेयर एवं अपलीके शन साफटवेयर तेजी से इंसटाल करने मे समथर हो सके । 2. योजना मे राजयो मे आधुिनक कर पशासन पिरवेश सृिजत करने की कवायद है जो उपयुकत रप से समथरकारी सूचना पौदोिगिक दारा समिथत है जो िनवेश, आिथक िवकास एवं भारत के साझे बाजार मे मांग एंव सेवाओ के मुकत पवाह की सुचालक है। योजना का उदेशय पहले से चल रही पहलो को शािमल करते हए सथानीय रप से अिभमत आवशयकताओ को समािहत करने के िलए लोच के साथ राजयो मे कमता का िनमारण करना है। इसका उदेशय सेवाएं पदान करने वाले लोगो को बेहतर िनषपादन करने मे समथर बनाने के िलए सभी पणधािरयो मे बेहतर सेवा सुपुदग र ी एवं कमता िनमारण का मागर पशसत करने वाली पमुख पिकयाओ को पिरवितत करना है तथा ऐसा करते समय यह पिकया िरइं जीिनयिरग के पित सेवा उनमुख दृिषटकोण अपनाता है। 3. योजना का पसताव आईटी अवसंरचना मे अिभिचिनहत अंतरो को शािमल करने के िलए सहायता पदान करना है तािक बुिनयादी करदाता सेवाओ की वेब आधािरत सुपुदग र ी संभव हो। योजना के अंतगरत समिथत गितिविधयां आिधकािरक डीलर इं टरफे स, पतयुततर समय मे कमी, तविरत सेवा सुपुदग र ी, लेनदेन लागत मे कमी, पारदिशता एवं जबावदेही मे वृिद का मागर पशसत करे गी। इस पिरयोजना के अंतगरत डीलरो को पदान करने के िलए पसतािवत मुखय ई-सेवाओ मे शािमल है: (1) (2) (3) (4) मूलय विधत कर (वैट) एवं के नदीय िबकी कर (सीएसटी) के अंतगरत ऑनलाइन पंजीकरण वैट, सीएसटी एवं कर िववरणी ऑनलाइन दािखल करना वयवसाय कर समेत वािणिजयक करो का ऑनलाइन भुगतान सीएसटी संबद घोषणापत/पमाणपत जारी करने के िलए ऑनलाइन आवेदन। फा.सं.31/12/2008-एसओ (एसटी) भारत सरकार िवतत मंतालय राजसव िवभाग नई िदलली, िदनांक 17 माचर, 2010 वािणिजय क कर पशासन के कं पय ूट रीकरण के िलए िमशन सव रपी पिरयोजना 1. पिरचय 1.1 राजय एवं संघ राजय केतो के वािणिजयक कर पशासन के कं पयूटरीकरण की िमशन मोड पिरयोजना राषटीय ई-अिभशासन योजना का अंग है। वैट, सीएसटी आिद जैसे वािणिजयक करो के पशासन मे भारी संखया मे डीलरो की हैडिलग शािमल होती है जो उपभोकताओ से कर का संगहण करने एवं राजय के खातो मे उसे जमा करने के िलए राजय िवभागो की ओर से काम करते है। यह योजना उनके वािणिजयक कर पशासन िवभागो के कं पयूटरीकरण के िलए राजयो एवं संघ राजय केतो की सहायता के िलए है तािक वे वयापक केत आधार पर नेटविकत पिरवारो मे अपेिकत हाडरवेयर एवं अपलीके शन साफटवेयर तेजी से इंसटाल करने मे समथर हो सके । 1.2 योजना मे राजयो मे आधुिनक कर पशासन पिरवेश सृिजत करने की कवायद है जो उपयुकत रप से समथरकारी सूचना पौदोिगिक दारा समिथत है जो िनवेश, आिथक िवकास एवं भारत के साझे बाजार मे मांग एंव सेवाओ के मुकत पवाह की सुचालक है। योजना का उदेशय पहले से चल रही पहलो को शािमल करते हए सथानीय रप से अिभमत आवशयकताओ को समािहत करने के िलए लोच के साथ राजयो मे कमता का िनमारण करना है। इसका उदेशय सेवाएं पदान करने वाले लोगो को बेहतर िनषपादन करने मे समथर बनाने के िलए सभी पणधािरयो मे बेहतर सेवा सुपुदग र ी एवं कमता िनमारण का मागर पशसत करने वाली पमुख पिकयाओ को पिरवितत करना है तथा ऐसा करते समय यह पिकया िर-इंजीिनयिरग के पित सेवा उनमुख दृिषटकोण अपनाता है। पसताव तैयार करते समय तथा योजना लागू करते समय सभी राजय िनमनिलिखत िदशािनदेशो का पालन करे गे। 2. लिकत सेव ाएं : 2.1 योजना का पसताव आईटी अवसंरचना मे अिभिचिनहत अंतरो को शािमल करने के िलए सहायता पदान करना है तािक बुिनयादी करदाता सेवाओ की वेब आधािरत सुपुदग र ी संभव हो। योजना के अंतगरत समिथत गितिविधयां आिधकािरक डीलर इं टरफे स, पतयुततर समय मे कमी, तविरत सेवा सुपुदग र ी, लेनदेन लागत मे कमी, पारदिशता एवं जबावदेही मे वृिद का मागर पशसत करे गी। इस पिरयोजना के अंतगरत डीलरो को पदान करने के िलए पसतािवत मुखय ई-सेवाओ मे शािमल है। अनुमान है िक योजना के कायारनवयन से राजय एवं संघ राजय केत अपने डीलरो को िनमनिलिखत सुिवधाएं पदान करने मे समथर होगे: 1. पंजीकरण के िलए ऑनलाइन आवेदन, इसकी तविरत पोसेिसग िजसमे पूछताछ की इलेकटािनक पसतुित शािमल है, यिद जररत हो, डीलरो दारा पतयुततरो की ऑनलाइन पसतुित तथा पणाली दारा इसकी पािपत और वेब पर आवेदन की िसथित जानने की सुिवधा। 2. पितदाय आवेदन की ऑनलाइन पसतुित, पंजीकरण के िलए ऑनलाइन आवेदन, इसकी तविरत पोसेिसग िजसमे पूछताछ की इलेकटािनक पसतुित शािमल है, यिद जररत हो, डीलरो दारा पतयुततरो की ऑनलाइन पसतुित तथा पणाली दारा इसकी पािपत और वेब पर आवेदन की िसथित जानने की सुिवधा। 3. डीलरो दारा िववरणी एवं आविधक िरपोटे ऑनलाइन दािखल करना, दािखल िववरिणयो / िरपोटो की सवत: पोसेिसग। 4. पतयेक राजय / संघ राजय केत के कम से कम पांच बैको के माधयम से कर का ईभुगतान। 5. 6. 7. 8. 9. अंतरारजयीय लेनदेन मे पयुकत पपत समेत अिधकांश पपतो का ऑनलाइन िनगरम, दािखल एवं पोसेिसग। पूछताछ की इलेकटािनक पसतुित, यिद जररत हो, डीलरो दारा ऑनलाइन पतयुततर की पसतुित, पणाली दारा इसकी पािपत तथा वेब पर िकए गए अनुरोध की िसथित जानने की सुिवधा। िशकायते ऑनलाइन दािखल करना और इसकी पोसेिसग िजसमे वेब पर िसथित जानने की सुिवधा शािमल है। राजय पोटरल पर लंिबत मूलयांकनो एवं अपीलो से संबंिधत सूचना का िनयिमत पदशरन। लैडलाइन, मोबाइल फोन नंबर एवं ईमेल पता पसतुत करने एवं अपडेट करने की सुिवधा। पोटरल पर वािणिजयक करो से संबंिधत सभी अिधिनयमो, िनयमाविलयो, अिधसूचनाओ, आदेशो, सपषटीकरणो आिद का पदशरन। 2.2 डीलरो को इन सुिवधाओ के अलावा, िवकिसत होने वाली पणाली िनमनानुसार मे समथर होगी: 1. 2. 3. 4. 5. 6. ईमेल/एसएमएस के माधयम से डीलरो को सवत: नोिटस एवं अनुसमारको का सृजन एवं सुपुदग र ी। िविभनन सतरो पर िविभनन मदो की लंिबता की सरल िनगरानी। डीलर लेजर का सृजन तथा अनय राजसव एजेिसयो के साथ सूचना िविनयम के माधयम से 360 िडगी पोफाइल का सृजन। वयवसाय आसूचना िरपोटो का सृजन। करदाता एवं आंतिरक लेखापरीका पणािलयो की िनगरानी। अनय राजसव एजेिसयो, बैको, खजानो, आिद के साथ सृजन की सरल एवं सुवयविसथत िहससेदारी। 3. अनुस रण िकए जाने के िलए अपेि कत मुख य िबनद ु : 3.1 इस योजना की सहायता से आईटी आधािरत पणािलयां िवकिसत करते समय राजयो एवं संघ राजय केतो से िवशेष रप से िनमनिलिखत का सुिनशचय करने की अपेका है: 1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. 4. अपलीके शन साफटवेयर मे वरीयत: एक के नदीकृ त वासतुिशलप है। यह िक एनईजीपी के अंतगरत सथािपत राजय डेटा सेटर, सवैन, सीएससी का अिनवायर रप से पयोग िकया जाता है। यिद इनमे से कोई ततकाल पयोग के िलए तैयार नही है, तो राजय/संघ राजय केत को पयोग के िलए इनके उपलबध होने के यथाशीघ बाद इनका पयोग करने की सपषट रणनीित बनानी होगी। यह सुिनिशचत करने के िलए एक उपयुकत आपदा समुतथान एवं कारोबार सततता योजना बनाई गई है िक लंबी िवदुत कटौती, बाढ, भूकंप, योजना के अंतगरत िनिधयां समापत होने के बाद वायरस हमले की िसथित मे भी पणाली 24X365 चले। पौदोिगकी अवरदता की रोकथाम तथा इं टरपोलोिरटी का सृजन करने के िलए खुले मानको एवं रपरे खाओ का पयोग िकया जाता है। अपलीके शन के पयोग के िलए तैयार होने के यथाशीध बाद मानकीकरण परीकण एवं गुणवतता पमाणन जैसी सवतंत एजेसी से अपलीके शन का पमाणन एवं परीकण िकया जाता है। पणाली इस तरह िवकिसत की जाती है िक यह माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के अबाध को पवजन को सुिवधाजनक बनाती है। सूचना पौदोिगकी िवभाग, भारत सरकार दारा समय-समय पर िनधारिरत मानको का कडाई से पालन िकया जाता है। राजय ो/संघ राजय केत ो से अपेि कत पितबदता 4.1 राजयो/संघ राजय केतो से िनमनिलिखत के संबंध मे अपने पणािलयो मे सपषट रप से अपनी पितबदता एवं सपषट कायर योजना का उललेख करने की अपेका होगी: कानूनो मे अपेिकत पिरवतरन करना (जैसे पपत, िववरणी आिद इलेकटािनक रप से दािखल करने मे सुिवधा पदान करने के िलए तथा ई-भुगतान करने के माधयम से कर एवं फीस आिद का भुगतान करने के िलए िडिजटल हसताकर के पयोग का पावधान)। 2. 31/3/2011 तक पैन संबद/आधािरत डीलर पंजीकरण पणाली मे पिरवतरन तथा अनय राजसव एजेिसयो के साथ सूचना के सीवन रिहत आदान पदान की अनुमित। 3. लेखा पेशेवर एवं कानूनी सेवा पदाता आिद जैसे पेशेवरो को अपने पिरसरो से सुिवधा के नद चलाने के िलए अिधकृ त करना। 4. पदान की जाने वाली सेवाओ तथा ऐसी पतयेक सेवा का सतर िनधारिरत करने के िलए पयोकताओ एवं पणधािरयो से युकत एक सलाहकार सिमित गिठत करना। 5. िविभनन वेब आधािरत सेवाएं पदान करने की समय सीमा का उललेख करते हए एक नागिरक चाटरर बनाना एवं जारी करना। 6. िकसी बाहरी एजेसी से वािषक आधार पर सेवा सुपुदग र ी के िनषपादन का मूलयांकन कराना तथा वरीयत: सवयं राजय पोटरल पर िनषकषो को सावरजिनक केत मे डालना। 7. सेवाओ की सुपुदग र ी की दीघारविधक संपोषणीयता सुिनिशचत करने के िलए सपषट योजना बनाना एवं इं िगत करना। 8. अपनाई जाने वाली सपषट कायारनवयन रपरे खा को अंितम रप देना, उदाहरण के िलए आंतिरक सावरजिनक िनजी साझेदारी, गितिविधयो का बिहसोतन आिद। 9. पिरयोजना ई-िमशन टीम का गठन करना और एनईजीपी के िदशािनदेशो के अनुसार राजय एवं उपराजय सतर पर अपेिकत जनशिकत की तैनाती। 10. डीलरो समेत सभी पणधािरयो के कमता िनमारण, जागरकता सृजन, पिशकण एवं पबोधन के िलए अपेिकत सभी कदम उठाना। 11. नीचे पैरा 5.4 मे पिरयोजना अिधकृ त सिमित दारा जो भी शते तय की जाएं उनका पालन करना। 12. पीईसी दारा िनधारिरत समय सीमा के अंदर िनिधयो का पयोग करना। 1. 5. पिरयोजनाओ की पसत ुि त एवं अनुम ोदन 5.1 योजना के अंतगरत िनिधयां पापत करने के िलए पिरयोजना पसताव संबंिधत राजय / संघ राजय केत दारा समय-समय पर िवभाग दारा जारी िदशािनदेशो एवं अनुदश े ो के अनुसार तैयार िकए जाएंगे तथा िनदेशक (राजय कर), राजसव िवभाग को पसतुत िकए जाएंगे। 5.2 सभी पिरयोजना पसतावो मे पसताव की पमुख िवशेषता का उललेख करते हए एक कायरकारी सारांश होना चािहए। पसताव की पमुख िवशेषताएं संलगन पारप 1, 2, 3 (कमश: अनुबंध 1, 2, एवं 3) मे संकप े मे पसतुत की जाएंगी तथा पिरयोजना पसताव मे अिनवायर रप से शािमल की जाएंगी। 5.3 योजना के अंतगरत िजन मदो/गितिविधयो के िलए समथरन/िनिधयन उपलबध नही है उनहे अनुबंध IV मे सूचीबद िकया गया है तािक इनहे तैयार पिरयोजना पसताव मे शािमल न िकया जाए तथा योजना के अंतगरत िवचाराथर पसतुत न िकया जाए। 5.4 राजसव सिचव की अधयकता मे पिरयोजना अिधकृ त सिमित (पीईसी) वयिकतगत पिरयोजनाओ पर िवचार करने एवं अनुमोिदत करने के िलए गिठत की गई है। इस पिरयोजना अिधकृ त सिमित की संरचना नीचे दी गई है: 1. राजसव सिचव अधयक 2. 3. 4. 5. 6. 7. अपर सिचव (राजसव) संयुकत सिचव एवं एफए, सीबीईसी महािनदेशक (पणाली), सीबीईसी महािनदेशक (पणाली), सीबीडीटी आईटी िवभाग का एक पितिनिध संयुकत सिचव (राजसव) सदसय सदसय सदसय सदसय सदसय सदसय सिचव इस सिमित की बैठक मे िजस राजय/संघ राजय केत के पसताव पर िवचार िकया जाएगा उसके वैट/वािणिजयक कर िवभाग के पभारी सिचव को पिरयोजना अिधकृ त सिमित की संबंिधत बैठक मे िवशेष आमंितती के रप मे बुलाया जा सकता है। 5.5 पिरयोजना अिधकृ त सिमित राजयो/संघ राजय केतो के िलए वयिकगत पिरयोजना संसवीकृ त करने के अलावा, राजयो की िविभनन एजेिसयो के बीच डाटा के िहससेदारी से संबंिधत पिरयोजना भी संसवीकृ त कर सकती है। पिरयोजना अिधकृ त सिमित अनय राजयो/संघ राजय केतो की पिरयोजनाओ के िलए िकसी िविशषट राजय/संघ राजय केत के िलए अनुमािनत लागत से बचत, यिद कोई हो, का पयोग करने के िलए भी अिधकृ त होगी। ऐसी बचत का पयोग पूवोततर राजयो (िजनहे नीवैट के अंतगरत सहायता दी जा रही है), िहमाचल पदेश एवं जममू व कशमीर (िजनहे एक अलग पिरयोजना के अंतगरत सहायता दी जा रही है) तथा ऐसे राजयो/संघ राजय केतो के िलए पिरयोजनाएं संसवीकृ त करने के िलए िकया जा सकता है जो दूसरी अविध के दौरान पसताव भेज सकते है। 6. पिरयोजना अविध एवं िनिधयन पैट नर: 6.1 राजय/संघ राजय केत की पिरयोजनाएं सामानयतया 3 साल के िलए संसवीकृ त की जाएंगी। कु छ िवशेष पिरिसथितयो/कारणो की िसथित मे, पिरयोजना के कायारनवयन की अविध अिधकतम 4 साल तक बढाई जा सकती है। 6.2 पिरयोजना का घटकवार िनिधयन नीचे िदए गए मानदंड के अनुसार होगा: कं सं. घटक 1 2 3 4 5 6 राजयो के िलए पिरयोजना लागत के पितशत के रप मे सुझाया गया अनुमान साइट तैयार करना 10% नेटवकर उपकरण एवं बैटरी 45% वैकअप समेत हाडरवेयर साफटवेयर संबद लागत 20% पिरयोजन ई-िमशन टीम, 20% परामशर एवं जनशिकत, संसवीकृ ित की तारीख से दो वषर तक आरएंडएम के िलए लागत अिधकािरयो का कमता 4% िनमारण, पणधािरयो का आईईसी पमाणन, िनषपादन 1% मूलयांकन आिद राजय के िलए पिरयोजना लागत के पितशत के रप मे अनुमान की ऊपरी सीमा 15% 70% घटक की लागत का के नदीय िहससा 30% 30% 75% 50% 4% 50% 1% 50% 50% 75% 6.3 यिद 1/4/2007 से राजयो/संघ राजय केतो दारा िकए गए अनावती वयय को गाह माना जाता है, तो उसका रे टो िनिधयन होगा। जनशिकत, पचालन एवं अनुरकण आिद जैसी साफट कासट रे टो िवततपोषण के िलए पात नही होगी। 1/4/2007 के बाद राजयो दारा िकए गए अनावती वयय का यह रे टो िवततपोषण उपयुरकत पैरा मे उिललिखत घटकवार सीिलग एवं पिरयोजना अिधकृ त सिमित दारा अनुमोिदत के अनुसार होगा। 7. िनगरानी: 7.1 इस पिरयोजना के िलए राजसव िवभाग मे एक पिरयोजना िनगरानी यूिनट गिठत की जाएगी। पीएमयू के मुिखया संयुकत सिचव (राजसव) होगे। िनदेशक (राजय कर) इसके सदसय सिचव होगे। इस पीएमयू मे अनय सदसय आवशयकतानुसार शािमल िकए जाएंगे। पीएमयू राजयो/संघ राजय केतो दारा पसतुत पिरयोजना पसताव के समुिचत मूलयांकन एवं अनुमोदन मे पिरयोजना अिधकृ त सिमित की सहायता करे गा। पीएमयू ितमाही आधार पर संसवीकृ त पिरयोजनओ की पगित की भी िनगरानी करे गा। जररत पडने पर पीएमयू केत का दौरा भी कर सकता है। 7.2 राजसव िवभाग मे इस पीएमयू के अलावा, राजयो/संघ राजय केतो से पिरयोजना के कायारनवयन के मागरदशरन एवं सबसे दक ढंग से पिरयोजना गितिविधयो के सफल िनषपादन के िलए अपेिकत सभी कदम उठाने के िलए एनईजीपी िदशािनदेश के अनुसार पिरयोजना ई-िमशन टीम भी गिठत करने की अपेका होगी। 8. िनिधयां जारी करने का पैट नर: योजना के अंतगरत िनिधयां िनमनिलिखत आधार पर जारी की जाएंगी: िनिधयो के के नदीय िहससे का िनगरम मुखयत: मीलपतथरो की उपलिबध तथा अनुबंध III मे उिललिखत पैटनर के अनुसरण से संबद होगा। (ii) संबंिधत राजय/संघ राजय राजय केत से के नदीय िहससे के िनगरम के 30 िदन के अंदर समतुलय राजय िहससा जारी करने की अपेका होगी। िहससे के परोक िनगरम के िलए समतुलय राजय िहससा के नदीय िहससा िनगरम का कु छ अनुपात रखेगा, जो समग राजय िहससा एवं के नदीय िहससा के िलए मौजूद है। (iii) के नदीय िहससे की पहली िकसत पिरयोजना अिधकृ त सिमित दारा पिरयोजना के अनुमोदन के ठीक बाद जारी की जाएगी। (iv) के नदीय िहससे की उततरवती िकसते तभी जारी की जाएंगी जब अनुमोिदत गितिविधयो पर कु ल उपलबध िनिध (के नद एवं राजय िहससा) का 60 पितशत खचर हो चुका होगा। (v) जारी िनिधयो पर पोदभूत बयाज की रािश को पिरयोजना िनिध का िहससा माना जाएगा तथा लेखाओ के अनुरकण, वयय िरपोिटग एवं उपयोग पमाणपत, लेखापरीका िरपोटर आिद की पसतुित के समय सपषटत: दशारया जाएगा। (vi) अनुबंध v एवं vi के अनुसार कमश: भौितक एवं िवततीय पगित िरपोटो की समय पर पसतुित के नदीय िहससे की सभी परवती िकसतो की िनमुरिक के िलए आवशयक है। (vii) आवशयक समझे जाने पर अपने िकसी अिधकारी/एजेसी से पिरयोजना गितिविधयो की जांच करना राजसव िवभाग के िलए खुला होगा। पिरयोजना गितिविधयो का समुिचत िनषपादन सुिनिशचत करने के िलए समय-समय पर िकसी राजय/संघ राजय केत को पिरयोजना गितिविधयो के संबध ं मे कोई िनदेश जारी करना भी राजसव िवभाग के िलए खुला होगा। (viii) िकसी राजय दारा अनुपयुकत या अिनयिमत रप से पयुकत िनिधयो की वसूली करना भी राजसव िवभाग के िलए खुला होगा। योजना के अंत गरत वय य (i) 9. 9.1 योजना के अंतगरत वयय मांग संखया 41, राजसव िवभाग से बजट पावधानो से पूरा िकया जाएगा। 9.2 पितभागी राजयो के िलए, वयय मुखय शीषर: 3601.01.113.05 ''वैट संबंधी वयय के िलए संघ राजय केतो को अनुदान'' : 00.31- सहायता अनुदान के अंतगरत मांग उपशीषर ''संघ राजय केत पशासनो को सहायता अनुदान'' के अंतगरत पावधानो से पूरा िकया जाएगा। 9.3 पितभागी संघ राजय केतो के िलए वयय मुखय शीषर: 3602.01.113.05 ''वैट संबंधी वयय के िलए संघ राजय केतो को अनुदान'' : 00.31- सहायता अनुदान के अंतगरत मांग उपशीषर ''संघ राजय केत पशासनो को सहायता अनुदान'' के अंतगरत पावधानो से पूरा िकया जाएगा। 10. लेख ापरीका 10.1 योजना के अंतगरत िनिधयो का िनगरम एजी तथा राजसव िवभाग दारा चयिनत िकसी एजेसी की लेखापरीका के अधीन होगा। 10.2 संबंिधत राजय/संघ राजय केत दारा िनयुकत सनदी लेखाकार वािषक आधार पर पिरयोजना की िवततीय लेखापरीका करे गा। लेखा परीकक की िटपपणी पर कृ त कारर वाई समेत लेखापरीका िरपोटर संबंिधत राजय को पतयेक िवतत वषर की समािपत से 3 माह के अंदर पसतुत करनी होगी। (िशखर अगवाल) िनदेशक (राजय कर) अनुब ंध -।। कं सं. 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 मद ई-पंजीकरण पसताव पहले ही आरं भ/- 2010 से आरं भ करने की योजना ई-पितदाय पहले ही आरं भ/- 2010 से आरं भ करने की योजना ई-िववरणी पहले ही आरं भ/- 2010 से आरं भ करने की योजना 5 बैको के माधयम से ई-भुगतान पहले ही आरं भ/- 2010 से आरं भ करने की योजना पपतो का आनलाइन िनगरम एवं पोसेिसग पहले ही आरं भ/- 2010 से आरं भ करने की योजना ई िनवारण सेवाएं पहले ही आरं भ/- 2010 से आरं भ करने की योजना सवतंत एजेसी से अपलीके शन का पमाणन िनयोिजत/अिनयोिजत एवं परीकण राजय डाटा के नदो का पयोग िकया गया/िनयोिजत/अिनयोिजत (कारण) सवैन का पयोग िकया गया/िनयोिजत/अिनयोिजत (कारण) सामानय सेवा के नदो (सीएससी) का पयोग िकया गया/िनयोिजत/अिनयोिजत (कारण) आपदा समुतथ ान साइट (सथान का उललेख पहले से िकयाशील/ - पर िनयोिजत करे ) पिरयोजना के अंतगरत िनयोिजत ई-सेवा िकया गया/ - 2010 तक िकया जाएगा शुर करने मे सुिवधा पदान करने के िलए वैट अिधिनयम/िनयमावली, खजाना संिहता आिद जैसे सभी कानूनो मे आवशयक पिरवतरन सुिनिशचत करने की तारीख/माह सुिवधा के नद चलाने के िलए पेशेवरो एवं िकया गया/ - 2010 से आरं भ करने की कानूनी सेवा पदाताओ का पािधकार योजना िकस तारीख तक 80 पितशत वैट डीलर के - 2010 पैन नमबर संगिहत िकये जाएंगे। पयोकताओ/पणधािरयो की सलाहकार िकया गया/िनयोिजत (- 2010 तक सिमित का गठन िकयाशील िकया जाएगा। ई-सेवाओ के िलए नागिरक चाटरर का िनगरम िकया गया/िनयोिजत (- 2010 तक जारी िकया जाएगा। कायारनवयन रणनीित पीईएमटी को पूणरत: िकयाशील बनाने की ितिथ कमता िनमाणर, पिशकण एवं जागरकता सृजन 19 20 बीओओटी माडल/ हाडरवेयर की सीधी खरीद एवं चयिनत वेडर के माधयम से साफटवेयर का िवकास िकया गया/ - 2010 तक िकया जाएगा। िनयोिजत के नद ीय लोक सूच ना अिधकािरयो का नाम, पदनाम एवं अनय बय ौरा • राजसव मुखयालय • • • • • • के नदीय उतपाद शुलक एवं सीमा शुलक बोडर के नदीय उतपाद शुलक एवं सेवाकर अपील अिधकरण (सीसटेट) िनपटारा आयोग (आयकर) जबत संपितत के िलए अपील अिधकरण (एटीएफपी) शी पंकज गुपता, रिजसटार, एटीएफपी, चौथी मंिजल, लोकनायक भवन, खान माके ट, नई िदलली दूरभाष : 2460 3309, 2461 5488 साफे म (एफओपी) अिधिनयम के अंतगरत सकम पािधकारी पबंध सिमित मैन ुअ ल सं. 16 राजसव िवभाग समनव य अनुभ ाग (सूचना का अिधकार अिधिनयम, 2005 की धारा 4(1)(ख) (xvi) देख)े राजसव मुखयालय के के नदीय लोक सूचना अिधकािरयो का नाम, पदनाम एवं अनय बयौरा क. सं. 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 नाम, पदनाम एवं पता सुशी अनुजा सारं गी, िनदेशक (टीसी/समनवय), कमरा नं. 51-1, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली (दूरभाष: 23092282) शी एल के गुपता, िनदेशक (टीसी), कमरा नं. 225-सी, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली, (दूरभाष: 23092878) शी मुकुल िसघल, िनदेशक (एचकयू), कमरा नं. 49-ए, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली, (दूरभाष: 23092504) शी के के सबरवाल िनदेशक (िफन/डीटी), कमरा नं. 70-बी, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली, (दूरभाष: 23093269) शीमती मधु शमार िनदेशक (राजभाषा), कमरा नं. 264-ए, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली, (दूरभाष: 23092499) शी पी वी सुबबा राव, उप सिचव, (एनसी), कमरा नं. 48-ए, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली, (दूरभाष: 23092686) शी संजय िसह, डीएफए (िफन/ईसी), कमरा नं. 71-बी, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली (दूरभाष: 23093978) शी वी पी भारदाज, उप सिचव, (पशा.), कमरा नं. 66-ए, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली (दूरभाष: 23093050) शी के एस शमार, उप सिचव, (पीआईटीएनडीपीएस), कमरा नं. 26, राजसव िवभाग, चचर रोड हटमेटस, नई िदलली (दूरभाष: 23093990-91) शी एस के िसह, उप सिचव, (संसद एवं आरएंडआई), कमरा नं. 276-ई, राजसव िवभाग, नाथर बलाक, नई िदलली (दूरभाष: 23093823) शी आर एल मीणा, एसटीओ(आरए), कमरा नं. 24, जीवन दीप िबिलडग, राजसव िवभाग, नई िदलली (दूरभाष: 23362749) नई िदलली, 4 अकटूबर, 2005 फा.सं.12/39/2005-समनवय क. सं. 1 नाम, सवरश ी/सुश ी मोिहनदर िसह पदनाम कायारल य का पता व फोन नं. सहायक रिजसटार सीमाशुलक, उतपादशुलक एवं सेवाकर, अपील अिधकरण, वेसट बलाक नं.11, आर के पुरम, नई िदलली-110066 फोन: 011-26103624 2 टी. िवशव पकाश सहायक रिजसटार सीमा शुलक, उतपाद शुलक एवं सेवाकर, अपील अिधकरण, तीसरी,चौथी,पांचवी मंिजल, जय सेटर, 34, पीडी मेलो रोड, मिसजद (ईसट), मुमबई-400009 फोन: 022-2371684 3 िबनीष कु मार के .एस. सहायक रिजसटार सीमाशुलक, उतपादशुलक एवं सेवाकर, अपील अिधकरण, नं.26, हाडवेस रोड, शासती भवन-एनेकसी, पहली मंिजल, चेननई-600006 फोन: 044-28252306, 28234293 4 टी.के . सरकार सहायक रिजसटार सीमा शुलक, उतपाद शुलक एवं सेवाकर, अपील अिधकरण, 169, एजेसी बोस रोड, बमबू िवला, सातवी मंिजल, कोलकाता-14 फोन: 033-22849853 5 पी. नागराजन सहायक रिजसटार सीमाशुलक, उतपादशुलक एवं सेवाकर, अपील अिधकरण, पहली मंिजल, डबलयूटीसी िबिलडग, एफके सीसीआई कामपलेकस , के जी रोड, बंगलौर-5660009 फोन: 080-22385861, 22353582 फाइल संख य ा ए 10019/2/05-एससी भारत सरकार िवतत मंत ालय राजसव िवभाग उतप ाद शुल क एवं सीमा शुल क समझौता आयोग िदनांक 10.11.2005 सावरज िनक सूच ना सं. 01/2005 जनता का धयान सूचना का अिधकार अिधिनयम, 2005 की ओर आकिषत िकया जाता है जो लोक पािधकरणो के िनयंतण के अधीन सूचनाओ तक सुरिकत पहंच के िलए नागिरको को सूचना का अिधकार पदान करता है। सूचना का अिधकार अिधिनयम की धारा 4(1)(ख) के अनतगरत सूचना वेबसाइट www.finmin.nic@the_ministry/dept_revenue/ headquarters/ settlement commission2/rtisection.htm पर उपलबध है। 2. उतपाद शुलक एवं सीमा शुलक समझौता आयोग नई िदलली मे अपने मुखयालय तथा मुंबई, कोलकाता तथा चेननई मे अितिरकत शाखाओ के साथ उतपाद शुलक एवं सीमा शुलक के भुगतान से संबंिधत मामलो मे उठने वाले िववादो के िनपटारे के िलए कायर कर रहा है। यह जनता की सूचना के िलए है िक आयोग के संबध ं मे सूचना के पसार के िलए सूचना का अिधकारी अिधिनयम, 2005 की धारा 5 के अनतगरत िनमनिलिखत अिधकािरयो को सूचना अिधकारी के रप मे नािमत िकया गया है: के नद ीय जन सूच ना अिधकारी अिधकारी का नाम क. सं. 1. पधान नयायपीठ, िदलली नई शी परिमदर िसह सोढी, अपर आयुकत (सीसीईएससी के दू र भाष संख य ा 011-24103854 (टेलीफै कस) िलए नोडल अिधकारी) 2. अितिरकत नयायपीठ, शी यशोधन वानगे, 022-26571616 अितिरकत अपर आयुकत नयायपीठ, शी जे. सी. िमशा, 033-23581918 मुंबई 3. कोलकाता 4. अितिरकत संयुकत आयुकत नयायपीठ, शी पी. के . गोसवामी, चेननई 033-23581919 044-25216137 अपर आयुकत के नद ीय सहायक जन सूच ना अिधकारी अिधकारी का नाम क. सं. 1. नई शी डी. के . वमार, 011-26889463 अितिरकत एसआईओ नयायपीठ, शी एम. ए. दारदाले, 022-26571919 अितिरकत एओ नयायपीठ, शी पी. के . मुखजी, 033-23581918 पधान नयायपीठ, िदलली 2. मुंबई 3. कोलकाता 4. चेननई 4. दू र भाष संख य ा अितिरकत एसआईओ नयायपीठ, शी एस. के , राजगोपालन, 033-23581919 044-25216136 एसआईओ इसके अितिरकत यह सूिचत िकया जाता है िक सूचना के िलए अनुरोध के नदीय जन सूचना अिधकारी अथवा के नदीय सहायक सूचना अिधकारी को िलिखत मे िकया जाएगा। आवेदन शुलक से साथ कोई अनुरोध पापत होने पर के नदीय जन सूचना अिधकारी अनुरोध पापत होने के यथाशीघ िकनतु हर हालत मे 30 िदनो के भीतर यथा िनधारिरत शुलक के भुगतान पर या तो सूचना पदान करे गा अथवा कारणो का सपषट उललेख करते हए अनुरोध को असवीकार करे गा। 5. के नदीय जन सूचना अिधकारी के िनणरय के िखलाफ अिधाािनयम की धारा 19 के तहत िनणरय पापत होने के 30 िदनो के भीतर अपीलीय पािधकारी के समक अपील दािखल िकया जा सकता है। दािखल अपीलो के िनपटान के िलए िनमनिलिखत अिधकािरयो को अपीलीय पािधकारी के रप मे नािमत िकया गया है:क. केत ािधकार अिधकारी का नाम दू र भाष संख य ा पधान नयायपीठ, शी अशोक कु मार गुपता, आयुकत, 011-24106625 नई िदलली सीसीईएससी, नई िदलली सं. 1 011-26883095 (फै कस) 2 अितिरकत नयायपीठ, शी टी. चेननई आयुकत, 044-25216138 सोमसुंदरम, 044-25216137 सीसीईएससी, चेननई (फै कस) 3 अितिरकत नयायपीठ, शी वी. मुंबई के . शमार, उपाधयक, 022-26573000 सीसीईएससी, मुंबई 022-26573001 022-26572425 (फै कस) 4 अितिरकत नयायपीठ, शी आर. मुखोपाधयाय, उपाधयक, 033-23581918 कोलकाता सीसीईएससी, कोलकाता 033-23581933 (फै कस) इसे माननीय अधयक, सीसीईएससी के अनुमोदन से जारी िकया जाता है। ( अशोक कु मार गुप त ा) सिचव पितिलिप: अंगेजी पाठानुसार पेिषत। फाइल संख य ा ए 10019/1/05-एससी भारत सरकार िवतत मंत ालय राजसव िवभाग उतप ाद शुल क एवं सीमा शुल क समझौता आयोग िदनांक 14.2.2006 सावरज िनक सूच ना सं. 01/2005 िदनांक 10.11.05 के संब ंध मे शुि दपत सं. 2 उकत सावरजिनक सूचना मे पैरा 2 मे सारणी 1 को िनमनिलिखत रप मे पढा जाए: के नद ीय जन सूच ना अिधकारी अिधकारी का नाम क. सं. अिधकार केत 1. पधान नयायपीठ, िदलली 2. 3. नई सुयकत आयुकत (सीसीईएससी के 011-24103854 (टेलीफै कस) िलए नोडल अिधकारी) अितिरकत नयायपीठ, शी यशोधन वानगे, 022-26571616 मुंबई संयुकत आयुकत नयायपीठ, शी एस. पी. िमशा, 033-23581918 अितिरकत कोलकाता 4. दू र भाष संख य ा अितिरकत चेननई संयुकत आयुकत 033-23581919 नयायपीठ, शी पी. के . गोसवामी, 044-25216137 अपर आयुकत तथा पैरा 5 मे सारणी को िनिमलिखत रप मे पढा जाए: क. अिधकार केत पधान नयायपीठ, सीपीआईओ के िनणरय के संब ंध दू र भाष संख य ा मे अपीलीय पािधकारी का नाम शी अशोक कु मार गुपता, आयुकत, 011-24106625 नई िदलली सीसीईएससी, नई िदलली सं. 1 011-26883095 (फै कस) 2 अितिरकत नयायपीठ, शी टी. चेननई सोमसुंदरम, सीसीईएससी, चेननई आयुकत, 044-25216138 044-25216137 (फै कस) 3 अितिरकत नयायपीठ, शी पी. के . मुंबई िसरोही, सीसीईएससी, मुंबई आयुकत 022-26573000 022-26573001 022-26572425 (फै कस) 4 अितिरकत नयायपीठ, शी सी. एम. मेहरा, आयुकत, 033-23581918 कोलकाता सीसीईएससी, कोलकाता 033-23581933 (फै कस) ( अशोक कु मार गुप त ा) सिचव िनयम पुि सतका - XVI जन सूच ना अिधकारी का नाम शी राजीव रं जन सहायक आयुकत सकम पािधकारी, एसएएफईएमए एवं एनडीपीएसए का कायारलय 9 वां तल, लोक नायक भवन, खान माके ट, नई िदलली दूरभाष सं. 24655807 िनयम पुि सतका - XVI सीसीएफ संग ठन के जन / सहायक सूच ना अिधकािरयो के नाम , पते व अनय िववरण क. नाम व पदनाम नािमत पद कायारल य का पता दू र भाष सं. स. 1 शी ए. के . जन सूचना सरकारी अफीम एवं 011- सकसेना, अिधकारी/सीपीआईओ महापबंधक कारखाना, 26417475 कारोद हाउस, 011- सरसवती (वािणिजयक) 5 वां तल, नेहर पलस े , 27, 26420841 नई िदलली-110019 डी. सहायक जन अिधकारी चौधरी, सहायक 2 शी 3 मुखय कारखाना िनयंतक शी पी. डी. सहायक जन अिधकारी बमनानी, वी. पशासिनक अिधकारी 4 सूचना -पूवोकत- सूचना सरकारी अफीम एवं 0751कारोद कारखाना, 2368125 11/77, माल, 0751मोरा, गवािलयर, 2368347 474006 (म. प.) सूचना सरकारी अफीम एवं 0548- चनद, जन अिधकारी/सीपीआईओ महापबंधक शी पेम कारोद गाजीपुर 5 6 7 शी शयामधर पबंधक सहायक जन अिधकारी -पूवोकत- कारखाना, (उ.प.) 2220237 िपन-233001 सूचना सरकारी अफीम एवं 0548कारोद कारखाना, 2221201 गाजीपुर (उ.प.) िपन-233001 सूचना सरकारी अफीम एवं 07423डा. साधना जन अिधकारी/सीपीआईओ कारोद कारखाना, बनजी 220199 महापबंधक नीमच (म. प.) शी एच. कनाडे पबंधक पी. सहायक जन अिधकारी िपन-458441 सूचना सरकारी अफीम एवं 07423कारोद कारखाना, 220444 नीमच (म. प.) िपन-458441 पसत ावना ( भारतीय सट ांप अिधिनयम) 1. भारतीय सटांप अिधिनियम, 1899 (1899 का 2) एक राजकोषीय अिधिनयम है जो लेख िरकािडग संवयवहारो पर सटांप के रप मे कर लगाने से संबंिधत कानून बनाता है और संघ दारा संघ सूची (यथा िविनमय का िबल, चेक, पोनोट, लदान का िबल, के िडट पत, बीमा पािलसी, शेयर का हसतांतरण, िडबेचर, पितिनिध पत एवं पिपयां) के लेख 91 मे िविनिदषट लेखो पर सटांप शुलक लगाया जाता है। उपरोकत संघ सूची के लेख 91 मे उिललिखत लेखो के अितिरकत अनय लेखो पर सटांप शुलक राजय सूची के लेख 63 के अनुसार राजयो दारा लगाया जाता है। शुलक की दरो से संबंिधत पावधानो के अितिरकत अनय पावधान समवती सूची के लेख 44 के पभाव से संघ तथा राजय दोनो के वैधािनक शिकयो के अनतगरत आता है। सभी लेखो पर सटांप शुलक संबंिधत राजयो दारा संगहीत एवं धािरत िकया जाता है। 2. भारतीय सटांप अिधिनयम, 1899 की शुरआत से लेखो के उपयोग मे बडे पैमाने पर बदलाव आने के कारण इस अिधिनयम के कु छ पावधानो मे संशोधन की आवशयकता कु छ समय से महसूस की जा रही है। िविध आयोग ने 1976 मे पसतुत अपनी 76 वी िरपोटर मे इस संबंध मे बहत िसफािरश की थी। इस कानून को समय के अनुकूल बनाने के िलए अब भारतीय सटांप अिधिनयम,1899 मे वयापक संशोधन करने के िलए पयास िकए जा रहे है। पसत ावना ( वसत ु एवं सेव ा कर) 1. एफआरबीएम अिधिनयम, 2003 के कायारनवयन पर के लकर टासक फोसर ने यह सपषट िकया िक यदिप भारत मे अपतयक कर नीित 1986 से वैट िसदांत की िदशा मे िनरं तर पगित कर रहा है तथािप वसतुओ एवं सेवाओ के कराधान की िवदमान पणाली मे अभी भी कई समसयाएं है और वैट िसदांत पर आधािरत एक िवसतृत वसतु एवं सेवा कर (जीएसटी) का सुझाव िदया। जीएसटी पणाली को अपतयक कराधान का सरल, पारदशी एवं दक पणाली बनाने का लकय है जैसा िक िवशव के 130 से अिधक देशो दारा अपनाया गया है। इसमे वसतुओ एवं सेवाओ के एकीकृ त तरीके से कराधान शािमल है कयोिक वसतुओ एवं सेवाओ के मधय सीमा रे खा की असपषटता ने अतािकक रप से वसतुओ एवं सेवाओ के कराधान को अलग कर िदया है। 2. के नद और राजयो के िवदमान िविवध कर संरचनाओ को पितसथािपत करने के िलए एक वसतु एवं सेवा कर (जीएसटी) की शुरआत न के वल वांछनीय है बिलक उभरते हए आिथक पिरदृशय मे अिनवायर भी है। वसतुओ के उतपादन तथा िवतरण मे सेवाओ का िवलोमत: उततरोततर उपयोग या उपभोग होता है। सेवाओ के पृथक कराधान मे पाय: संवयवहार मूलय को कराधान हेतु वसतुओ एवं सेवाओ के मूलय मे िवभािजत करने की अवशयकता पडती है िजससे और अिधक जिटलता आती है और पशासन एवं अनुकूलता लागत बढ जाती है। िविभनन के नद एवं राजय करो के जीएसटी पणाली मे एकीकरण से संगहीत कर इनपुट के िलए पूणर के िडट देना संभव हो पाएगा। जीएसटी के वैट िसदांत के आधार पर गंतवय आधािरत उपभोजय कर होने के कारण यह वतरमान जिटल कर संरचना के कारण होने वाले आिथक िवकृ ित को हटाने मे बहत सहायक होगा और एक सामूिहक राषटीय बाजार के िवकास मे सहायक होगा। 3. अपैल, 2010 तक एक राषट सतरीय वसतु एवं सेवा कर (जीएसटी) पारं भ करने का पसताव पहली बार िवततीय वषर 2006-07 के बजट भाषण मे पसतुत िकया गया। चूंिक पसताव मे न के वल के नद अिपतु राजयो दारा लगाए जाने वाले अपतयक करो का सुधार/पुन:संरचना शािमल था इसिलए जीएसटी के कायारनवयन के िलए एक िडजाइन और रोड मैप तैयार करने का उततरदाियतव राजय िवतत मंितयो की अिधकार पापत सिमित (ईसी) को सौपा गया। अपैल, 2008 मे ईसी ने ''भारत मे वसतु एवं सेवा कर (जीएसटी) के िलए एक माडल एवं रोड मैप'' शीषरक से एक िरपोटर पसतुत की िजसमे जीएसटी की संरचना एवं िडजाइन के बारे मे वयापक िसफािरशे की गई। िरपोटर के उततर मे राजसव िवभाग ने पसतािवत जीएसटी के िडजाइन एवं संरचना मे शािमल िकए जाने हेतु कु छ सुझाव िदए। भारत सरकार तथा राजयो से पापत पितिकयाओ के आधार पर ईसी ने पिरचचार करने तथा सभी पणधारको से पितिकयाएं पापत करने के उदेशय से 10 नवमबर, 2009 को भारत मे वसतु एवं सेवा कर पर अपना पहला पिरचचार पेपर जारी िकया। 4. ईसी ने देश के िलए एक दोहरे जीएसटी माडूल का पसताव िकया। इस दोहरे जीएसटी माडूल को के नद ने सवीकार िकया। इस माडल के अनतगरत जीएसटी मे दो घटक यथा के नद दारा लगाया एवं संगहीत िकया जाने वाला के नदीय जीएसटी एवं राजयो दारा लगाया एवं संगहीत िकया जाने वाला राजय जीएसटी था। पसत ावना (ईसीएसजी) 1. राजयो एवं संघ केतो दारा िबकी कर के एक समान िनयत दर के कायारनवयन की िनगरानी, िबकी कर आधािरत पोतसाहन योजना को हटाने की िनगरानी, राजयो को वैट की ओर पदांतरण हेतु लकय एवं पदित का िनणरय एवं देश मे िवदमान के नदीय िबकी कर पणाली मे सुधार की िनगरानी के उदेशय से भारत सरकार दारा पिशम बंगाल, कनारटक, मधय पदेश, महाराषट, पंजाब, उततर पदेश, गुजरात, िदलली एवं मेघालय के माननीय राजय िवतत मंितयो को सदसय के रप मे नािमत कर राजय िवतत मंितयो की अिधकार पापत सिमित (ईसी) 17 जुलाई, 2000 को गिठत की गई। तदननतर, आसाम, तिमलनाडु , जममू एवं कशमीर, झारखणड एवं राजसथान के माननीय राजय िवतत मंितयो को भी अिधकार पापत सिमित के सदसयो के रप मे अिधसूिचत िकया गया। 12 अगसत, 2004 को भारत सरकार ने सभी राजयो के माननीय राजय िवतत/कराधान मंितयो को इसके सदसयो के रप मे नािमत कर अिधकार पापत सिमित को पुनगरिठत िकया। 2. इस िनकाय को बाद मे सोसाइटी पंजीकरण अिधिनयम (1860 का XXI) के अधीन एक सोसाइटी के रप मे पंजीकृ त िकया गया। पंजीकरण पमाणपत 17 अगसत, 2004 को जारी िकया गया। वतरमान मे डा. असीम के . दासगुपता, माननीय िवतत मंती, पिशम बंगाल सरकार अिधकार पापत सिमित के अधयक है और िवधानसभा, अपर सिचव (राजसव), भारत सरकार तथा सदसय सिचव, अिधकार पापत सिमित सिहत सभी राजय सरकारो, संघ केतो के िवतत/कराधान के पभारी सभी मंती अिधकार पापत सिमित के सदसय है। अिधकार पापत सिमित का कायारलय िदलली सिचवालय, इनदपसथ एसटेट, नई िदलली मे है जहां राषटीय राजधानी केत िदलली सरकार ने आवास एवं अनय सुिवधाएं पदान की है। सोसाइटी को अपने पशासिनक वयय को पूरा करने तथा िविभनन अनय गितिविधयां चलाने के िलए राजय सरकारो तथा भारत सरकार से अंशदान पापत हो रहे है। 3. हाल ही मे, ईसी को सुदढृ बनाने के उदेशय से तेरहवे िवतत आयोग ने ईसी को 30 करोड र. अनदुाान देने की िसफािरश की तािक वे जीएसटी संबंधी अनुसध ं ान कायर जारी रख सके और कमता संवधरन कर सके । तदनुसार इस पयोजनाथर एक संगह बनाने के िलए ईसी को 30 करोड की रािश जारी की गई। पसत ावना ( के नद ीय िबकी कर) 1. संिवधान (छठा संशोधन) अिधिनयम, 1956 के माधयम से संिवधान मे कितपय संशोधन िकए गए िजससे:- क. अनतर-राजयीय वयापार अथवा वािणजय मे वसतुओ की खरीद या िबकी पर कर को सपषट रप से संसद के वैधािनक अिधकार-केत के दायरे के अधीन लाया गया है; ख. जहां अनतर-राजयीय वयापार अथवा वािणजय मे वसतु िवशेष महतव का है वहां राजयो के भीतर वसतुओ की खरीद अथवा िबकी पर कर लगाने के संबंध मे राजय िवधानसभाओ की शिकयो पर पितबंध लगाया जा सकता है। 2. इस संशोधन ने अनतर-राजयीय वयापार अथवा वािणजय के दौरान या िकसी राजय के बाहर िनयारत अथवा आयात के दौरान कोई खरीद अथवा िबकी के समय िनधाररण करने के िलए िनयम बनाने हेतु भी संसद को अिधकृ त िकया है। 3. तदनुसार के नदीय िबकी कर (सीएसटी) अिधिनयम, 1956 बनाया गया जो 05.01.1957 को पभावी हआ। आरं भ मे सीएसटी की दर 1 पितशत थी िजसे बढाकर पहले 2 पितशत, उसके बाद 3 पितशत और 1 जुलाई, 1975 से 4 पितशत िकया गया। सीएसटी अिधिनयम, 1956 मे अनतर-राजयीय वयापार अथवा वािणजय मे कु छ वसतुओ को िवशेष महतव का वसतु घोिषत करने तथा ऐसे वसतुओ के कराधान पर पितबंध लगाने की वयवसथा है। सीएसटी लगाने से पापत होने वाला पूरा राजसव िजस राजय मे िबकी होती है उस राजय दारा संगहीत व रखा जाता है। अिधिनयम मे आयात व िनयारत का कराधान शािमल नही है। 4. सीएसटी के उदम आधािरत कर होने के कारण यह मूलय विधत कर से िभनन है जो सवाभािवक इनपुट कर के िडट पितदाय के साथ गंतवय आधािरत कर है। पंजीकृ त िवके ताओ के मधय अनतरराजयीय िबकी के िलए के नदीय िबकी कर की दर 1 अपैल, 2007 से 4 पितशत से कम करके 3 पितशत करने के िलए के नदीय िबकी कर अिधिनयम मे एक संशोधन िकया गया। इस संशोधन के माधयम से सरकारी िवभागो से फामर-डी पसतुत करके िरयायती सीएसटी दर पर अनतर-राजयीय खरीद की सुिवधा वापस ले िलया गया। संशोधन के पशचात सरकार के िलए अनतर-राजयीय िबकी पर सीएसटी की दर वैट/राजय िबकी कर दर के समान होगी। 5. के नदीय िबकी कर की दर को 1 जून, 2008 से 3 पितशत से और कम करके 2 पितशत िकया गया। सीएसटी की दर पहले 4 पितशत से कम करके 3 पितशत और उसके बाद 3 पितशत से कम करके 2 पितशत वसतु एवं सेवा कर (जीएसटी) के पारं भ के पूवरवती के रप मे िकया गया कयोिक सीएसटी, जीएसटी की अवधारणा और िडजाइन से िभनन था। फा. सं. 34/67/2007-एसटी भारत सरकार िवतत मंतालय राजसव िवभाग नई िदलली, िदनांक 19 जुलाई, 2008 सेवा मे, संबंिधत राजय/संघ केत सरकारो, िवतत/कराधन िवभागो के सिचव। िवषय : मूल य विधत कर ( वैट ) के पसत ुत ीकरण के कारण राजसव हािन के मामले मे राजय ो / संघ केत ो को कितपूि त। महोदय/महोदया, मुझे उपयुरकत िवषय पर इस िवभाग के पूवर अनुदश े ो, जो पत फा. सं. 21/1/2004-एसटी (भाग।।), िदनांक 3 फरवरी, 2005, फा. सं. 34/67/2005-एसटी, िदनांक 1 जून, 2005 तथा फा. सं. 34/114/2004-एसटी(भाग।), िदनांक 20 जून, 2005 के तहत भेजे गए थे, का उललख े करने और यह कहने का िनदेश हआ है िक राजयो/संघ केतो दारा अिभवयकत किठनाइयो के आलोक मे मामले पर िवचार िकया गया और धयान पूवरक जांच के पशचात सभी पूवर अनुदश े ो के अिधकमण मे इस िवषय पर िनमनिलिखत संशोिधत समेिकत अनुदश े ो को जारी करने का िनणरय िलया गया है: वैट के पसत ुत ीकरण के कारण राजय ो को भुग तान की जाने वाली कितपूि त तथा राजसव हािन की गणना का तौर - तरीका 2. वैट के पसतुतीकरण के कारण राजयो को भुगतान की जाने वाली कितपूित तथा राजसव हािन की गणना के िलए िवसतृत तरीका िनमनवत होगा: (क) पिरकलन के पयोजनाथर वषर 2005-06 को आधार वषर के रप मे अपनाया जाएगा। (ख) इस पयोजनाथर धयान मे रखे जाने वाले कर राजसव मे सामानय िबकी कर के साथ-साथ अनय राजय कर, जैसे कय कर, पवेशकर (सथानीय चुा्ांगी के बदले मे पवेश कर के अितिरकत), टनरओवर कर के साथ-साथ इनमे से िकसी कर पर अिधभार िजसे वैट मे सिममिलत िकया जाना है, का पितदाय राजसव का मूलय शािमल है। तथािप, इन करो से राजसव को वैट मे शािमल िकए जाने वाली सीमा तक और इनको शािमल िकए जाने की तारीख से ही धयान मे रखा जाएगा। तदनुसार, यह सपषट िकया जाता है िक वसतुओ जैसे पेटोल, डीजल, एटीएफ, शराब, लाटरी िटकट मदो, िजसे वैट से बाहर रखा गया है और जो 20 पितशत कर के नयूनतम िनयत दर के अधीन है, से कर राजसव को गणना मे शािमल नही िकया जाएगा कयोिक इन मदो पर कर (चाहे सामानय िबकी कर कानून या िकसी अनय कानून के अनतगरत हो) को वैट मे शािमल नही िकया गया है। इसी पकार िवलािसता कर के मामले मे माननीय उचचतम नयायालय ने िनणरय िदया है िक ''वसतुओ पर िवलािसता कर'' लगाना राजयो के वैधािनक सामथयर से बाहर है और इसिलए ''वसतुओ पर िवलािसता कर'' से कर राजसव को पिरकलन से बाहर रखा जाना चािहए कयोिक ऐसे कर को वैट मे शािमल करने का पशन नही उठता। ग) वषर 2005-06 से आगे के िलए पसतािवत राजसव की गणना के पयोजनाथर कर राजसव की औसत वृिद दर की गणना के िलए 1999-2000 से 2004-05 की अविध के कर राजसव को धयान मे रखा जाएगा। वषर 1999-2000 पर वषर 2000-01 के िलए वृिद दर से शुर करके पतयेक वषर के िलए वािषक वृिद दर िनकाला जाएगा। उसके बाद 3 सवरशेषठ वृिद दर को चुना जाएगा और औसत वािषक वृिद दर िनकालने के िलए इन तीन वृिद दरो के सामानय अंकगिणतीय औसत को िलया जाएगा। तथािप, तीन नए गिठत राजयो अथारत उततरांचल, छततीसगढ और झारखणड और उनके संबंिधत मूल राजयो अथारत उततर पदेश, मधय पदेश और िबहार के भी मामलो मे वृिद दर की गणना के िलए संगत अविध 2001-02 से 2004-05 होगी कयोिक नए गिठत राजय 1 नवमबर, 2000 को अिसततव मे आए। इन पिरकलनो के पयोजनाथर शुरआत मे वषर 2003-04 तक के िलए एजी पमािणत आंकडे तथा वषर 2004-05 के िलए संबंिधत राजय के िवतत सिचव दारा पमािणत आंकडो को िलया जाएगा और 200405 के िलए एजी पमािणत आंकडो की पािप पर िनयत समयाविध मे आवशयक समायोजन िकया जाएगा। घ) आधार वषर पर आधािरत िनवल राजसव तथा उपरोकत पिरकिलत औसत वािषक वृिद दर के आधार पर वषर 2005-06, 2006-07 तथा 2007-08 के िलए पसतािवत राजसव की गणना की जाएगी। ऐसे पसतािवत राजसव तथा वासतिवक राजसव के बीच का अंतर वैट के पसतुतीकरण के कारण हई हािन होगी िजसके िलए राजयो को 2005-06 के दौरान ऐसी हािन के 100 पितशत 2006-07 के दौरान हािन के 75 पितशत तथा 2007-08 के दौरान हािन के 50 पितशत की दर से कितपूित का भुगतान िकया जाएगा। ङ) राजयो को कितपूित का भुगतान सहायता अनुदान के रप मे मािसक आधार पर िकया जाएगा। इस पयोजनाथर संचयी आधार पर पसतािवत िनवल राजसव सदृश अविध के दौरान 2004-06 के दौरान वासतिवक राजसव के आधार पर वषर 2005-06 तथा अनुवती वषो के दौरान पतयेक माह के अंत तक तथा औसत वािषक वृिद दर का पयोग करते हए िनकाला जाएगा। ऐसे पसतािवत संचयी राजसव की तुलना पतयेक माह के अंत मे वासतिवक संचयी राजसव के साथ की जाएगी। यिद उसमे िनवल संचयी हािन है तो उसकी कितपूित की जाएगी। च) कितपूित का भुगतान अिधकार पापत सिमित (ईसी) दारा अंितम रप िदए गए वैट के िडजाइन (अिभसरण मापदणड सिहत) का पालन करने वाले राजयो पर िनभरर होगा। इस पयोजनाथर संदभर ितिथ संघ सरकार दारा कितपूित पैकेज के अनुमोदन की तारीख अथारत 27 जनवरी, 2005 होगी। इसिलए, यह पैकेज ईसी दारा 27 जनवरी, 2005 तक िलए गए िनणरयो को शािमल करे गा जैसा िक खादानन तथा चाय के संबंध मे है। 3. उपयुरकत पिरकलन को सुसाधय बनाने के उदेशय से राजय/संघ केत संलगन पोफोमार-I, II एवं III मे अपेिकत सूचना पसतुत करे गे। सव ीकृ त वैट िडजाइन से िवचलन का पबंध : 4. यिद कोई राजय उपयुरकत पैरा 2(च) मे यथा उिललिखत सवीकृ त िडजाइन से कु छ िवचलन करता है तो ऐसे िवचलन के कारण हई राजसव हािन को कितपूित पैकेज मे शािमल नही िकया जाएगा और राजयो/संघ केतो को भुगतान िकए जाने वाले कितपूित की रािश मे समुिचत समायोजन िकया जाएगा। तथािप, यह िनमनिलिखत अपवादो/सपषटीकरणो के अधीन होगा: (क) औदोिगक/कृ िष आगमो पर 4 पितशत के िहसाब से कर लगाया जा सकता है, यदिप यिद उनको पहले गलती से 12.5 पितशत पर रखा गया है। एक िनदेश िनयम के रप मे जब तक कम से कम 50 पितशत सामिगयो को आगमो के रप मे उपयोग िकया जाएगा उस पर 4 पितशत की दर से कर लगाया जा सकता है। (ख) नमक तथा खडी की दरो मे ईसी दारा सवीकृ त पिरवतरनो को सवीकार कर िलया गया है। (ग) राजय/संघ केत सीएसडी कै टीनो को वैट के भुगतान से छू ट दे सकते है। (घ) ईसी दारा पहले ही यथा िनधारिरत छोटे वयापािरयो के िलए सीमा रे खा के संबध ं मे यिद राजय/संघ केत 5 लाख रपए की सममत रािश से अिधक सीमा रे खा िनयत करते है तो उसकी वजह से होने वाली राजसव हािन संबंिधत राजय/संघ केत दारा वहन िकया जाएगा। 5. वैट दरो मे िवचलन के कारण राजसव हािन के पिरकलन को सरल बनाने के उदेशय से राजय/संघ केत उन सामिगयो/मदो जहां सवीकृ त वैट दरो से िवचलन हआ है, को शािमल करते हए संलगन पोफामार-IV सूचना पसतुत करे गे। िवचलन के कारण िकसी मद के पूरी तरह से वैट मुकत होने के मामले मे पोफामार के कालम 5 एवं 6 मे उस समय पचिलत िबकी कर की दर से संबंिधत सूचना सिहत वषर 2004-05 (िबकी कर पदित के अनतगरत) के िलए कर संगहण के आंकडे पसतुत िकए जाएंगे। तथािप, यिद वह मद पहले भी छू ट पापत थी तो राजय संभािवत राजसव हािन का अपना आंकलन दे सकते है। इसी पकार, जहां िवचलन वैट दरो के अलावा अनय मापदंडो के संबंध मे है तो राजय ऐसे िवचलन के कारण राजसव हािन का एक आंकलन पसतुत करे गे। कितपूि त दावा पसत ुत करने तथा िनपटारे की पिकया: 6. संशोिधत पिकया िनमनवत होगी: (क) राजय/संघ केत राजय के िवतत सिचव दारा पमािणत राजसव संगहण के असथाई आंकडे सिहत कितपूित का दावा पतयेक माह इस िवभाग को भेजेगे (संबंिधत राजय/संघ केत के एजी को एक पितिलिप सिहत)। राजय के िवतत सिचव उपयुरकत पैरा 4 एवं 5 मे यथा उिललिखत िवचलन के कारण िकए जाने वाले राजसव समायोजन पर भी सूचना भेजेग।े इस सूचना को पसतुत करने पर राजयो को तदथर कितपूित जारी िकया जाएगा। इसके अितिरकत, िकसी राजय/संघ केत दारा वासतिवक किठनाईयो के कारण िवचलन पर सूचना पसतुत करने मे देरी होने के मामले मे राजय/संघ केत दारा तीन माह की अविध के भीतर लंिबत सूचना पसतुत करने का आशवासन देने की शतर पर भी तदथर कितपूित जारी करने पर िवचार िकया जा सकता है। (ख) संबंिधत राजय के एजी, अपेिकत आंकडे एजी के कायारलय मे उपलबध कराने पर िनयत अविध मे कु ल राजसव संगहण के संबध ं मे राजय /संघ केत के िवतत सिचव दारा पसतुत आंकडो को पृथक रप से सतयािपत करे गे और आंकडो मे िभननता, यिद कोई हो, के बारे मे इस िवभाग को सूचना देगे। एजी से ऐसा परामशर पापत होने पर अगले माह भुगतान िकए जाने वाले कितपूित की रािश मे उपयुकत समायोजन िकया जाएगा। इस तथय को धयान मे रखते हए यहां पर यह सपषट िकया जाता है िक महा-लेखाकार (एजी) के वल कु ल कर संगहण के आंकडे रखते है न िक वसतु-वार आंकडे, तो जहां भी वसतु-वार आंकडे पसतुत िकया जाना है वहां पर एजी पमाणीकरण अपेिकत नही होगा। यह वैट (और जो कर की नयूनतम 20 पितशत की दर के अधीन है) से बाहर वसतुओ की मदो के संबंध मे सूचना सिहत िवचलन से संबंिधत सूचना पर भी लागू होगा। (ग) यिद कही पर एजी कायारलय तथा राजय सरकार के बीच असहमित होती है तो मामले को इस िवभाग के नोिटस मे लाया जाए और इसे वैट पर भारत सरकार दारा सिचव, वयय की अधयकता मे गिठत सिमित के समक रखा जाएगा और ऐसे मामलो मे सिमित की सलाह से समुिचत अनुवती कारर वाई की जाएगी। 4. इसके अितिरकत मुझे आपसे तदनुसार आवशयक अनुवती कारर वाई करने का अनुरोध करने का िनदेश हआ है। धनयवाद सिहत। भवदीय, (एल. के . गुप त ा) िनदे श क (एसटी) दू र भाष: 011-23092878 पितिलिप: अंगेजी पाठानुसार पेिषत। पोफामार-I वासत िवक राजसव का पिरकलन ( पितदाय का िनवल ) राजय / संघ केत का नाम ( करोड र.) क . कर का मद 1999 2000 2001 2002 2003 2004 -00 -01 -02 -03 -04 -05 कर को वैट मे शािमल करने की सं तारीख (क. स. . 1 2 से 6 के िलए) राजय / सामानय िबकी कर: क) कु ल कर राजसव ख) वैट से बाहर के मदो से कर राजसव ग) िनवल कर राजसव 2 (क-ख) कय कर 3 पवेश कर (चुंगी के बदले 4 नही) टनरओवर कर 5 6 अिधभार वैट मे शािमल िकए जाने वाले अनय संबंिधत कर कु ल िटपप णी : 1. के नदीय िबकी कर को गणना मे शािमल नही िकया जाएगा कयोिक पैकेज मे के वल राजय िबकी कर शािमल है। 2. क. स. 1 के मामले मे गणना के पयोजनाथर के वल ''िनवल कर राजसव'' को धयान मे रखा जाएगा। एजी पमाणपत के वल ''कु ल कर राजसव'' के िलए पसतुत िकया जाए। ''वैट से बाहर के मदो से कर राजसव'' के मामले मे राजय सरकार दारा पसतुत सूचना ही पयारपत होगी। पमाणपत : पमािणत िकया जाता है िक 2003-04 तक के आंकडे राजय के महा-लेखाकार दारा पमािणत है। महा-लेखाकार का मूल पमाणपत संलगन है। 2004-05 के आंकडे राजय/संघ केत सरकार के लेखा िरकाडो के अनुसार है और मेरी पूणर जानकारी के अनुसार सतय है। 2004-05 के िलए एजी पमािणत आंकडे िनयत समय मे पसतुत िकए जाएंगे। िवतत सिचव पोफामार-II कु ल कर राजसव के औसत वािषक वृि द दर का पिरकलन राजय / संघ केत का नाम ( करोड र.) वषर 1 कु ल कर राजसव 2 वािषक वृि द दर का पिरकलन वषर वृि द दर 3 4 1999-00 2000-01 2001-02/ 1999-00 2001-02 2001-02/ राजय दारा चुन े गए 3 चुि नदा 3 वषो की वषर ( कपया उलल ेख करे औसत वािषक वृि द दर 5 6 2000-01 2002-03 2002-03/ 2001-02 2003-04 2003-04/ 2002-03 2004-05 2004-05/ 2003-04 िटपप णी : 1. कालम 2 मे के वल उन करो के कु ल कर राजसव, जो वासतव मे वैट मे शािमल िकए गए है, को धयान मे रखा जाएगा। 2. कालम 6 मे औसत वािषक वृिद दर कालम 5 मे राजयो दारा चुने/उललेख िकए गए 3 सवरशेषठ वषो के वािषक वृिद दरो का सरल अंकगिणतीय औसत होगा। पोफामार-III पसत ािवत कु ल कर राजसव , वासत िवक कर राजसव तथा कितपूि त की जाने वाली हािन का पिरकलन राजय / संघ केत का नाम वषर: 2005-06,/2006-07/2007-08 ( करोड र.) माह 2004-05 2005- 2005-06,/2006-07/2007-08 भुग तान की ज 2005- के दौरान कु ल 06,/2006 कर राजसव - के दौरान वासत िवक कर राजसव (माह 06,/2006 07/2007- 07/2007- 08 08 के दौरान पसत ािवत कर राजसव ( माह तक तक संच यी) के दौरान हािन (माह तक संच यी) कितपूि त की रा का 100%, 50%, यथा ल संच यी) माह के दौरा न 1 2 माह तक संच य ाी 3 कु ल कर राजस व 4 5 वैट से बाहर के मदो से कर राजस व 6 सीएसटी से समायोिज त वैट के अनत गरत कु ल िनवल राजस व िपछल माह तक भुग त की कित िा 10 11 आईटीसी, यिद हो 7 कोई 8 9 (5-67) अपैल मई जून जुलाई अगसत िसतमबर अकटूबर नवमबर िदसमबर जनवरी फरवरी माचर िटपप णी : वासतिवक कर राजसव (कालम 5 से 8) के संबंध मे यह नोट िकया जाए िक एजी सामंजसय के वल कालम 5 मे िदखाए गए ''कु ल कर राजसव'' के संबंध मे आवशयक है। कालम 6 तथा 7 मे सूचना के संबंध मे राजय सरकार दारा दी गई सूचना पयारपत होगी। कितपूित कालम 8 मे ''िनवलकर राजसव'' पर आधािरत होगी। कालम 7 मे वयापारी दारा सीएसटी मे समायोिजत वैट इनपुट कर के िडट, यिद कोई हो, के संबंध मे सूचना दी जाए। पमाणपत माह तक दे य कु ल कितपूत र िा पमािणत िकया जाता है िक वैट िडजाइन (अिभसरण मापदणड सिहत), पोफामार IV मे बताए गए िवचलन के अधीन, अिधकार पापत सिमित दारा यथा पिरपूणर, का पूरी तरह से पालन िकया गया है। िवतत सिचव पोफामार-IV िवचलन पर सूच ना वषर: क. सं. वैट दर मद/सामगी ईसी दारा यथा अनुम ोिदत (वासत िवक मद/ सामगी से कर संग रह ण वषर के राजय ो/संघ ........ दौरान केत ो दारा माह के संच यी यथा अंग ीकृ त दौरान रप से) 1 2 3 4 5 6 िटपप णी : 1. कालम 3 मे उिललिखत वैट दर कितपूित पैकेज को अंितम रप देते समय ईसी दारा वासतिवक रप से अनुमोिदत वैट दर होना चािहए न िक ईसी दारा िनधारिरत संशोिधत वैट दर। 2. यिद राजय/संघ केत वसतुओ की बहत छोटी मदो (शािमल राजसव के रप मे) के संबंध मे वासतिवक कर संगहण को एकितत एवं पसतुत करने मे किठनाई महसूस करते है तो ऐसे राजय/संघ केत एनएसएस डाटा अथवा िकसी अनय समुिचत आधार पर राजसव हािन के अपने मूलयांकन के आधार पर सूचना पसतुत कर सकते है। सीएसटी कितपूि त पर समेि कत िदशािनदे श फा. सं. 28/4/2007-एसटी भारत सरकार िवतत मंतालय राजसव िवभाग नई िदलली, िदनांक 22 अगसत, 2008 सेवा मे, सभी राजय/संघ केत सरकारो, िवतत/कराधन िवभागो के सिचव। िवषय : के नद ीय िबकी कर ( सीएसटी ) हटाने के कारण राजय ो / संघ केत ो को हई राजसव हािन के िलए कितपूि त। महोदय/महोदया, मुझे यह कहने का िनदेश हआ है िक तीन वषो की अविध अथारत 31.3.2010 तक सीएसटी को हटाने के िलए के नद तथा राजय सरकारो के मधय एक सवरसममित बनी है। इस सवरसममित के भाग के रप मे सीएसटी की दर 1.4.2007 से 4 पितशत से घटाकर 3 पितशत तथा 1.6.2008 से 3 पितशत से घटाकर 2 पितशत िकया गया है। 1.4.2007 से सीएसटी दर 4 पितशत से घटाकर 3 पितशत करने के कारण सीएसटी राजसव हािन की कितपूित के िलए पूवर िदशािनदेश फा. सं. 28/4/2007-एसटी िदनांक 10 अकटूबर, 2007 के तहत जारी िकया गया था। अब, उकत पूवर िदशािनदेशो के अिधकमण मे इन समेिकत िदशािनदेशो को जारी करने का िनणरय िलया गया है िजसमे सीएसटी की दर को 4 पितशत से घटाकर 2 पितशत करने के कारण राजयो/संघ केतो को हई सीएसटी राजसव हािन को िनमनिलिखत उपायो के माधयम से कितपूित करने की वयवसथा है: क) फामर-डी की पसतुित से सरकारी िवभागो को अनतर-राजयीय िबकी पर िरययती सीएसटी दर के लाभ को वापस लेना। ख) राजयो को तमबाकू पर 12.5 पितशत की दर से वैट लगाने के िलए सकम बनाना। ग) वतरमान मे कर के अधीन 33 सेवाओ का राजसव तथा 44 नई सेवाएं (जब भी कर लगाया जाएगा) राजयो को हसतांतिरत करना। घ) यिद (क), (ख) एवं (ग) मे उिललिखत उपाय राजसव हािन की पूरी भरपाई नही करते तो 2007-08, 2008-09 तथा 2009-10 के दौरान बजटीय सहयता। 2. उपरोकत पसतावो को लागू करने के उदेशय से कराधान कानून (संशोधन), अिधिनयम, 2007, िजसे 1.4.2007 से पभावी बनाया गया है, के अिधिनयमन के माधयम से आवशयक वैधािनक उपाय िकए गए है। के नद ीय िबकी कर ( सीएसटी ) को हटाने के कारण राजय ो को भुग तान की जाने वाली कितपूि त तथा राजसव हािन की गणना का तौर - तरीका : 3. के नदीय िबकी कर (सीएसटी) को हटाने के कारण राजयो को भुगतान की जाने वाली कितपूित तथा राजसव हािन की गणना का िवसतृत तरीका िनमनवत होगा: 3.1 सीएसटी हटाने के कारण हई राजसव हािन का मूल य ांक न: सीएसटी हटाने के कारण हई राजसव हािन के मूलयांकन की िविध िनमनवत होगी: क) राजसव हािन के मूलयांकन के पयोजनाथर वषर 2006-07 के दौरान वासतिवक सीएसटी राजसव को संगणना के आधार के रप मे िलया जाएगा। 2006-07 के दौरान सीएसटी राजसव राजय/संघ केत दारा उपलबध कराए गए ए.जी. पमािणत आंकडो के आधार पर िलया जाएगा। इसके अितिरकत, यिद िकसी राजय/संघ केत ने सीएसटी राजसव से वैट इनपुट कर के िडट (आईटीसी) अथवा कोई अनय के िडट के समायोजन की अनुमित की पथा को अपनाया है िजससे सीएसटी राजसव की कम बयानी हई है, तो कु ल वासतिवक सीएसटी राजसव पर पहंचने हेतु एजी पमािणत सीएसटी राजसव आंकडो मे आवशयक समायोजन िकया जाएगा। ख) वषर 2007-08, 2008-09 तथा 2009-10 के िलए सीएसटी राजसव पिरयोजना के पयोजनाथर अपनाई जाने वाली वृिद दर 2003-04 से 2006-07 की अविध के िलए कु ल सीएसटी राजसव की संयोिजत वािषक विद दर (सीएजीआर) होगी। 2007-08 तथा अनुवती वषो के िलए पसतािवत सीएसटी राजसव आधार वषर अथारत 2006-07 के दौरान कु ल सीएसटी राजसव मे सीएजीआर का पयोग करते हए िनकाला जाएगा। ग) 2007-08, 2008-09 तथा 2009-10 के दौरान वासतिवक सीएसटी राजसव पहले राजय/संघ केत दारा उपलबध कराए गए असथाई आंकडो के आधार पर िकनतु उततरकालीन चरण मे एजी दारा पमाणीकरण के अधीन िलया जाएगा। राजय दारा पूरे वषर के िलए पमाणपत आगामी वषर के 30 जून से पूवर पसतुत िकया जाएगा। इसके अितिरकत, उपरोकत (क) के मामले के अनुसार वैट इनपुट कर के िडट अथवा सीएसटी दाियतव से मांग िकए गए िकसी अनय के िडट के संबध ं मे आवशयक समायोजन िकया जाएगा। घ) उपयुरकत (ग) के अनतगरत यथा पिरकिलत वासतिवक सीएसटी राजसव की संगत अविध के दौरान कितपूित िकए जाने वाले सीएसटी हािन का आंकडा पापत करने के िलए उपयुक र त (ख) के अनतगरत यथा पिरकिलत पसतािवत सीएसटी राजसव के साथ तुलना की जाएगी। ङ) उपयुरकत (घ) पर संगिणत सीएसटी हािन को कितपूित भुगतान िकए गए अविध मे वासतिवक संगहण के आधार पर ''आनुपाितक हािन'' तक सीिमत िकया जाएगा। उस अविध के दौरान संरिकत िकए जाने वाले आनुपाितक सीएसटी राजसव की गणना अनुमािनत रािश, जो संगहीत िकया जाता, यिद कर दर 4 पितशत की दर से जारी रहता, वासतिवक कम कर दर पर उस अविध मे संगहीत वासतिवक सीएसटी राजसव के बिहवेशन दारा की जाएगी। इस पकार पिरकिलत अनुमािनत सीएसटी राजसव तथा िवचाराधीन अविध के िलए वासतिवक सीएसटी राजसव के बीच का अंतर अनुमािनत हािन होगा। च) पूरे वषर के िलए एजी पमािणत आंकडो के आधार पर 2006-07 के िलए देय रािश 2006-07 के िलए पूवर मे जारी िकसी रािश, यिद कोई हो, के समायोजन के पशचात भुगतान िकया जाएगा। 3.2 सीएसटी राजसव हािन के िलए कितपूि त: कितपूित पैकेज मे गैर-िवततीय उपायो तथा बजटीय सहायता से अितिरकत राजसव शािमल होगा। सीएसटी 4 पितशत से घटाकर 2 पितशत करने से संबंिधत पैकेज मे िनमनिलिखत शािमल होगा: क) तमब ाकू पर वैट / िबकी कर: राजय/संघ केत तमबाकू पर 12.5 पितशत की दर से वैट/िबकी कर लगाएंगे। पतयेक राजय/संघ केत दारा तमबाकू से संगहीत वासतिवक राजसव को गणना मे िलया जाएगा। यिद िकसी राजय/संघ केत ने तमबाकू पर वैट/िबकी कर नही लगाया है अथवा 12.5 पितशत से कम दर िनयत िकया है तो इसे िवचलन के रप मे िलया जाएगा और राजसव पिरतयाग मानदंड आधार पर िनधारिरत िकया जाएगा। ख) फामर- डी की समािप: सरकारी िवभागो को फामर-डी से 4 पितशत की िरयायती सीएसटी दर पर अनतर-राजयीय खरीद करने के िलए िवशेष िरयायत वापस माना जाएगा और ऐसी वापसी के कारण होने वाले अितिरकत राजसव को गणना मे िलया जाएगा। सहमित के अनुसार वषर 2007-08 के िलए इस उपाय से पापत कु ल राजसव 1,500 करोड पर रखा जाएगा और 2006-07 के दौरान राजयो के सीएसटी राजसव के अनुपात मे उनके मधय िवभािजत िकया जाएगा। पतयेक राजय/संघ केत के िलए इस पकार िनकाली गई रािश इस उपाय से 2007-08 के दौरान ऐसे राजय/संघ केत के िलए राजसव लाभ के रप मे िलया जाएगा। वषर 2008-09 और 2009-10 के िलए राजसव लाभ सीएसटी राजसव के िलए सवीकायर वृिद दर का पयोग करते हए िनकाला जाएगा। ग) वतरम ान मे सेव ा कर भुग तान के िलए उतत रदायी अत:- राजय ीय पकृ ित की 33 सेव ाओ से राजसव का हसत ांत रण: के नद सरकार कर लगाना व संगह करना जारी रखेगी िकनतु राजसव देय नगद कितपूित के िनिमतत राजयो को हसतांतिरत िकया जाएगा। घ) इसके अितिरकत अत:- राजय ीय पकृ ित की 44 नई सेव ाओ को सेव ा कर लगाने के िलए िचिनहत िकया गया है : के नद अत:-राजयीय पकृ ित के इन सेवाओ मे से अिधक से अिधक सेवाओ पर सेवा कर लगाने का पयास करे गा। यिद इन सेवाओ पर सेवा कर लगाया जाएगा तो के नद कर संगह करे गा िकनतु इन सेवाओ से होने वाला राजसव देय नगद कितपूित के िनिमतत राजयो को हसतांतिरत करे गा। ङ) यिद उपयुक र त उपायो से 2007-08 तथा 2008-09 मे हािनयो के िलए राजयो को पूरी तरह कितपूित नही होती तो के नद सरकार िभननता की भरपाई के िलए बजटीय सहायता पदान करे गा। उपरोकत (ग) एवं (घ) के अनतगरत दी जाने वाली रािश भी, यिद कोई हो, के नद सरकार के बजट से िदया जाएगा। च) पतयेक िवततीय वषर के 31 जनवरी तक की अविध के िलए कितपूित वैट के कायारनवयन के कारण होने वाली राजसव हािन के िलए जारी िकए जा रहे कितपूित के तरीके से ही सहायता अनुदान के रप मे जारी िकया जाएगा। गणना पतयेक िवततीय वषर के िलए संचयी आधार पर िकया जाएगा। उदाहराथर, यिद कोई दावा िसतमबर, 2008 तक की अविध को शािमल करते हए अकटूबर, 2008 मे दािखल िकया गया है तो जारी की जाने वाली कितपूित अपैल िसतमबर, 2008 के िलए राजय िजस रािश का पात है उसमे से पूवर मे जारी रािश, यिद कोई हो, को कम करने के पशचात पापत होने वाली कु ल रािश होगी। पतयेक वषर के फरवरी तथा माचर के िलए कितपूित उस वषर के िलए एजी पमािणत आंकडा उपलबध करने के पशचात ही भुगतान िकया जाएगा। पूरे वषर के िलए एजी पमािणत आंकडे पर आधािरत देय रािश उस वषर के िलए पूवर मे जारी रािश के समायोजन के पशचात भुगतान िकया जाएगा। छ) यिद एजी पमािणत आंकडो के आधार पर िकसी राजय/संघ केत की कु ल सीएसटी कितपूित पातता राजय/संघ केत को पूवर मे जारी तदथर सीएसटी पितपूित की रािश से कम/नीचे है तो अितिरकत अदायगी की रािश पिकया के अनुसार राजय/संघ के खाते से सीधे डेिबट दारा वसूल िकया जाएगा। ज) यिद िकसी राजय/संघ केत का सीएसटी दर 1.4.2007 से पूवर सामानय अथवा िविशषट सामिगयो पर 3 पितशत या उससे कम है तो 1.4.2007 से 31.5.2008 तक सीएसटी दर 4 पितशत से कम करके 3 पितशत करने पर ऐसे राजय/संघ केत को कोई कितपूित अदा नही िकया जाएगा। इसी पकार, यिद िकसी राजय/संघ केत दारा सामानय अथवा िविशषट सामिगयो पर सीएसटी दर 1.4.2007 के बाद और 1.6.2008 से पूवर 3 पितशत से कम िकया गया है तो कितपूित 3 पितशत सीएसटी दर के साथ देय रािश तक सीिमत िकया जाएगा। झ) यिद िकसी राजय/संघ केत का सीएसटी दर 1.6.2008 से पूवर सामानय अथवा िविशषट सामिगयो पर 2 पितशत या उससे कम है तो 1.6.2008 से सीएसटी दर 3 पितशत से कम करके 2 पितशत करने पर ऐसे राजय/संघ केत को कोई कितपूित अदा नही िकया जाएगा। इसी पकार, यिद िकसी राजय/संघ केत दारा सामानय अथवा िविशषट सामिगयो पर सीएसटी दर 1.6.2008 के बाद 2 पितशत से कम िकया जाना है तो कितपूित 2 पितशत सीएसटी दर के साथ देय रािश तक सीिमत िकया जाएगा। 4. उपयुरकत पिरकलन को सुगम बनाने के उदेशय से राजयो/संघ केतो को इसके साथ संलगन पोफामार-I से IV मे सूचना भेजने का अनुरोध िकया गया है। 5. उपयुरकत िदशािनदेश/अनुदश े सीएसटी दर 1.4.2007 से 4 पितशत से कम करके 3 पितशत तथा 1.6.2008 से सीएसटी दर 3 पितशत से कम करके 2 पितशत करने के संबंध मे राजयो को कितपूित के िलए है। भिवषय मे, जब सीएसटी को और कम िकया जाएगा और राजसव हािन की कितपूित के िलए नए उपाय पसतुत िकए जाएंगे तो िदशािनदेशो/अनुदश े ो को नई गितिविधयो को शािमल करने के िलए राजयो के परामशर से समुिचत रप से पिरवितत िकया जाएगा। 6. इसके अितिरकत मुझे तदनुसार आवशयक कारर वाई करने के िलए आपसे अनुरोध करने का िनदेश हआ है। धनयवाद सिहत। भवदीय, ( अरिवद कु मार) अवर सिचव, भारत सरकार ( राजय कर अनुभ ाग) दू र भाष: 011-23095376 पितिलिप: अंगेजी पाठानुसार पेिषत। पोफामार-I सीएसटी राजसव के संय क ु त वािषक वृि द दर ( सीएजीआर ) का पिरकलन राजय / संघ केत का नाम ( करोड र.) वषर सीएसटी राजसव िनवल सीएसटी राजसव (एजी पमाणपत के 1 सीएसटी से समायोिजत वैट इनपुट कर के िडट, अनुस ार) यिद कोई हो 2 3 सीएसटी से अनय कोई समायोजन, 2004-05 2005-06 2006-07 िटपप णी : संय ुक त वािषक वृि द दर 6 7 कु ल सीएसटी राजसव (सीएजीआर) यिद कोई हो 4 5=[2+3+ 4] 2003-04 वािषक वृि द दर 1. कालम 2 मे सूिचत िनवल सीएसटी राजसव आंकडो के समथरन मे एजी पमाणपत पसतुत िकया जागा। शुरआत मे एजी पमाणपत 2005-06 तक के िलए भेजा जाएगा। 2006-07 के िलए एजी पमाणपत बाद मे, जब उपलबध हो तब पसतुत िकया जाए। 2. कालम 3 तथा कालम 4 मे आंकडो के संबंध मे राजय सरकार दारा पसतुत सूचना पयारपत होगी िकनतु एजी दारा तदननतर सतयापन के अधीन होगा। पोफामार-II पसत ािवत सीएसटी राजसव , वासत िवक सीएसटी राजसव तथा कितपूि त की जाने वाली हािन का पिरकलन राजय / संघ केत का नाम वषर: ( करोड र.) माह 2006-07 के दौरान सीएसटी 2007राजसव 08,/2008 - िनवल सीएसट ाी राजसव सीएसटी से समायोिज त वैट के अनत गरत कु ल सीएसट ाी राजसव आईटीसी, यिद हो 1 अपैल मई जून जुलाई 2 3 कोई 09/200910 के दौरान पसत ािवत कु ल सीएसटी राजसव ( जैस ा भुग ता न की 09/2009-10 के दौरान जाने सीएसटी राजसव ( जैस ा भी वाली कु ल मामला हो) सीएसट िनवल सीएसटी कु ल ाी सीएसट से सीएसट हािन ाी समायोिज ाी राजसव त वैट के राजसव अनत गरत 2007-08,/2008- (2+3) 5 वैट /िबक ाी कर आईटीसी, यिद हो भी मामला हो) 4 तमब ाकू पर 6 7 कोई 8 (6+7) 9 10 अगसत िसतमबर अकटूबर नवमबर िदसमबर जनवरी फरवरी माचर कु ल िटपप णी : 1. कालम 2 तथा 6 मे राजय/संघ केत आरं भ मे अनंितम आंकडे पसतुत करे गे जो िक बाद मे एजी पमािणत आंकडे के अधीन होगा। 2. कालम 5 मे पसतािवत कु ल सीएसटी राजसव की गणना पोफामार 1 मे पिरकिलत सीएजीआर का पयोग आधार वषर 2006-07 (कालम 4) मे कु ल सीएसटी राजसव मे करते हए िकया जाएगा। 3. कालम 3, 7 एवं 10 मे राजय/संघ केत दारा िवभागीय िरकाडर के अनुसार भेजे गए आंकडे पयारपत होगे िकनतु तदननतर एजी सतयापन के अधीन होगा। पोफामार-III सामिगयो / फमो के संब ध ं मे सूच ना िजनके िलए 31.3.2007 को अथवा उसके बाद सीएसटी दर 4 पितशत से कम लागू है राजय / संघ केत का नाम: क. सं. 31.3.2007 तक 4 पितशत से कम कर की िजस तारीख से 2006-07 दर पभावी है मे संगहण सीएसटी दर लागू सामिगयो तथा/ 2007-08 मे संगहण या फमो के नाम िवतत सिचव/ आयुक त के हसत ाकर (वैट / िबकी कर/ वय ापार कर) िटपप णी: 1. राजय सरकार दारा भेजी गई उपयुरकत सूचना पयारपत होगी िकनतु तदननतर एजी सतयापन के अधीन होगा। 2. संगत सूचना/पिरपत आिद भी पसतुत करे । 3. यिद िवा़दमान सीएसटी दर मे कोई िवचलन नही है तो उसका भी सपषट रप से उललेख करे । िटपपणी पोफामार-IV सामिगयो / फमो के संब ंध मे सूच ना िजनके िलए 1.4.2007 को अथवा उसके बाद सीएसटी दर 3 पितशत से कम िकया गया है राजय / संघ केत का नाम : क. सं. 31.3.2007 तक 4 पितशत से कम कर की िजस तारीख से 2006-07 दर पभावी है मे संगहण सीएसटी दर लागू सामिगयो तथा/ 2007-08 मे संगहण या फमो के नाम िवतत सिचव/ आयुक त के हसत ाकर (वैट / िबकी कर/ वय ापार कर) िटपप णी: 1. राजय सरकार दारा भेजी गई उपयुरकत सूचना पयारपत होगी िकनतु तदननतर एजी सतयापन के अधीन होगा। 2. संगत सूचना/पिरपत आिद भी पसतुत करे । 3. यिद िवा़दमान सीएसटी दर मे कोई िवचलन नही है तो उसका भी सपषट रप से उललेख करे । पसत ावना (वैट ) िटपपणी 1. राजय वैट की शुरआत राजय सतर पर एक महतवपूणर एवं नया सुधार उपाय है। राजय वैट ने राजयो के पहले के िबकी कर पणाली को पितसथािपत िकया है। वैट 'राजय के भीतर वसतुओ की खरीद एवं िबकी पर कर' होने के कारण भारत के संिवधान की सातवी अनुसच ू ी की राजय सूची की पिविष 54 के पभाव से एक राजय िवषय है। 2. चूंिक वैट/िबकी कर एक राजय िवषय है, के नद सरकार वैट के सफलतापूवरक कायारनवयन के िलए एक सुकारक की भिमका िनभा रहा है। के नद सरकार दारा इस संबध ं मे उठाए जा रहे कु छ कदम िनमनवत है: 3. वैट के पसतुतीकरण के पिरणामसवरप िकसी राजसव हािन के िलए कितपूित के भुगतान के िलए एक पैकेज कायारिनवत िकया गया है। राजयो/संघ केतो के वािणिजयक कर िवभागो को कमपयूटरीकरण करने मे सकम बनाने के उदेशय से उनको िमशन मोड पिरयोजना (एमएमपी) के अनतगरत िवततीय सहायता पदान िकया जा रहा है। िहमांचल पदेश तथा जममू एवं कशमीर के वािणिजयक कर पशासन के कमपयूटरीकरण के िलए एक अलग पिरयोजना भी सवीकृ त की गई है। अंतर-राजयीय संवयवहारो का पता लगाने के िलए टीआईएनएकसएसआईएस पिरयोजना के कायारनवयन के िलए राजय िवतत मंितयो की अिधकार पापत सिमित को 50 पितशत िनिधबंधन पदान िकया जा रहा है। वैट कितपूि त पर अितिरकत अनुदे श फा. सं. 32/67/2005-एसटी भारत सरकार िवतत मंतालय राजसव िवभाग नई िदलली, 9 जून, 2009 सेवा मे, सभी राजय/संघ केत सरकारो, िवतत/कराधन िवभागो के सिचव। िवषय: मूल य विधत कर ( वैट ) राजय ो / संघ केत ो के पसत ुत ीकरण के कारण राजसव हािन के िलए को कितपूि त के संब ंध मे अितिरकत अनुदे श । महोदय/महोदया, मुझे मूलय विधत कर (वैट) के पसतुतीकरण के कारण राजसव हािन के मामले मे राजयो/संघ केतो को कितपूित िवषय पर फा. सं. 34/67/2005-एसटी िदनांक 19 जुलाई, 2005 दारा सभी राजयो/संघ केतो को पूवर मे पिरचािलत ''संशोिधत समेिकत अनुदश े '' का उललेख करने का िनदेश हआ है। 2. मुझे अनय बातो के साथ-साथ िवशेष रप से पैरा-2 के उप-पैरा (घ) मे दशारई गई पिकया का भी उललेख करने का िनदेश हआ है िजसमे 1 अपैल, 2005 से िकसी अविध के िलए िकसी राजय/संघ केत को कितपूित योगय वैट राजसव हािन की गणना की वयवसथा है जो सारत: िपछले पचलन के आधार पर पसतािवत राजसव और उस अविध मे वैट राजसव पदशरन की पसतुित के पशचात िनवल वासतिवक राजसव के मधय का अंतर होगा। 3. इसी दौरान 1 अपैल, 2007 से के नदीय िबकी कर (सीएसटी) को हटाने के िनणरय के पिरणामसवरप सीएसटी कितपूित पर समेिकत िदशािनदेश फा. सं. 28/4/2007-एसटी िदनांक 22.8.2008 के तहत जारी िकए गए। इसमे फामर-डी पसतुत करके सरकारी िवभागो को अनतरराजयीय िबकी पर िरयायती सीएसटी दर का लाभ वापस लेने तथा अब तक सीएसटी राजसव दर 4 पितशत से कम करके 2 पितशत करने के कारण सीएसटी राजसव हािन को समायोिजत करने के िलए तमबाकू और तमबाकू उतपादो पर वैट लगाने सिहत कु छ राजसव बढाने के उपायो की वयवसथा है। 4. राजयो/संघ केतो तथा राजय िवतत मंितयो की अिधकार पापत सिमित (ईसी) ने तदननतर इस मुदे को उठाया िक फामर-डी पसतुत करके सरकारी िवभागो को अनतर-राजयीय िबकी पर िरयायती सीएसटी दर के लाभ को हटाने तथा तमबाकू और तमबाकू उतपादो पर वैट लगाने के कारण राजयो/संघ केतो को होने वाले राजसव लाभ को वैट के पसतुतीकरण तथा सीएसटी को हटाने के कारण राजसव हािन के िलए राजयो को देय कितपूित की गणना के िलए िहसाब मे िलया जा रहा है। इसके अितिरकत राजयो/संघ केतो दारा यह अनुरोध िकया गया िक चूिं क इसके कारण उनकी कितपूित रािश मे अनुिचत रप से कमी हो रही थी, वैट के पसतुतीकरण तथा सीएसटी को हटाने के कारण राजसव हािन के िलए उनको देय कितपूित की गणना करते समय ऐसे उपायो से राजसव लाभ की दोहरी गणना को हटाया जाना आवशयक था। 5. धयानपूवरक िवचार करने पर यह सामने आया िक िकसी राजय/संघ केत के िलए राजसव लाभ की ऐसी दोहरी गणना संभवतया के वल वैट और सीएसटी राजसव हािन के िलए कमश: दो कितपूित पैकेजो, अथारत 1.4.2007 से और राजयो/संघ केतो के िलए वैट कितपूित पैकेज की समािप की तारीख तक (सामानयतया 31.3.2008 तक), के अितवयापन की अविध के िलए हो सकता है। इसके अितिरकत यह देखा गया िक राजसव लाभ की ऐसी दोहरी गणना वासतव मे के वल तभी होगी यिद संबंिधत राजय/संघ केतो ने कमश: दोनो कितपूित पैकेजो अथारत वैट और सीएसटी राजसव हािन के अनतगरत कितपूित के िलए पात राजसव हािनयो को झेला है। इसके अलावा यह पाया गया िक इन उपायो को िवशेष रप से राजयो/संघ केतो को सीएसटी हटाने के कारण हई राजसव हािन, यिद कोई हो, के िलए राजयो/संघ केतो को कर राजसव के अितिरकत सोत पदान करके कितपूित करने के िलए शुर िकया गया था। 6. अतएव, िवसतृत जांच के बाद यह िनणरय िलया गया िक यिद कोई राजय/संघ केत वैट के पसतुतीकरण तथा सीएसटी हटाने दोनो के िलए एक ही अविध मे राजसव हािनयो के िलए कितपूित पापत करने के िलए पात है तो देय कितपूित रािश की गणना के िलए पिरकलन पिकया समुिचत रप से िनमनवत तैयार की जाएगी:I. फामर-डी पसतुत करके सरकारी िवभागो को अनतर-राजयीय िबकी पर िरयायती सीएसटी दर के लाभ को हटाने तथा तमबाकू और तमबाकू उतपादो पर वैट लगाने के कारण राजयो/संघ केतो को होने वाले राजसव लाभ को सीएसटी हटाने के कारण राजसव हािन के िलए राजय/संघ केत को उस अविध के िलए देय कितपूित की गणना करते समय िहसाब मे लेना जारी रहेगा। II. वैट के पसतुतीकरण के कारण राजसव हािन के िलए राजयो/संघ केतो को उसी अविध के िलए देय कितपूित की गणना करते समय इन उपायो से हए राजसव लाभो की िकसी दोहरी गणना के िलए उपयुकत समायोजन िकया जाए। 7. तदनुसार, उपयुरकत उिललिखत िनणरय के आलोक मे वैट कितपूित पर फा. सं. 34/67/2005-एसटी िदनांक 19.7.2005 के तहत पिरचािलत ''संशोिधत समेिकत अनुदश े '' के पृषठ 2 के पैरा 2 मे वासतिवक राजसव के पिरकलन के िलए पिकया के िवसतार के िलए पूवर उपपैरा (घ) के बाद तथा उप-पैरा (ङ) के पहले एक नया उप-पैरा (घघ) िनमनवत शािमल िकया जाना है'' (घघ) यिद कोई राजय/संघ केत वैट के पसतुतीकरण तथा सीएसटी हटाने दोनो के िलए एक ही अविध मे राजसव हािनयो के िलए कितपूित पापत करने के िलए पात है तो उस राजय /संघ केत को उस अविध के िलए िनवल राजसव का पिरकलन फामर-डी पसतुत करके सरकारी िवभागो को अनतर-राजयीय िबकी पर िरयायती सीएसटी दर के लाभ को हटाने से होने वाले अनुमािनत वैट राजसव की रािश तथा इसके अितिरकत तमबाकू और तमबाकू उतपादो पर वैट लगाने से पापत राजसव की वासतिवक रािश से उस अविध के िलए वासतिवक वैट राजसव को कम करके िकया जाएगा, बशते िक उसी अविध के िलए उनके सीएसटी कितपूित दावे से उतनी रािश समायोिजत िकया गया है। ऐसे मामलो मे उस राजय/संघ केत को कितपूित योगय वैट राजसव हािन की रािश उस अविध के िलए पसतािवत राजसव तथा िनवल वैट राजसव के बीच के अंतर की रािश होगी। 8. यह आपके सूचनाथर है। धनयवाद सिहत। भवदीय, (अरिवद कु मार) अवर सिचव, भारत सरकार
© Copyright 2026