(भारत के राजपत , असाधारण, भाग

(भारत के राजपत , असाधारण, भाग-I, खण‍ ड -I मे पकाशनाथथ )
सं . 4(2)97-खान-1
भारत सरकार
खान मं त ालय
नई ििल‍ली, ििनांक
सं क ल‍ प
फा. सं. 4(2)97-खान-1 के दीय भूवैजािनक कायथकम बोडथ (सी जी पी बी) की स‍थापना ििनांक
27 जुलाई, 1966 के भारत सरकार के संकल‍प के माध‍यम से की गई थी । सी जी पी बी का
गठन पारं िभक रप से भूवैजािनक मानिितण तथा िश
े मे खिनज पूवेकण, गवेषण तथा
िविोहन कायथकलापो का समन‍वयन करने के िलए िकया गया था,‍ िजसमे भारतीय
भूवैजािनक सवेकण (जी एस आई)नोडल िवभाग था और राज‍य के भूिवजान तथा खनन
िवभाग और के द सरकार की संस‍थाएं पितभागी सिस‍य थे । िश
े के अलग-अलग भागो मे
खिनजो के भूवैजािनक अन‍वेषणो तथा गवेषण की िविभन‍न स‍कीमो के बीि पारस‍पिरक
पाथिमकताएं िनधाथिरत करने के अलावा बोडथ को भूिवजानो के केत मे नीित तथा मानव
संसाधन िवकास आिि पर व‍यापक िसफािरशे करने का कायथ भी सौपा गया था । तत‍पश‍िात
सी जी पी बी के कायथकलापो की पूित करने के िलए राज‍यो मे राज‍य के भीतर भूिवजान
कायथकलापो का समन‍वयन करने तथा सी जी पी बी और जी एस आई के साथ िविार-िवमशथ
करने के िलए राज‍य भूवैजािनक कायथकम बोडो (एस जी पी बी) का गठन िकया गया ।
2.
सी जी पी बी की 1970 मे हई बैठक मे, जी एस आई तथा िस
ू री के दीय एजेिसयो
तथा राज‍य सरकार के िवभागो के जारी िविभन‍न कायथकमो की पुनरीका करने तथा सरकार
के योजना उदेश‍यो के आधार पर नीित योजना तथा कायथकम िनरपण मे सहायता के िलए
बोडथ के अंतगथत िवषय आधािरत उप-सिमितयां गिठत करने का िनणथय िलया गया था । यह
िनणथय िलया गया था िक उप-सिमितयां पत‍येक सी जी पी बी बैठक मे उपयोग के िलए
अपनी िरपोटे तथा िसफािरशे उपलब‍ध कराएंगी । तिनुसार 12 उप-सिमितयां गिठत की गई
जो 2002 तक, जब इसे सात िवषय आधािरत उप-सिमितयो मे पुनगथिठत िकया गया, कायथ
करती रही ।
3.
1966 से बाडथ की वािषक आधार पर 43 बैठके हई है और सी जी पी बी िश
े के
भूवैजािनक कायथकमो के समन‍वयन के िलए महत‍वपूणथ तंत के तौर पर उभर कर आया है ।
4.
िपछले 40 वषो के िौरान, भूवैजािनक जान मे अत‍यिधक वृिि हई है तथा पृथ‍वी की
पणािलयो का बेहतर तरीके से पता लगाने और उसे समझने के िलए नई पौदोिगिकयां
िवकिसत हई । कई पाकृ ितक तथा मानव िनिमत पिकयाओ की भूवैजािनक तरीके से मजबूत
बनाए जाने को काफी हि तक सराहा जा रहा है और इस पकार सी जी पी बी के
समन‍वयकारी तंत को और व‍यापक बनाए जाने की जररत है तािक उसमे िनम‍न को भी
शािमल िकया जा सके –

बेसलाइन भूिवजान डाटा का सृजन, पबंधन तथा एकीकरण ।

खिनजो,जीवाश‍म (फॉिसल) ऊजाथ तथा कु छ हि तक भूिमजल सिहत पाकृ ितक
संसाधन का आंकलन ।

भूतकनीकी अध‍ययन, पाकृ ितक जैिवकीय तथा रासायिनक भूजोिखम तथा
मूलभूत भूिवजान सिहत बहशाखीय भूिवजान ।

डाटा पबंधन, अिभलेखन तथा स‍पेिटयल डाटा, पर िवशेष जोर ित
े े हए
िनष‍पािन सिहत भूसूिना पणाली तथा भौगोिलक सूिना पणािलयां ।

पाकृ ितक संसाधनो का संतुिलत और वैजािनक उपयोग सिहत िीघथकािलक
िवकास तथा जलवायु पिरवतथन से संबंिधत मुदे ।
5.
राष‍टीय खिनज नीित, 2008 की घोषणा तथा भूवैजािनक केत मे बडी संख‍या मे
स‍थािपत कई नई के दीय तथा राज‍य स‍तर के संगठनो तथा अनुसध
ं ान संस‍थाओ के पािभ
थु ाव
से सी जी पी बी तंत को सुिढृ बनाने की आवश‍यकता की तात‍कािलकता बढ गई है ।
6.
तिनुसार के दीय भूवैजािनक कायथकम बोडथ तथा इसकी उप-सिमितयो को पुनगथिठत
करने और राज‍य सरकारो दारा अपेिकत सहिकया पाप‍त करने के िलए गिठत राज‍य स‍तर के
भूवैजािनक कायथकम बोडो के िनयिमत कायथकरण को बढावा िक
े र के द तथा राज‍य स‍तर के
स‍टेक होल‍डरो के बीि बेहतर समन‍वय स‍थािपत करने का िनणथय िलया गया है
7.
इसिलए तत‍काल पभाव से यह आिश
े ििया जाता है िक के दीय भूवैजािनक कायथकम
बोडथ का िनम‍नानुसार गठन िकया जाए (i)
सििव, खान मंतालय
-अध‍यक
(ii)
अपर सििव, खान मंतालय
-सिस‍य
(iii)
महािनिश
े क, भारतीय भूवैजािनक सवेकण
-सिस‍य
(iv)
संयुक‍त सििव (खिनज नीित)
-सिस‍य
(v)
िनम‍न मंतालयो /िवभागो के पितिनिध (संयुक‍त सििव से िनम‍न
-सिस‍य (10)
ओहिे वाले न हो)
पयाथवरण िवभाग, पयाथवरण एवं वन मंतालय
वन िवभाग, पयाथवरण एवं वन मंतालय
नई तथा नवीकरणीय ऊजाथ मंतालय
पृथ‍वी िवजान मंतालय
नागिरक उडयन मंतालय
जल संसाधन मंतालय
कोयला मंतालय
इस‍पात मंतालय
रका मंतालय
िवजान एवं पौदोिगकी मंतालय
(vi)
सलाहकार (खिनज) योजना आयोग
-सिस‍य
(vii)
के दीय संगठनो के पमुख
-सिस‍य (23)
-के दीय भूिम जल बोडथ (सी जी डब‍ल‍यू बी)
-के दीय जल आयाग (सी डब‍ल‍यू सी)
-भारतीय खान ब‍यूरो (आई बी एम)
-खिनज गवेषण िनगम िल. (एम ई सी एल)
-कोल इंिडया िल. (सी आई एल) तथा इसकी सहयोगी कं पिनयां
-के दीय
खनन
और
(सीआईएमएफआर)
ईधन
अनुसध
ं ान
संस‍थान, धनबाि
-के दीय खान आयोजना एवं िडजाइन संस‍थान िल. (सी एम पी डी
आई एल)
-िसगरे नी कोिलयरीज कं पनी िल. (एस सी सी एल)
-नेयवेली िलग‍नाइट कारपोरे शन िल.(एन एल सी)
-इंिडयन स‍कूल ऑफ माइं स यूिनविसटी (आई एस एम यू)
-राष‍टीय भूभौितकी अनुसध
ं ान संस‍थान (एन जी आर आई)
-वािडया इंस‍टीटूट ऑफ िहमालयन जूलोजी (डब‍ल‍यू आई एि
जी)
-हाइडोकाबथन महािनिश
े ालय
-तेल एवं पाकृ ितक गैस िनगम (ओ एन जी सी)/
के सव िव
े मालवीय इं न‍स‍टीटूट ऑफ पेटोिलयम एक‍सप‍लोरे शन
(के डी एम आई पीई)
-परमाणु खिनज िवभाग ( ए एम डी)
-भारतीय सवेकण (एस ओ आई)
-भारतीय भूवैजािनक सोसाइटी
खनन, भूवैजािनक तथा धातुकमीय संस‍थान (एम जी एम आई)
-के दीय पिष
ू ण िनयंतण बोडथ (सी पी सी बी)
राष‍टीय पयाथवरणीय इं जीिनयिरग अनुसंधान संस‍थान (एन ई ई
आर आई)
-नेशनल िरमोट सेिसग सेटर (एन आर एस सी)/
नेशनल नेिूरल िरसोसेज मैनेजमेट िसस‍टम (एन एन आर एम
एस)
-नेशनल सेटर फॉर एन‍टािटक एण‍ड ओिसयन िरसिथ (एन सी ए
ओ आर)
-नेशनल इंस‍टीटूट ऑफ ओिसनोगाफी (एन आई ओ)
(viii)
राज‍यो के खनन एवं भूिवजान/उदोग सििव
-सिस‍य
(िनिश
े क, खनन एवं भूिवजान स‍थायी आमंितती)
(ix)
उदोग के पितिनिध
-भारतीय खिनज उदोग पिरसंघ (िफमी)
-भारतीय उदोग पिरसंघ (सी आई आई)
-सिस‍य (10)
-टाटा स‍टील
-डी बीयसथ (इंिडया)
-िरयो िटन‍टो
-रंगटा माइं स
-िरलाइंस इण‍डस‍टीज िलिमटेड
-िजयो मैसूर
-पीिमयर िनकल
-एंग‍लो अमेिरकन
(x)
विर. उप/उप डी जी, जी एस आई-स‍कंधो केतो, मानिित तथा -सिस‍य
पकाशन सूिना पौदोिगकी तथा पिशकण संस‍थान के पभारी
(xi)
उप-डी जी (पभारी सी जी पी बी सििवालय)जी एस आई
-सिस‍य सििव
अध‍यक भूिवजान से सम‍बि िकसी िस
ू रे संगठन के पितिनिध को बोडथ की बैठक मे
िवशेष आमंितती के तौर पर अथवा बोडथ की सभी बैठको मे स‍थायी आमंितती के तौर पर
नािमत कर सकते है ।
8.
के दीय भूवैजािनक कायथकम बोडथ की 6 माह मे एक बार बैठक होगी और यह िनम‍न के
िलए िजम‍मेवार होगा (i)
जी एस आई तथा िस
ू रे स‍टेक होल‍डरो के सबंध मे भूिवजान कायथकलाप के
सामान‍य नीितगत िनिश
े न मे मिि करना तथा खान मंतालय को भूिवजान
(ii)
(iii)
(iv)
के नीितगत मुदो पर सलाह िन
े ा।
इस केत मे के दीय एजेिसयो के बीि कायथकम संबंधी समन‍वय करना तथा
बहशाखीय/बहसंस‍थािनक एपोि को बढावा िन
े ा।
समिनवत आयोजना तथा िनष‍पािन के िलए के दीय एजेिसयो तथा राज‍य
स‍तर के संगठनो के बीि बेहतर िविार-िवमशथ/संवाि को समथथ बनाना ।
इस केत मे िवशेषकर राज‍य स‍तर पर पिशकण, मानव संसाधन तथा
अनुसंधान कमता बढाने मे मिि करना तथा अिधकतम उपयोग के िलए
(v)
(vi)
कमता का समन‍वय करना ।
भूवैजािनक कायथकलापो के िलए नए केतो तथा नई पौदोिगिकयो की
पहिान करना तथा उन‍हे अपनाने की रणनीित पर सलाह िन
े ा।
जी एस आई तथा राज‍य एवं के दीय स‍तर अथवा अनुसंधान और शैकिणक
संस‍थाओ सिहत िस
ू री एजेिसयो के बीि भूिवजान साझेिारी पर सलाह
िन
े ा।
(vii)
भूवैजािनक कायथकलाप मे सूिना पौदोिगकी के पयोग को सिकय रप से
बढावा िन
े ा, मजबूत स‍पेिटयल डाटाबेस के साथ भूसूिना िवजान का
िवकास करना ; नेशनल स‍पेिटयल डाटा इन‍फास‍टक‍िर (एन एम डी आई)
संरिना के अंतगथत सामान‍य मानको तथा आिान-पिान योग‍य डाटाबेसो मे
समन‍वय को सुलभ बनाना; तथा इन‍टरनेट आधािरत पौदोिगिकयो के
माध‍यम से भूवैजािनक सूिना के व‍यापक और आसान पसार को पोत‍सािहत
करना ।
(viii)
राज‍यवार आधार पर वािषक कायथकम तथा रोिलग प‍लान आधार पर
पंिवषीय िवस‍तृत उप-केतीय लक‍यो को अनुमोिित करना ।
कम संख‍या (i) से (vii) पर उिललिखत पत‍येक मि के संबंध मे भिवष‍य की िसफािरशो
के साथ वसतुिसथित की एक िवस‍तृत िरपोटथ बोडथ के समक पत‍येक वषथ की पहली बैठक मे
पस‍तुत करनी होगी । पंिवषीय रोिलग योजना तथा वािषक कायथकम को बोडथ के समक
इसकी वषथ की िदतीय बैठक मे तथा फील‍ड सत के पारं भ होने से पहले पस‍तुत िकया जाएगा
।
9.
के दीय बोडथ को िविभन‍न उपकेतो के िलए 12 सिमितयो दारा िनम‍नानुसार सहायता
िी जाएगी ।
(i)
I:लौहमय खिनज (लौह, मैग‍नीज एवं कोमाइट आिि)
(ii)
II.मूल‍यवान धातुएं तथा खिनज (सोना, प‍लेिटनम समूह के तत‍व)
(iii)
III.अलौह तथा युिक खिनज (आधारधातु, िटन, टंगस‍टन, बॉक‍साइट आिि)
(iv)
IV.औदोिगक तथा उवथरक खिनज
(v)
V.ऊजाथ खिनज तथा संसाधन (कोयला, िलग‍नाइट तथा िजयोथमथल)
(vi)
VI.समुदी भूिवजान एवं गवेषण और तटीय भूिवजान
(vii)
VII.हवाई सवेकण एवं िरू-संवि
े ी
(viii)
VIII.पूवोत‍तर केत का भूिवजान एवं खिनज संसाधन
(xi)
IX.भूवैजािनक अन‍वेषण (भूतकनीकी अन‍वेषण, पाकृ ितक िवपिा, जलवायु
पिरवतथन, पयाथवरणीय भूिवजान, शैलो सबसफे स भूिवजान एवं सबसफे स
जलिवजान )
(x)
X.मूलभूत तथा बहशाखीय भूिवजान
(xi)
XI.भूसूिना तथा डाटा पबंधन
(xii)
XII.सतत िवकास के िलए भूिवजान
सिमितयो का संघटन तथा िविाराथथ िवषय अनुबंध-‘क’ पर ििए अनुसार होगे ।
सिमितयां एक वषथ मे िो बार बैठके करे गी और संबंिधत उपकेत के संबध
ं मे अपनी
िसफािरशे के दीय बोडथ को पस‍तुत करे गी ।
पत‍येक सिमित पत‍येक वषथ की िस
ू री सीजीपीबी बैठक से काफी पहले िविशष‍ट
िसफािरशो के साथ-साथ सिमित के सभी िविाराथथ िवषयो पर एक िरपोटथ पस‍तुत करे गी
तािक बोडथ को इसकी अगली बैठक मे एक िवस‍तृत िरपोटथ पेश की जा सके जैसा िक इस
संकल‍प के पैरा 8 मे उपबंिधत है ।
10.
सिमितयां कायथकम के कायथकलापो की िनरं तर िनगरानी करे गी और िवशेषकर
राष‍टीय खिनज नीित, 2008 से उत‍पन‍न होने वाले िनम‍निलिखत अिधिश
े ो को कायथकम िविध
के माध‍यम से बेहतर ढंग से कायाथिनवत करने हत
े ु िसफािरशे करे गी :(क) “भारतीय भूवैजािनक सवेकण, भारतीय खान ब‍यूरो तथा भूिवजान के राज‍य िनिश
े ालयो
को जनशिि, उपकरणो तथा अत‍याधुिनक स‍तर तक उच‍ि कायथ कौशल से सुिढृ बनाया
जाएगा । “ (पैरा 2.2)
(ख) “अत‍याधुिनक गवेषण तकनीको का उपयोग करने के िलए वैजािनक खनन तथा अयस‍क
डैिसग तथा सज‍जीकरण पौदोिगिकयो के माध‍यम से खिनजो का इष‍टतम उपयोग जररी है ।
साथ ही साथ खिनज उदोग की जनशिि की आवश‍यकताओ को पूरा करने के िलए मानव
संसाधन िवकास के िलए उपयुक‍त शैिकक एवं पिशकण सुिवधाओ को भी स‍थािपत करना
जररी है । इन मुदो को परम महत‍व ििया जाएगा और आर एण‍ड डी तथा पिशकण के िलए
एक व‍यापक संस‍थािनक रपरे खा का िवकास िकया जाएगा ।“ (पैरा 2.7)
(ग) ” भारतीय भूवैजािनक सवेकण िश
े के भूवैजािनक मानिितण तथा केतीय संसाधनो का
आकलन करने के िलए पमुख एजेसी है । यह एजेसी उन लक‍यो के िलए इस कायथ मे लगी
िस
ू री एजेिसयो के िनकट सहयोग से कायथ उन‍मख
ु योजनाएं बनाने के िलए िजम‍मेवार होगी ।
खिनज गवेषण िनगम, राज‍य सरकारो की खनन और भूिवजान सावथजिनक िनिश
े ालयो तथा
िविभन‍न के न‍दीय एवं राज‍य के सावथजिनक केत के संगठनो दारा भूिम मे िवस‍तृत गवेषण
िकया जाता है । खिनजो का गवेषण करते समय इन सरकारी एजेिसयो दारा संभािवत
सोतो से महत‍वपूणथ खिनजो, िजन तक अन‍यथा पहि
ं ना किठन होता है सुव‍यविसथत ढंग से
खोज करनी होगी ।“ (पैरा 5.1)
(घ) ” यह सुिनिित करना जररी है िक भारत के अनन‍य आिथक केत का अिधकतम सीमा
तक गवेषण तथा िविोहन िकया जाए । पृथ‍वी िवजान मंतालय और इसकी एजेिसयो को
समुद तल गवेषण तथा खनन का कायथ सौपा गया है । पृथ‍वी िवजान मंतालय तथा जी एस
आई के बीि सहयोग को संस‍थागत रप से स‍थािपत िकया जाएगा तािक इस उदेश‍य को
समयबि रपरे खा के अंिर पाप‍त िकया जा सके । िवस‍तािरत आिथक केत के मानिितण के
कायथ को तीव िकया जाएगा और उसे अंतराथष‍टीय समुद अिभसमय दारा िनधाथिरत समय के
भीतर पूरा िकया जाएगा तािक िश
े को समुद तल खनन के केत का कोई भी नुकसान नही
हो । “ (पैरा 5.3)
(ड.) “उन खिनजो के सवेकण और गवेषण पर, िजसमे िश
े की वृहि संसाधनो की भूवैजािनक
कमता होने के बावजूि, संसाधन एवं भंडार बहत कम है, िवशेष ध‍यान ििया जाएगा । िजन
खिनजो की पोसेिसग के बाि िश
े मे उपयोग अथवा िनयाथत के िलए मांग है उन‍हे पाथिमकता
िी जाएगी । िनम‍न गेड के हम
े ाटाइट, मैग‍नेटाइट, आधार धातुओ, नोबल धातुओ, हीरो तथा
उच‍ि गेड के इलमेनाइट के गवेषण को फास‍ट टैक पर रखा जाएगा ।“ (पैरा 5.4)
(ि) “सरकारी एजेिसयो दारा गवेषण का समन‍वय वतथमान मे भारतीय भूवैजािनक सवेकण
की के न‍दीय आयोजना बोडथ दारा िकया जा रहा है । अएकीकृ त पिरयोजनाओ पर उन‍हे
वािषक कायथकम मे शािमल िकए जाने से पूवथ राज‍य स‍तर की सिमितयो तथा िस
ू री तकनीकी
मंिो पर आमतौर से ििाथ की जाती है । मौजूिा व‍यवस‍था को सुधारा जाएगा तािक यह
सुिनिित िकया जा सके िक पिरयोजनाओ तथा कायथकमो को राष‍टीय नीित के लक‍यो के
अनुरप पाथिमकता िी जा सके और उनका िनधाथरण िनजी केत दारा िकए गए गवेषण
कायथ को ध‍यान मे रखते हए िकया जाए ।“ (पैरा 5.5) और तत‍पश‍िात लॉक-इन अविध के
बाि डाटा जारी िकया जाए ।
(छ) “खिनज संसाधनो के िविोहन पर जोर ििया जाएगा िजसमे िश
े सम‍पन‍न है तािक घरे लू
उदोग की आवश‍यकताएं, वतथमान और भिवष‍य की जररतो को ध‍यान मे रखते हए पूणथरप से
पूरा िकया जा सके साथ ही ऐसे खिनजो के िलए बाहरी बाजार का भी िोहन िकया जाए । “
(पैरा 7.2)
(ज) “खनन केत के बढने पर िश
े को खनन इं जीिनयरो, भूवैजािनको, भूभौितकिविो, भूरसायनजो, भू-इंस‍टमेटेशन िवशेषजो की अिधक से अिधक जररत होगी । केत की मानव
शिि जररतो की व‍यापक समीका की जाएगी और शैकिणक संस‍थाओ को मध‍याविध और
िीघथकालीन जररतो को पूरा करने के िलए सकम बनाया जाएगा ।“ (पैरा 7.6)
(झ) “खिनजो का िनष‍कषथण अन‍य पाकृ ितक संसाधनो जैसे भूिम, पानी, हवा और वन को
काफी पभािवत करता है । केत िजनमे खिनज होते है उनमे अक‍सर अन‍य खिनज संसाधन
होते है और संसाधनो के उपयोग का िवकल‍प पस‍तुत करते है । ऐसे कु छ केत पािरिसथितकीय
रप से भंगुर और कु छ जैिवक रप से समृि होते है । िवकास के जररतो को िख
े ते हए भूिम
का उपयोग तथा िुनाव की इस सुिवधा के साथ-साथ वनो, पयाथवरण और पािरिसथितकी के
संरकण की जररतो के िलए व‍यापक ििृिकोण लेना आवश‍यक है । पयाथवरण के अनुरप
खिनज संसाधनो के सतत िवकास को सुिनिित करने और सुिवधा िन
े े के िलए िोनो पहलुओ
को उिित रप से समिनवत करना होगा ।“ (पैरा 7.10)
11.
के न‍दीय भूवैजािनक पोगािमग बोडथ के िलए और पत‍येक सिमित के िलए एक समिपत
पूणथकािलक सििवालय होगा िजसकी सिवस जीएसआई दारा की जाएगी । जीएसआई
सिमित की बैठको मे भाग लेने वाले पत‍येक राज‍य सरकार के एक सिस‍य को भारत सरकार
की अिधसूिना और उसकी पातता के अनुसार टीए/डीए के भुगतान पर होने वाले व‍यय को
वहन करे गा ।
12.
सवेकण, मानिितण, गवेषण और अन‍य भूवैजािनक कायथकलापो के िलए राज‍य-
स‍तरीय पाथिमकताओ को ध‍यान मे रखते हए समिनवत आयोजन सुगम बनाने के िलए तथा
पिशकण, मानव संसाधन और तकनीकी कमता िनमाथण हत
े ु राज‍य-स‍तरीय आवश‍यकताओ
को कायथकम संबध
ं ी फे मवकथ मे शािमल करना सुगम बनाने हत
े ु पत‍येक राज‍य सरकार को
राज‍य स‍तरीय भूवैजािनक पोगािमग बोडथ गिठत करने और जहां यह बोडथ पहले से ही गिठत
है वहां उसे सिकय बनाने के िलए पोत‍सािहत िकया जाएगा । राज‍य सरकार के भूवैजािनक
िहतो की बेहतर पूित के िलए ऐसे बोडो के गठन/पुनगथठन को सुगम बनाने हत
े ु के न‍दीय बोडथ
की िसफािरश के अनुसार और जीएसआई के परामशथ से खान मंतालय दारा ििशािनिश
े
जारी िकए जाएंगे । राज‍य स‍तरीय बोडथ जीएसआई के स‍थानीय पितिनिधयो तथा के न‍द और
राज‍य स‍तर के अन‍य स‍टॉक होल‍डरो तथा राज‍य स‍तरीय भूवैजािनक कायथकम मे रिि रखने
वाली िनजी एजेिसयो को शािमल कर सकते है और उन‍हे राज‍य स‍तर पर के न‍दीय बोडथ के
कायथकलापो की पकृ ित और कायथकत
े के सिश
ृ कायथकलाप सौपे जा सकते है तािक राज‍य
स‍तरीय बोडो की िसफािरशो को के न‍दीय बोडथ और इसकी सिमितयो के िलए पाथिमक इनपुट
बनाया जा सके ।
13.
खान मंतालय और जीएसआई राज‍य सरकार के संस‍थानो के साथ साझेिािरयां बनाने
और राज‍य स‍तरीय बोडो के तंत के माध‍यम से और अन‍यथा कमता िनमाथण मे मिि करने को
अत‍यिधक महत‍व ित
े े है । तिनुसार, जीएसआई की योजनाओ के िलए इसके योजना बजट का
10% भाग अब से राज‍य स‍तरीय बोडो दारा संस‍तुत और पंिवषीय योजना के समग ढांिे के
अनुरप कायथकलापो के िलए िनयत िकया जाएगा । ऐसे कायथकलापो को तरजीह िी जाएगी
जहां िनम‍न मे से कोई एक अथवा सभी िबन‍ि ु शािमल होगे :(क) सवेकण, गवेषण अथवा अनुसंधान मे राज‍य सरकार की सिकय भागीिारी ।
(ख) राज‍य सरकार के डाटा मे साझेिारी िवशेषकर स‍थािनक (स‍पेशल) डाटाबेसो की
साझेिारी पर िीघथकािलक सहयोग ।
(ग) राज‍य सरकार की पयोगशालाओ सिहत बुिनयािी ढांिे और सुिवधाओ का उपयोग ।
राज‍य स‍तरीय बोडो की िसफािरशो पर पितवषथ के न‍दीय बोडथ की पहली बैठक मे
िविार िकया जाएगा और स‍वीकृ त मिो को पितवषथ के न‍दीय बोडथ की िस
ू री बैठक के समक
रखे जाने वाले वािषक फील‍ड सीजन पस‍ताव मे शािमल िकया जाएगा ।
(एस. िवजय कु म ार )
अपर सििव, भारत सरकार
आिे श
आिश
े ििया जाता है िक इस संकल‍प को भारत के राजपत, असाधारण मे पकािशत
िकया जाए ।
यह भी आिश
े ििया जाता है िक इस संकल‍प की एक पित सभी संबिं धतो को भेज िी
जाए ।
(एस. िवजय कु म ार )
अपर सििव, भारत सरकार
पबंधक,
भारत सरकार मुदणालय,
मायापुरी, नई ििल‍ली
अनु ब ं ध -क
सिमितयो की सं र िना एवं िविाराथथ िवषय
I : लौह खिनज , (लोहा, मै ग नीज, कोमाइट,
आिि)
सं य ोजक : विरष‍ठ उप/उप महािनिश
े क, जीएसआई, पूवी केत कायाथलय (ईआरजो),
कोलकाता
सिस‍ य सििव :
िनिश
े क (सिमित I), जीएसआई, (ईआरओ), कोलकाता
सिस‍ य :
1.
इस‍पात मंतालय (िनिश
े क-तकनीकी स‍तर के )
2.
खान मंतालय, िनिश
े क (नीित)
3.
पयाथवरण एवं वन मंतालय (िनिश
े क स‍तर के )
4.
डीजीएम, कनाथटक सरकार
5.
डीजीएम, आंध पिश
े सरकार
6.
डीजीएम, गोवा सरकार
7.
डीजीएम, तिमलनाडु सरकार
8.
डीजीएम, महाराष‍ट सरकार
9.
डीजीएम, मध‍य पिश
े सरकार
10.
डीजीएम, छत‍तीसगढ सरकार
11.
डीजीएम, झारखंड सरकार
12.
डीजीएम, उडीसा सरकार
13.
आई बी एम
14.
एम.ई.सी.एल.
15.
िटस‍को
16.
एफ आई एम आई
17.
िरयो िटटो एक‍सप‍लोरे शन इंिडया िलिमटेड
18.
पिालन के उप-महािनिश
े क एवं लौह समूह जांि की मिो से संबि जीएसआई के
िनिश
े क, िनिश
े क (मानीटिरग)
एवं िनिश
े क (सीजीपीबी), जीएसआई, सीएिक‍यू
स‍ थ ाई आमं ि तत :
i
राष‍टीय खिनज िवकास िनगम (एन एम डी सी)
ii
उडीसा माइिनग कापोरे शन िलिमटेड (ओ एम सी)
iii
िजिल स‍टील एंड पावर िल0
iv
आधुिनक गुप ऑफ इंडस‍टीज
v
मैगनीज ओर (इंिडया) िल0 (एमओआइएल)
vi
रायपुर एलॉय स‍टील िल0
vii
सारिा एनजी एंड िमनरल‍स िल0
viii
स‍टील अथॉिरटी ऑफ इंिडया िल0 ( एसएआईएल)
II मू ल ‍ य वान धातु एं एवं खिनज (स‍ व णथ , प‍ ल े ि टनम समू ह के तत‍ व ,
हीरा एवं मू ल ‍ य वान पत‍ थ र
सं य ोजक : विरष‍ठ उप/उप महािनिश
े क जीएसआई, ििकणी केतीय कायाथलय (एस आर ओ
), हि
ै राबाि
सिस‍ य सििव : िनिश
े क (सिमित II) , जीएसआई, एस आर ओ, हि
ै राबाि
सिस‍ य
1.
िनिश
े क/उप सििव, खान मंतालय, िरयायतो से संबंिधत
2.
पयाथवरण एवं वन मंतालय के पितिनिध ( एम ओ ई एफ)
3.
डी जी एम, कनाथटक सरकार
4.
डी जी एम, आंध पिश
े सरकार
5.
डी जी एम, तिमलनाडु सरकार
6.
डी जी एम, महाराष‍ट सरकार
7.
डी जी एम, मध‍य पिश
े सरकार
8.
डी जी एम, झारखंड सरकार
9.
डी जी एम, उडीसा सरकार
10.
डी जी एम, के रल सरकार
11.
डी जी एम, छतीसगढ सरकार
12.
डी जी एम, उतर पिश
े सरकार
13.
डी जी एम, राजस‍थान सरकार
14.
एफ आई एम आई
15.
एम ई सी एल
16.
आई बी एम
17.
एन जी आर आई
18.
डी िबयसथ इंिडया िमनरल‍स पाइवेट िल0
19.
िरयो िटटो एक‍सप‍लोरे शन इंिडया िल0
20.
िजयो मैसूर सिवसेज (इंिडया) िल0
21.
आई एस आर ओ (एनएनआरएमएस)
22.
िरलायंस इंडस‍टीज
23.
पिालन के उप महािनिश
े क एवं मूल‍यवान धातुओ और खिनज समूह जांि की मिो
से संबि जीएसआई के
िनिश
े क, िनिश
े क (मॉनीटिरग) एवं (िनिश
े क) (सीजीपीबी), जीएसआई, सीएिक‍यू
स‍ थ ाई आमं ि तत
i
हटी गोल‍ड माइंस कं पनी िल0 (एिजीएमएल)
ii
सीआरए एक‍सप‍लोरे शन इंिडया पा0 िल0
iii
बीएिपी खिनज अन‍वेषण पाइवेट िल0
iv
बी एि पी िमनरल‍स पाइवेट िल0
v
रंगटा माइन‍स िल0
vi
स‍कंि इंपैक‍स पा0 िल0
vii
बंगाल एक‍सप‍लोरे शन
viii
न‍यू ईस‍टनथ एजेसीज
ix
डेक‍कन गोल‍ड माइिनग िल0
x
मेटल माइिनग इंिडया पा0 िल0
xi
एएमआईएल माइिनग इंिडया पा0 िल0
xii
पीिमयर िनकल माइन‍स पा0 िल0
xiii
रामगढ िमनरल‍स एंड माइिनग पा0 िल0
xiv
राष‍टीय खिनज िवकास िनगम (एनएमडीसी)
III: अलौह एवं रणनीितक खिनज (आधार धातु ,
िटन, टं ग स‍ ट न , बॉक‍ स ाइट)
सं य ोजक :
विरष‍ठ उप/उपमहािनिश
े क, जीएसआई, पिश‍िम केत कायाथलय (डब‍ल‍यू आर
ओ),जयपुर
सिस‍ य सििव :
िनिश
े क (सिमित III), जीएसआई, डब‍ल‍यू आर ओ, जयपुर
सिस‍ य :
1.
खान मंतालय, िनिश
े क (एल‍यिु मिनयम)
2.
डी जी एम, आंध पिश
े सरकार
3.
डी जी एम, राजस‍थान सरकार
4.
डी जी एम, के रल सरकार
5.
डी जी एम, महाराष‍ट सरकार
6.
डी जी एम, तिमलनाडु सरकार
7.
डी जी एम, कनाथटक सरकार
8.
डी जी एम,उडीसा सरकार
9.
डी जी एम, झारखंड सरकार
10.
ए एम डी
11.
आईबीएम
12.
एमईसीएल
13.
आईएसआरओ (एनएनआरएमएस)
14.
िजयो मैसूर सिवसेज इंिडया पाइवेट िल0
15.
उपमहािनिश
े क पिालन तथा रणनीितक एवं अलौह समूह जांि की मिो से संबि
िनिश
े क, जीएसआई,
िनिश
े क (मॉनीटिरग) एवं िनिश
े क (सीजीपीबी), जीएसआई, सीएिक‍यू
स‍ थ ाई आमं ि तत
i
रका िवकास एवं अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ, हि
ै राबाि)
ii
िहिसु‍तान कॉपर िलिमटेड (एिसीएल)
iii
नेशनल एल‍यिु मिनयम कं पनी िलिमटेड ( नालको)
iv
िडफे न‍स मेटलिजकल िरसिथ लैबोरे टरी (डीएमआर एल, नई ििल‍ली)
v
स‍टरलाइट इंडस‍टी
vi
मेटल माइिनग इंिडया िलिमटेड
vii
एंगलो अमेिरकन एक‍सप‍लोरे शन पा0 िल0
viii
गोल‍डन पैिटयट माइिनग पा0 िल0
ix
इंडो गोल‍ड माइं स
x
मुगल िरसोसेज
xi
िहडालको
xii
आईएमएमटी, भुवनेश‍वर
xiii
इंिडयन रे अर अथसथ िल0 , के रल
xiv
के रल रे अर अथसथ िमनरल‍स िल0
xv
बीएआरसी
IV : औदोिगक एवं
उवथ र क खिनज
सं य ोजक :
विरष‍ठ उप/उप महािनिश
े क,, जीएसआई, मध‍य केत कायाथलय (सीआरओ)
नागपुर
सिस‍ य सििव : िनिश
े क (सिमित iv) जीएसआई , सीआरओ, नागपुर
सिस‍ य :
1.
िनिश
े क, खान मंतालय
2.
िनिश
े क, उवथरक मंतालय
3.
िनिश
े क, उदोग िवभाग
4.
डीजीएम, झारखंड सरकार
5.
डीजीएम,राजस‍थान सरकार
6.
डीजीएम, उतर पिश
े सरकार
7.
सीजीएम, गुजरात सरकार
8.
डीजीएम, मध‍य पिश
े सरकार
9.
डीजीएम,मेघालय सरकार
10.
डीजीएम,महाराष‍ट सरकार
11.
डीजीएम, जम‍मू व कश‍मीर सरकार
12.
डीजीएम,आंध पिश
े सरकार
13.
डीजीएम, कनाथटक सरकार
14.
डीजीएम, उडीसा सरकार
15.
डीजीएम,तिमलनाडु सरकार
16.
डीजीएम,के रल सरकार
17.
डीजीएम, िहमािल पिश
े सरकार
18.
आई बी एम
19.
एमईसीएल
20.
पिालन के उप महािनिश
े क एवं औदोिगक और उवथरक खिनज समूह जांि वस‍तुओ
से संबि जीएसआई के
िनिश
े क, िनिश
े क (मॉनीटिरग) एवं (िनिश
े क) (सीजीपीबी) जीएसआई, सीिएिक‍यू
स‍ थ ाई आमं ि तत :
i
आर एस एम डी सी
ii)
सीमेट उदोग के पितिनिध (ए सी सी िलिमटेड)
iii)
पाइराइट फॉस‍फेट के िमकल‍स िल0, नई ििल‍ली
V : ऊजाथ खिनज एवं सं स ाधन (कोयला, िलग‍ न ाइट
एवं िजयोथमथ ल )
सं य ोजक :
विरष‍ठ उप/उप महािनिश
े क,, जीएसआई, कोयला िवग, कोलकाता
सिस‍ य सििव : िनिश
े क (सिमित v) जीएसआई , सीडब‍ल‍य,ू कोलकाता
सिस‍ य :
1.
कोयला मंतालय (िनिश
े क-तकनीकी स‍तर)
2.
नवीन एवं नवीकरणीय ऊजाथ मंतालय (िनिश
े क –तकनीकी स‍तर)
3.
योजना आयोग ( सलाहकार : कोयला)
4.
डीजीएम,महाराष‍ट सरकार
5.
सीजीएम,गुजरात सरकार
6.
डीजीएम,राजस‍थान सरकार
7.
डीजीएम,छत‍तीसगढ सरकार
8.
डीजीएम,झारखंड सरकार
9.
डीजीएम,पििम बंगाल सरकार
10.
डीजीएम,उडीसा सरकार
11.
डीजीएम,उतराखंड सरकार
12.
डीजीएम,मध‍य पिश
े सरकार
13.
डीजीएम,तिमलनाडु सरकार
14.
डीजीएम,उडीसा सरकार
15.
डीजी,आंध पिश
े सरकार
16.
डीजी, हाइडोकाबथन‍स
17.
एनजीआरआई
18.
एनएलसी
19.
एमईसीएल
20.
सीआईएल( सीएमपीडीआईएल, रांिी)
21.
एससीसीएल
22.
सीआईएमएफआर
23.
आईएसआरओ/एनएनआरएमएस
24.
के डीएमआईपीई
25.
िरलायंस इंडस‍टीज िल0 मुंबई
26.
पिालन के उपमहािनिश
े क और ऊजाथ खिनजो एवं संसाधनो (कोयला, िलग‍नाइट एवं
िजयोथमथल) से संबंि
जीएसआई के िनिश
े क, िनिश
े क (मॉनीटिरग) और िनिश
े क (सीजीपीबी), जीएसआई,
सीएिक‍यू ।
स‍ थ ाई आमं ि तत :
i
सेल
ii
एनईसी
iii
टाटा स‍टील
iv
एनटीपीसी
v
इंिडयन स‍कूल ऑफ माइन‍स युिनविसटी (आइएसएमयू) धनबाि
vi
एरो एनजी िलिमटेड
खिनजो हे त ु सीजीपीबी की सिमित के िविाराथथ िवषय
(सिमित -I से सिमित v)
सिमित –I :
लौह खिनज,सिमित – II : मूल‍यवान धातुएं एवं खिनज,
सिमित –III : अलौह एवं रणनीितक खिनज, सिमित –iv : औदोिगक एवं उवथरक खिनज
और सिमित-v : सी जी पी बी की ऊजाथ खिनज और संसाधन सिमित का गठन िनम‍निलिखत
िविाराथथ िवषयो के िलए गया था :1.
राष‍टीय स‍तर पर केतीय, िवस‍तृत एवं संवधथनात‍मक गवेषण हत
े ु वािषक एवं पंिवषीय
योजनाएं बनाना ।
2.
भारत सरकार के िविभन‍न मंतालयो दारा पायोिजत संवधथनात‍मक गवेषण स‍कीमो के
बजट के उपयोग साथ जारी कायथकमो सिहत सिमित के गितिविध केत से संबिं धत
अब तक िकए गए कायथ की समीका करना ।
3.
िनधाथिरत योजना लक‍यो एवं पाथिमकताओ के अनुसार सरकारी, सावथिजनक एवं
िनजी गवेषण कायथ का समन‍वय करना ।
4.
गवेषण मे के दीय और राज‍य संगठनो और सावथजिनक-िनजी भागीिारी को सुगम
बनाना एवं बढावा िन
े ा।
5.
जानकारी एवं तकनीकी के पगामी उन‍नयन को ध‍यान मे रखते हए, स‍टेटस पेपर, िीघथ/
लघु अविध पिरपेक‍य
योजनाएं, अंितम –उपयोगकताथ मेन‍युल को अदतन करना ।
6.
के दीय, राज‍य एवं िनजी एजेिसयो को शािमल करते हए सभी केतीय एवं िवस‍तृत
गवेषण का डाटाबेस (स‍टेटस
मानिित सिहत) बनाना एवं अदतन करना ।
7.
डाटा शेयिरग और पिार-पसार हत
े ु नोडल एजेसी के रप मे कायथ करने के
िलए पिकया बनाना ।
8.
वैिश‍वक मानको के अनुरप वैजािनक खनन, अयस‍क पसाधन एवं सज‍जीकरण
तकनीक को अपनाते हए, िश
े की
भिवष‍य की जररतो को ध‍यान मे रखते हए सरकार को खिनजो के संरकण एवं
इष‍टतम उपयोग पर सुझाव िन
े ा।
9.
िनयमानुसार केतीय गवेषण मे लगे िरयायत धारको से डाटा िािखल करने को
सुिनिश‍ित करने एवं एक िििन‍हत पणाली के जिरए लॉक –इन अविध के पश‍िात
सावथजिनक केत मे इसकी उपलब‍धता को मॉनीटर करना ।
10.
खिनज केत मे गवेषण तकनीको से संबंिधत अनुसंधान एवं िवकास कायथ को
पाथिमकता िन
े ा , फील‍ड/सेम‍पिलग
उपकरणो का आधुिनकीकरण एवं सज‍जीकरण ।
11.
सरकार को मानव संसाधन िवकास पर सलाह िन
े ा एवं के दीय व राज‍य संगठनो के
कािमको को समथथ बनाने हत
े ु
पिशकण िन
े ा।
सिमित को यह अिधकार होगा िक वह सिमित के लाभिायक िविार-िवमशथ हत
े ु
आवश‍यकतानुसार अन‍य संगठनो को आमंिततो की तरह सहयोिजत कर सके ।
VI : समु द ी भू ि वजान तथा गवे ष ण और
तटीय भू ि वजान
सं य ोजक: विरष‍ठ उप महािनिश
े क/उप महािनिश
े क, जीएसआई, समुदी िवग, कोलकाता
सिस‍ य सििव: िनिश
े क(सिमित VI) जीएसआई, एम डब‍ल‍यू , कोलकाता
सिस‍ य :
1.
खान मंतालय, नई ििल‍ली (तकनीकी िनिश
े क स‍तर के )
2.
पृथ‍वी िवजान मंतालय, नई ििल‍ली (तकनीकी िनिश
े क स‍तर के )
3.
िवजान और पौदोिगकी िवभाग(डीएसटी), नई ििल‍ली (तकनीकी िनिश
े क
स‍तर के )
4.
भारतीय खान व‍यूरो (आईबीएम), नागपुर
5.
महािनिश
े ालय, हाइडोकाबथन (डीजीएि), नई ििल‍ली
6.
डीजीएम, पििम बंगाल सरकार
7.
डीजीएम, उडीसा सरकार
8.
डीजीएम, आंध पिश
े सरकार
9.
डीजीएम, तिमलनाडु सरकार
10. डीजीएम, के रल
सरकार
11. डीजीएम, कनाथटक
सरकार
12. डीजीएम, महाराष‍ट
13. डीजीएम, गोवा
14.
सरकार
सरकार
सीजीएम, गुजरात सरकार
15. तेल
एवं पाकृ ितक गैस िनगम(ओएनजीसी), िह
े रािन
ू
16. नेशनल
सेटर फॉर अंटाकथ िटक एंड ओशन िरसिथ (एनसीएओआर), गोवा
17. नेशनल
इं स‍टीटृयूट ऑफ ओिशयनोगाफी (एनआईओ), गोवा
18. एटािमक
19. उप
िमनरल डाइरे क‍टेट फॉर एक‍सप‍लोरे शन एंड िरसिथ, हि
ै राबाि
महािनिश
े क, पिालन और समुदी भूवैजािनक एवं गवेषण तथा तटीय
भूिवजान से संबि जीएसआई के
िनिश
े क, िनिश
े क(िनगरानी) और
िनिश
े क(सीजीपीबी), जीएसआई, के न‍दीय मुख‍यालय
स‍ थ ायी सिस‍ य :i.
इंिडयन पोटथस एसोिसएशन (आईपीए), नई ििल‍ली
ii.
भारतीय जहाजरानी िनगम (एससीआई), मुम‍बई
iii.
भारतीय नौसेना(आईएन), नई ििल‍ली
iv.
नेशनल िफिजकल ओिशयनोगािफक लेबोरे टी (एनपीओएल), कोिि
v.
नेशनल हाइडोगािफक ऑिफस(एनएिओ), िह
े रािन
ू
vi.
स‍पेस एप‍लीके शन सेटर(एसएसी), अहमिाबाि
vii.
इंिडयन नेशनल सेटर फॉर ओशन इं फॉरमेशन सिवसेज(आईएनसीओआईएस),
हि
ै राबाि
viii. नेशनल
इं स‍टीटूट ऑफ ओशन टेक‍नॉलजी (एनआईओटी), िेन‍नई
ix.
कोस‍टल इरोजन डायरे क‍टेट, सेटल वॉटर कमीशन, नई ििल‍ली
x.
इं टेगेटेड कोस‍टल एंड मेिरन एिरया मेनेजमेट(आईसीएमएएम), िेन‍नई
xi.
सेटल वॉटर एंड पावर िरसिथ स‍टेशन (सीडब‍लयूपीआरएस), पूणे
सीजीपीबी की सिमित VI(समु द ी) के िलए िविाराथथ िवषय
1.
राष‍टीय स‍तर पर वािषक और पंिवषीय योजना तैयार करना
2.
जारी पिरयोजनाओ सिहत सिमित के पमुख कायथकलाप से संबध
ं ी अभी तक
िकए गए कायो की समीका करना ।
3.
जीएसआई और अन‍य संगठनो के िविभन‍न जारी कायथकमो के योजना उदेश‍यो
पर सारगिभत सुझाव तैयार करना ।
4.
कायथ की िविभन‍न मिो की िनधाथिरत पाथिमकताओ मे, यिि आवश‍यक हो तो
पिरवजथन की िसफािरश करना । खान मंतालय और पृथ‍वी िवजान मंतालय के
बीि (क) अनन‍य आिथक केत (इ््रईजेड) मे केतीय अपतट खिनज गवेषण
और खिनजीकरण के अनुसार गहरे समुदी केतो मे भी कमबि समुदी तल
मानिितण (ख) भिवष‍य मे िवस‍तािरत ईईजेड का कमबि समुदी तल का
मानिितण संबंधी िजम‍मि
े ारी की पाथिमकताएं और िहस‍सेिारी िनधाथिरत की
गई है ।
5.
समुदी तटीय आपिाओ के िलए िनपटने संबंधी उपायो की योजना बनाने के
िलए इन आंकडो का पयोग करने के उदेश‍य से आंकडो का िडिजटाइजेशन और
तटीय िजयोमॉरफोलाजी के वगीकरण को अदतन करना ।
6.
अपतट आंकडो की महत‍ता और वगीकृ त पकृ ित को ध‍यान मे रखते हए िविभन‍न
उपयोगकताथ एजेिसयो को डाटा का पिार-पसार करने के िलए िविभन‍न
संगठनो दारा सृिजत अपतट डाटा के पुनवथगीकरण का पस‍ताव करना और
सिस‍य संगठनो और सावथजिनक केत मे उन‍ही डाटा की आिान-पिान के तौर
तरीके तैयार करना ।
7.
िसथित के कागजात, िीघथ/अल‍प अविध पिरपेक‍य योजनाएं तैयार करना और
एनएमपी 2008 मे नई गितिविधयो को ध‍यान मे रखते हए अंितम
उपयोगकताथ िविनिश
े न तैयार करना
8.
समुदी भूिवजानो मे जान के िवकास के िलए भारत और िविश
े मे जीएसआई
और अन‍य सिस‍य संगठनो तथा िवशेष संस‍थानो के बीि सहयोगात‍मक
कायथकम िलाने का सुझाव िन
े ा।
9.
िवशेष कायथकलाप केतो अथाथत तटीय
भूिवजान, भूतकनीकी मापिण‍डो,
पयाथवरणीय िनधाथरण आिि िजनको सिमित ने आवश‍यक माना है से संबंिधत
िवशेष महत‍व के कोई अन‍य िवषयो पर सलाह िन
े ा।
10. सिमित
लाभिायक िविार-िवमशथ के िलए अगर आवश‍यक समझे तो अन‍य
संस‍थानो को आमंितत सिस‍यो के रप मे बुलाने की शिि रखेगी ।
VII: हवाई सवे क ण और सु ि ू र सं व े ि ी
(िरमोट से ि सग)
सं य ोजक: विरष‍ठ उप महािनिश
े क/उप महािनिश
े क, जीएसआई, एएमएसई िवग, बेगलौर
सिस‍ य सििव: िनिश
े क(सिमित VII), जीएसआई, एमएमएसई, बंगलौर
सिस‍ य :
1.
खान मंतालय, नई ििल‍ली (तकनीकी िनिश
े क स‍तर के )
2.
रका मंतालय ( तकनीकी िनिश
े क स‍तर के )
3.
आईबीएम
4.
डीजीएम, मध‍य पिश
े सरकार
5.
डीजीएम, उडीसा सरकार
6.
डीजीएम, राजस‍थान सरकार
7.
डीजीएम, आंध पिश
े सरकार
8.
डीजीएम, कनाथटक सरकार
9.
डीजीएम, छतीसगढ सरकार
10. राष‍टीय
सुिरू संवि
े ी के न‍द (एनआरएससी), एनएनआरएमएस (भूिवजान
संबध
ं ी स‍थायी सिमित)
11. तेल
एवं पाकृ ितक गैस िनगम (ओएनजीसी)
12. परमाणु
13. के न‍दीय
खिनज पभाग (एएमडी)
भूजल बोडथ (सीजीडब‍लयूबी)
14. डीजी, हाइडोकाबथनस
‍ , नई
15. राष‍टीय
16. सभी
ििल‍ली
भूभौितकी अनुसंधान संस‍थान (एनजीआरआई)
केतीय सुिरू संवेिी के न‍द (आरआरएससी-इसरो)
17. मैससथ
िरयो िटटो
18. मैससथ
डी िबयसथ
19. मैससथ
िजयोमैसूर
20. विरष‍ठ
उप महािनिश
े , पिालन और हवाई सवेकण और सुिरू संवि
े ी संबध
ं ी
अन‍वेषणो से संबध
ं
जीएसआई के
िनिश
े क, िनिश
े क(िनगरानी) और
िनिश
े क(सीजीपीबी), जीएसआई, के न‍दीय मुख‍यालय
स‍ थ ायी आमं ि तती सिस‍ य :i.
नागिरक उडडन के महािनिश
े क (डीजीसीए)
ii.
आयल इंिडया िल‍िमटेड (आईएलओ)
iii.
मैससथ बीएिपी
iv.
मैससथ कै िरन‍स
v.
कनाथटक, गुजरात, राजस‍थान राज‍य (सुिरू संवेिी के न‍द)
vi.
पिरयोजना समन‍वयक एएसआरएस समूह
सीजीपीबी की सिमित VII (हवाई सवे क ण और सु िू र सं व े ि ी) के िलए िविाराथथ
िवषय
1.
राष‍टीय स‍तर पर वािषक और पंिवषीय योजनाएं तैयार करना
2.
सिमित के कायथकलाप डोमेन से संबंिधत िविभन‍न संगठनो दारा िकए गए
कायथ की समीका करना
3.
योजागत उदेश‍यो के संिभथ मे जीएसआई और अन‍य संगठनो के जारी िविभन‍न
कायथकमो पर महत‍वपूणथ सुझाव तैयार करना ।
4.
भूवैजािनकी उदेश‍यो के िलए सूिना के उपयोग के िलए डाटाबेस शेयर करने
और एप‍लीके शन िवकिसत करने की ििृि से िविभन‍न संगठनो के बीि आपसी
िविार-िवमशथ तथा सहयोग िवकिसत करना ।
5.
सावथजिनक केत मे आधारभूत हवाई भूभौितकी डाटा और मानिितो के
पिार-पसार को बढावा िन
े ा और हवाई भूभौितकी डाटा शेयिरग मे पितबंधो
को हटाने के तरीके तलाशना अथवा समय-समय पर आवश‍यक उपयुक‍त
उपिारात‍मक उपाय सुझाना ।
6.
हवाई बोनथ एवं हिेलबोनथ िरमोट सेिसग मे पौदोिगकी िवकास की समीका
और िनगरानी करना और हाइपरस‍पेक‍िरल तथा गुरत‍वाकषथण मानिितण
सिहत सवेकण और मानिितण के िलए नई और अदतन पौदोिगकी पर
सुझाव िन
े ा।
7.
आरपी/एलएपीएल के माध‍यम से पाप‍त डाटा का संगहण पोसेिसग, उपयोग,
आिकिवग और पकाशन के पििलत/पितबंिधत िनयमो की समीका करना ।
8.
िकसी संबंिधत मामले पर सरकार को सलाह िन
े ा जैसािक सिमित आवश‍यक
समझती है ।
सिमित लाभिायक िविार-िवमशथ के िलए अगर आवश‍यक समझे तो अन‍य संस‍थानो
को आमंितत सिस‍यो के रप मे बुलाने की शिि रखेगी ।
VIII पू व ोतर के त का भू ि वजान और
खिनज सं स ाधन
सं य ोजक : विरष‍ठ उप महािनिश
े क/उप महािनिश
े क, जीएसआई, पूवोतर केत, िशलांग
सिस‍ य सििव: िनिश
े क(सिमित VIII), जीएसआई, पूवोतर केत, िशलांग
सिस‍ य :
1.
िनिश
े क (तकनीकी), खान मंतालय
2.
सलाहकार (टेक‍नीकल पोगािमग प‍लािनग को-आिडनेशन), खान मंतालय
3.
योजना आयोग, भारत सरकार के पितिनिध (सलाहकार-खिनज)
4.
पृथ‍वी िवजान मंतालय, भारत सरकार के पितिनिध
5.
पयाथवरण और वन मंतालय, भारत सरकार के पितिनिध
6.
भारतीय खान ब‍यूरो (आईबीएम)
7.
खिनज गवेषण िनगम िलिमटेड (एमईसीएल)
8.
के न‍दीय भूजल बोडथ (सीजीडब‍लयूबी)
9.
के न‍दीय जल आयोग (सीडब‍लयूसी)
10. तेल
और पाकृ ितक गैस िनगम िलिमटेड (ओएनजीसी)
11. परमाणु
खिनज महािनिश
े ालय (एएमडी)
12. डीजीएम, अरणािल
13. डीजीएम, असम
पिश
े सरकार
सरकार
14. डीजीएम, मिणपुर
सरकार
15. डीजीएम, मेघालय
सरकार
16. डीजीएम, िमजोरम
सरकार
17. डीजीएम, नागालैड
18. डीजीएम, ितपुरा
सरकार
19. डीजीएम, िसििम
20. टाटा
सरकार
सरकार
आयरन और स‍टील िलिमटेड, टाटा नगर
21. सेन‍टल
माइिनग
प‍लािनग
एंड
िलिमटेड(सीएमपीडीआईएल)
22. उप
महािनिश
े क, पिशकण संस‍थान, हि
ै राबाि
िडजाइन
इंस‍टीटयूट
23. उप
महािनिश
े , जीएसआई, कोयला िवग, कोलकाता, पिालनो के उप
महािनिश
े क और पूवोतर के भूवैजािनक और खिनज संसाधनो संबध
ं ी
अन‍वेषणो से संबंि जीएसआई के िनिश
े क, िनिश
े क(िनगरानी) और
िनिश
े क(सीजीपीबी), जीएसआई, के न‍दीय मुख‍यालय
स‍ थ ायी आमं ि तत सिस‍ य :i.
पूवोतर िवभाग, भारत सरकार का पितिनिध (िनिश
े क स‍तर)
ii.
एनईसी (सलाहकार, खिनज)
iii.
बहपुत बोडथ
iv.
सीमा सडक संगठन
v.
ओएमसी, भुवनेश‍वर
vi.
ओआईएल
vii.
एनएिपीसी
viii. एनटीपीसी
ix.
एनईईपीसीओ
x.
िवजान और पौदोिगकी का पूवोतर संस‍थान (पहले आरआरएल), जोरहाट
xi.
भूिवजान िवभाग का पितिनिध
xii.
नागालैड िवश‍विवदालय
xiii. मिणपुर
िवश‍विवदालय
xiv. गुवाहाटी
xv.
िवश‍विवदालय
िडबूगढ िवश‍विवदालय
xvi. तेजपुर
िवश‍विवदालय
xvii. पूवोतर
िहल िवश‍विवदालय, िशलांग
xviii.
आईआईटी, गुवाहाटी
xix. लेफाजथ
इंिडया पाइवेट िलिमटेड
xx.
एसीसी
सीजीपीबी की सिमित VIII (पू व ोतर के त ) के िलए िविाराथथ िवषय
1.
केतीय स‍तर पर वािषक और पंिवषीय योजनाएं तैयार करना ।
2.
सिमित भूिवजान संबध
ं ी कायथकलाप मे सभी भागीिारो (सरकारी,
सावथजिनक, िनजी, िवश‍विवदालय, आरएंडडी संस‍थान आिि) के िलए एक
समान मंि के रप मे काम करे गी ।
3.
खिनज संसाधनो के मानिितण, गवेषण और िविोहन के िलए सावथजिनक
और िनजी िोनो केत के िविभन‍न स‍टेक होल‍डरो दारा पूवोतर केत मे भूिवजान
से संबंिधत सभी कायथकलापो की िनगरानी और समन‍वय करना ।
4.
पाकृ ितक और मानवजिनत िोनो तरह के जोिखमो की ििृि से केत की नाजुक
पिरिसथितकी पणाली से संबिं धत सभी मुदो का समाधान करना।
5.
पूवोतर केत िश
े का हाइडोपावर स‍टोर है और सावथजिनक तथा िनजी िोनो
केत के संगठन इसके िवकास मे लगे हए है, सिमित सभी मुदो, िवशेषकर जल
संसाधन िवकास पर भूवैजािनक अिंभो और अिभयांितकी हल की ििशा मे
िविार-िवमशथ/समाधान के िलए साझा मंि के रप मे कायथ करे गी ।
6.
कायथ की िविभन‍न मिो की िनधाथिरत पाथिमकताओ मे, यिि आवश‍यक हो, तो
पिरवतथन की िसफािरश करना 1
7.
िविभन‍न उभरते हए मुदो, िीघथ/अल‍पकािलक पिरिशृ‍य योजनाएं पर िसथित
कागजात तैयार करना ।
8.
सिमित लाभपि िविार-िवमशथ के िलए यिि आवश‍यक समझे तो अन‍य
संस‍थाओ को आमंितत सिस‍यो के रप मे बुलाने की शिि रखेगी ।
IX भू व ै ज ािनकी अन‍ व े ष ण (भू त कनीकी अन‍ व े ष ण, पाकृ ि तक जोिखम , जलवायु
पिरवतथ न , पयाथ व रणीय भू ि वजान, शै ल ो सब सरफे स भू ि वजान और सब सरफे स
हाइडोलॉजी)
सं य ोजक: विर.उप महािनिश
े क/उप महािनिश
े क, जीएसआई, उतरी केत(एनआर),
लखनऊ
सिस‍ य सििव: िनिश
े क(सिमित IX) जीएसआई, एनआर, लखनऊ
सिस‍ य :
1.
िनिश
े क(तकनीकी), खान मंतालय
2.
पयाथवरण और वन मंतालय (तकनीकी िनिश
े क)
3.
पृथ‍वी िवजान मंतालय, नई ििल‍ली
4.
एनआरएससी (इसरो)
5.
डीजीएम, जम‍मू व कश‍मीर सरकार
6.
डीजीएम, िहमािल पिश
े सरकार
7.
डीजीएम, उतराखंड सरकार
8.
डीजीएम, पूवोतर केत के राज‍य
9.
राष‍टीय पयाथवरणीय अिभयांितकी अनुसंधान संस‍थान, नागपुर
10.के दीय भूिम जल बोडथ (सीजीडब‍ल‍यूबी)
11.भूवैजािनक जांि पडताल (भूतकनीक जांि, पाकृ ितक आपिा, जलवायु पिरवतथन,
पयाथवरणात‍मक भूिवजान,
उथली ऊपरी तह संबंधी भूिवजान और जल िवजान) से संबि जीएसआई के उप
महािनिश
े क और िनिश
े क, िनिश
े क (मानीटिरग) और िनिश
े क (सीजीपीबी),
जीएसआई, सीएिक‍यू ।
स‍ थ ायी आमं ि तती
i
राष‍टीय आपिा पािधकरण पबंध,नई ििल‍ली
ii
राष‍टीय जल िवजान संस‍थान, रडकी
iii
सीईए
vi
एनएिपीसी
v
एनटीपीसी
vi
डब‍ल‍यूएपीसीओएस
vii
एनडब‍ल‍यड
ू ीए
viii
जी.बी पंत िहमालयाई पयाथवरण और िवकास संस‍थान, अल‍मोडा
ix
के दीय शुष‍क केत अनुसंधान संस‍थान, जोधपुर (राजस‍थान)
x
के दीय पिष
ू ण िनयंतण बोडथ
xi
िनिश
े क, सीडब‍ल‍यूपीआरएस , पुणे अथवा पितिनिध
xii
डीएसटी, अंडमान और िनकोबार पशासन, पोटथ ब‍लेयर
xiii
भूिाल जोिखम मूल‍यांकन के द, (ईआरईसी), नई ििल‍ली
xiv
आई एम डी
xv
बफथ और िहमस‍खलन अध‍ययन पितष‍ठान (एसएएसई), िण‍डीगढ
xvi
भूिवजान एवं भूभौितकी िवभाग, आईआईटी, खडगपुर
xvii
भूिाल इं जीिनयिरग िवभाग, आईआईटी, रडकी
xviii िसिवल इंजीिनयरी िवभाग, आईआईटी, कानपुर
xix
भूकम‍प िवजान संस‍थान, गांधीनगर
xx
राज‍य आपिा पबंधन (एसडीएम)/राहत आयुक‍त (आरसी), महाराष‍ट सरकार
xxi
एसडीएम/आरसी, जम‍मू कश‍मीर सरकार
xxii
एसडीएम/आरसी,िहमािल पिश
े सरकार
xxiii एसडीएम/आरसी, उतराखंड सरकार
xxiv एसडीएम/आरसी, पिश‍िम बंगाल सरकार
xxv एसडीएम /आरसी , पू व ोतर राज‍ य
xxvi
ने श नल इं स ‍ ट ीटू ट ऑफ रॉक मे केि नक‍ स
सीजीपीबी की IX वी सिमित (भू व ै ज ािनक जां ि ) के िलए िविाराथथ िवषय
1.
राष‍टीय पैमाने पर वािषक और पंिवषीय योजनाएं तैयार करना ।
2.
पाकृ ितक आपिाओ से उठने वाले सामािजक मुदो पर समय-समय पर सरकार
को सलाह िन
े ा और पुनवाथस सिहत संभािवत िनवारक कम / करने के सुझाव
िन
े ा।
3.
न के वल भूस‍खलनो और भूकंपो अिपतु अन‍य लोक स‍वास‍थ‍य और लोक िहत के
मुदो िजनका भूस‍थािनक उपाय जैसे आिसिनक, फलोिरन पिष
ू ण आिि से
संबिं धत बहत से पैरामीटरो पर कमबि रप से डाटा (जहां संभव हो स‍थािनक
आधार पर) एकितत करना और मानीटर करना ।
4.
एनएन आरएमएस, जलवायु पिरवतथन की पीएम सिमित आिि सिहत
िविभन‍न संगठनो दारा िकए गए कायथ की समीका करना और भिवष‍य मे कायथ
के िलए उनके पस‍तावो का मूल‍यांकन करना तथा सिमित के िायरे के तहत
भूवैजािनक केतो मे भिवष‍य मे कारथ वाई करने के िलए िरक‍त केतो की पहिान
करना ।
5.
भूिम पणाली और इसके संसाधनो के पभावी पबंध के िलए पाकृ ितक आपिा
के केतो और भू-पयाथवरण मे अत‍याधुिनक तकनीको और अनुसध
ं ान के पयोग
को बढावा िन
े ा।
6.
पाकृ ितक आपिाओ सिहत संबिं धत िविभन‍न भूवैजािनक घटनाओ के संबंध मे
योजना, पबंध, िनवारण आिि के िलए जीआईएस अनुपयोग िवकिसत करने मे
मिि िन
े े के उदेश‍य से स‍थािनक डाटा सिहत संगत डाटा सेटो के एकीकरण को
समथथ बनाना ।
7.
िक‍सी िवशेष गितिवध केत से संबंिधत कोई अन‍य तत‍काल मामले, जैसा
सिमित दारा िविार िकया जाता है, पर सीजीपीबी सिमित को सलाह िन
े ा।
8.
सिमित को िवशेष कायथसूिी वाली िवशेषीकृ त िवषयवस‍तु पर छोटे समूहो
संबध
ं ी बैठके आयोिजत करने का अिधकार है ।
सिमित लाभपि िविार िवमशथ के िलए जब भी आवश‍यक हो आमंितित के
9.
रप मे अन‍य संस‍थाओ का ियन कर सकती है ।
X बु ि नयािी और बह अनु श ासिनक
भू ि वजान
सं य ोजक
:
विरष‍ठ
उप
/उप
महािनिश
े क,
जीएसआई,
सीजीएल,
के न‍दीय
मुख‍यालय(सीएिक‍यू), कोलकाता
सिस‍ य सििव: िनिश
े क (सिमित-X), जीएसआई, सीएिक‍यू, कोलकाता
सिस‍ य :
1.
िनिश
े क(तकनीकी), खान मंतालय, नई ििल‍ली
2.
िवजान और पौदोिगकी िवभाग, भारत सरकार के पितिनिध
3.
तेल और पाकृ ितक गेस आयोग, िह
े रािन
ू
4.
राष‍टीय भूभौितकी अनुसंधान संस‍थान, हि
ै राबाि
5.
वािडया िहमालयाई भूिवजान संस‍थान, िह
े रािन
ू
6.
िरयो िटन‍टो
7.
डी बीयसथ
8.
बुिनयािी भूिवजान संबध
ं ी कायथकमो से संबंि जीएसआई के डीडीजी और
िनिश
े क,
उप
महािनिश
े क
िनिश
े क(सीजीपीबी), सीएिक‍यू ।
स‍ थ ायी आमं ि तती :
i.
सीएसआईआर का पितिनिध
पिशकण
संस‍थान,
िनिश
े क(मािनटिरग),
ii.
भारतीय मौसम िवजान िवभाग, ििल‍ली
iii.
भूिवजान िवभाग, पंजाब िवश‍विवदालय से पितिनिध
iv.
भूिवजान िवभाग, कलकाता िवश‍विवदालय से पितिनिध
v.
भूिवजान िवभाग, अन‍ना िवश‍विवदालय से पितिनिध
vi.
भूिवजान िवभाग, जािवपुर िवश‍विवदालय से पितिनिध
vii.
भूिवजान िवभाग, ििल‍ली िवश‍विवदालय से पितिनध
viii. भूवजान
िवभाग, एम एस बडौिा िवश‍विवदालय से पितिनिध
ix.
भूिवजान िवभाग, मैसूर िवश‍विवदालय से पितिनिध
x.
भूिवजान िवभाग, ओसमािनया िवश‍विवदालय के पितिनिध
xi.
आईआईटी (खडगपुर, मुबई
ं , रडकी)
xii.
भूिम िवजान अध‍ययन के न‍द, ितरअनंतपुरम
xiii. रका
धातुकमथ अनुसंधान पयोगशाला (डीएमआरएल, हि
ै राबाि)
xiv. एनसीईएमपी, इलाहाबाि
xv.
िबरला साहनी इस‍टीटूट ऑफ पेिलयोबाटनी, लखनऊ
xvi. एसीसी
सीजीपीबी की
िलिमटेड
X वी (बु ि नयािी और भू ि वजान) सिमित के िलए िविाराथथ
िवषय
1.
बुिनयािी
और
पयुक‍त
भूिवजान
(भूिवजान, भूभौितकी, भूरसायन,
िजओमैिटक) के केत मे संवधथन और अनुसध
ं ान को पाथिमकता िन
े ा।
2.
पपथटी और िलथोस‍फीयर, भूिम के िवकास, खिनजो का स‍थानीयकरण आिि की
भूवैजािनक पिकया को बेहतर ढंग से समझने को पोतसाहन िन
े ा।
3.
भूिवजानो मे िशका की िशा की समीका करना और भूिवजान पितमा के पूल
मे सुधार के उदेश‍य से भूवैजािनक िशका, िवशेष रप से ऊंिे स‍तरो पर, की
गुणवता मे सुधार के िलए िसफािरशे करना ।
4.
भूवैजािनक अनुसंधान से संबिं धत नीित की पुनरीका करना और अनुसंधान
अवसंरिना, िनिधयन आिि मे सुधार के िलए िसफािरशे करना और केत
पथाओ और बुिनयािी अनुसध
ं ान के बीि बेहतर परस‍पर समन‍वय को
सुिनिित करना ।
5.
इं स‍टमेटेशन (िवश‍लेषणात‍मक और वैजािनक) और पणाली िवजानो मे वैििक
पौदोिगकीय पगित की समीका करना और पयोगशालाओ को आधुिनक
बनाने के उदेश‍य से अपनायी जाने वाली अत‍याधुिनक तकनीको की िसफािरश
करना तािक इन‍हे अंतराथष‍टीय मानको के बराबर लाया जा सके ।
6.
अिधकतम उपयोग के िलए िविभन‍न संगठनो के पास उपलब‍ध पयोगशाला
सुिवधाओ को आपस मे बांटने मे सुिवधा िन
े ा और समन‍वय करना ।
7.
खिनज गवेषण और खनन मे नई और कु शल तकनीको का िवकास करने, नए
खिनज संसाधनो का पता लगाने, मूल‍यवधथन, अिधकतम उपयोग और मौजूिा
संसाधनो के संरकण के िलए अनुसध
ं ान और िवकास को पोत‍साहन िन
े ा।
8.
मानक संिभथ सामगी को तैयार करने मे िविभन‍न संगठनो की भागीिारी ।
9.
केत और पयोगशाला तकनीको मे मौजूिा कािमको के पिशकण अथवा अन‍य
जान अिधगहण उपायो दारा राज‍य और के न‍दीय संस‍थाओ मे भूवैजािनक
जानकारी के सुधार मे मिि िन
े ा और भिवष‍य के िलए कािमको के िलए
जानकारी सेटो का सुझाव िन
े ा।
10. िीघथकालीन
और अल‍पकालीन गितिविध केतो मे ध‍यान के िनदत करना और
िविभन‍न संगठनो के िलए कायथशील योजनाएं ।
11. क‍यूरेटोिरयल,
भूवैजािनक और रसायन अध‍ययनो के िलए और पिशथनी और
पिशथन पयोजनो के िलए भूिवजान नमूनो का संगहण, अनुरकण, संरकण और
पलेखन ।
XI – िजओइन‍ फ ारमे ि टक‍ स और
डाटा पं ब ं ध
सं य ोजक: विरष‍ठ उप/उप महािनिश
े क, जीएसआई, आई टी सीएिक‍यू, कोलकाता
सिस‍ य सििव: िनिश
े क (सिमित –XI), जीएसआई, आई टी, सीएिक‍यू, कोलकाता
सिस‍ य :
1.
िनिश
े क (तकनीकी), खान मंतालय
2.
भारतीय खान ब‍यूरो
3.
एमईसीएल
4.
पृथ‍वी िवजान मंतालय
5.
डीएसटी (सिस‍य सििव, भूिवजान भूिम से संबिं धत)
6.
परमाणु खिनज पभाग
7.
सभी राज‍य और संघशािसत केतो के भूिवजान और खनन के िनिश
े ालय
8.
ओएनजीसी
9.
एसओआई
10. एनआरएससी
11. एनएनआरएमएस
12. एनजीआरआई
13. सीजीडब‍ल‍यूबी
14. िजओइन‍फारमेिटक‍स
और डाटा पबंध संबंधी कायथकमो से सम‍बि जीएसआई के
िनिश
े क, िनिश
े क(अनुसध
ं ान और िवश‍लेषण) और िनिश
े क(सीजीपीबी),
जीएसआई, सीएिक‍यू
स‍ थ ायी आमं ि तती:
i.
जीआईएस से संबिं धत डीडीजी(एनआईसी)
ii.
तकनीकी िनिश
े क(एनआईसी), खान मंतालय
iii.
एएमडी(एनआईसी)
iv.
राज‍य के सििव (सूिना पौदोिगकी) दारा नािमत िकया जाने वाला पत‍येक
राज‍य का एक पितिनिध
v.
एनएसडीआई
vi.
एनआरडीएमएस
vii.
आईएमडी
viii. एनडीएमए
ix.
एमएिए
x.
सीजीपीबी की XI वी (िजओइन‍ फ ारमे ि टकस) सिमित के िलए िविाराथथ
िवषय
1.
भूवैजािनक गितिविध मे सूिना पौदोिगकी के पयोग को बढावा िन
े ा, सुिढृ
स‍थािनक और सहजगुण डाटाबेस वाले िजओइन‍फारमेिटक‍स का िवकास
2.
एनएसडीआई वास‍तुकला के तहत साझा मानको और बांटने योग‍य डाटाबेस
िवकिसत करने के िलए भूवैजािनक एजेिसयो मे समन‍वय को सुिवधा िन
े ा और
इं टरनेट आधािरत पौदोिगिकयो के माध‍यम से भूवैजािनक सूिना के व‍यापक
और आसान पिार-पसार को पोत‍सािहत करना ।
3.
एक िवतिरत राष‍टीय भूवैजािनक सूिना पणाली के सृजन के िलए
एनएनआरएमएस सिहत जीएसआई और अन‍य के न‍दीय एजेिसयां और राज‍य
डीजीएम िमलकर काम करे गे ।
4.
पणाली (मेटा डाटा सिहत) िवकिसत करने के िलए मानको और पोटोकॉल को
अपनाना और समीका करना ।
5.
आईबीएम दारा िवकिसत की जा रही खनन काश‍तकारी और रिजस‍टी पणाली
से समन‍वय करना ।
6.
गुणवता और अिदतीय भूस‍थािनक और गैर भूस‍थािनक डाटा के पित पहि
ं
पिान करने के िलए सीजीपीबी को सलाह िन
े ा और नीित तैयार करना ।
7.
3 डी का उत‍पािन और माडिलग आऊटपुट के िलए केत समृि साफटवेयर के
पयोग के माध‍यम से डाटा के पिरष‍कृत पबंध के िलए नई पिकयाएं िवकिसत
करना ।
8.
जीएसआई पोटथल के संिभथ मे सिमित के गितिविध केत से संबिं धत अब तक
िकए गए कायथ की समीका करना ।
9.
सिमितयो के लाभपि िविार-िवमशथ के िलए यिि आवश‍यक महसूस िकया
जाता है तो सिमित को आमंितती के रप मे अन‍य संस‍थाओ से ियन की
शिि होगी ।
XII सतत िवकास के िलए भू ि वजान
संयोजक: संयुक‍त सििव(नीित), खान मंतालय
सिस‍य सििव: िनिश
े क(तकनीकी), खान मंतालय
सिस‍य:
1.
सलाहकार(टीपीपीसी), खान मंतालय
2.
पयाथवरण िवभाग, पयाथवरण और वन मंतालय का पितिनिध
3.
वन िवभाग, पयाथवरण और वन मंतालय का पितिनिध
4.
िवजान और पौदोिगकी मंतालय का पितिनिध
5.
स‍वास‍थ‍य मंतालय का पितिनिध
6.
कृ िष मंतालय का पितिनिध
7.
गामीण िवकास मंतालय का पितिनिध
8.
भूसंसाधन िवभाग (गामीण िवकास मंतालय) का पितिनिध
9.
शहरी िवकास मंतालय का पितिनिध
10. जल
संसाधन मंतालय का पितिनिध
11. भूिवजान
मंतालय का पितिनिध
12. एनईईआरआई
13. आईबीएम
14. सीजीडब‍ल‍यूबी
15. जीआईएस/स‍थािनक
डाटा पयोग से संबिं धत राज‍य एजेिसयां (संबिं धत राज‍य
सरकारो दारा नािमत िकया जाना है)
स‍ थ ायी आमं ि तती:
i.
उपयुथक‍त क.सं. 2 से 11 पर ििए गए मंतालय/िवभागो के साथ परामशथ से
नािमत िकए जाने वाले सतत िवकास से संबिं धत मुदो से संबंिधत टैक
िरकाडथ वाले अिखल भारतीय स‍वरप के 10 एनजीओ
ii.
िवजान और पयाथवरण के न‍द, नई ििल‍ली
iii.
जैड एस आई
iv.
बीएसआई
v.
एनबीएसएसएलयूपी
vi.
एनएसडीआई
vii.
एनआरडीएमएस
viii. पयाथवरणीय
िवजान स‍कूल, जेएनयू
ix.
भारतीय सुिरू संवेिी संस‍थान, िह
े रािन
ू
x.
भारतीय राष‍टीय महासागर सूिना सेवा के न‍द, हि
ै राबाि
सीजीपीबी की XII वी (सतत िवकास के िलए भू ि वजान ) सिमित के िलए
िविाराथथ िवषय
1. पयाथवरणीय मुदो के िलए नीित बनाने मे भूिवजान के एकीकरण मे सुिवधा
िन
े ा और नीित बनाने वालो, गैर सरकारी पयाथवरणीय एजेिसयो और आम
जनता सिहत संभािवत रिि रखने वाले समूहो की अवधारणा को संिािरत
करना ।
2.
िश
े मे जीएसआई और अन‍य भूवैजािनक संगठनो दारा सवेकण और गवेषण के
िौरान एकितत िकए गए भूवैजािनक डाटा के उतम उपयोग के माध‍यम से
सतत िवकास की रणनीितयो (िजसमे अिधकतम भूिम उपयोग शािमल है) के
संवधथन के िलए ढांिा और पिकया िवकिसत करने मे मिि िन
े ा।
3.
भूवैजािनक डाटा एकितत करने, िवशेष रप से स‍थािनक डाटा जैसे
िजओमारफोलॉजी के िलए नए केत िवकिसत करके संबिं धत नोडल एजेिसयो
की मिि करना तािक उनको पािरिसथितकी कायो के िवश‍लेषण और
सुिविािरत योजना बनाने के िनणथयो मे मिि िमल सके ।
4.
सिमित अन‍य संस‍थाओ को आमंितती के रप मे िुन सकती है ।
िवषय: सीजीपीबी सं ब ं ध ी सं क ल‍ प
पाठ मे पयोग िकए गए पिरवणी शब‍ि
एसीसी
एसोिसएिटट सीमेट कम‍पनी, मुंबई
एएमडी
परमाणु खिनज पभाग, हि
ै राबाि
एपीएमडीसी
आंध पिश
े खिनज िवकास िनगम
बीएआरसी
भाभा परमाणु अनुसध
ं ान के न‍द
बीएसआई
बोटेिनकल सवे ऑफ इंिडया, कोलकाता
सीसीएमबी
सेटर फॉर सेजुलर एंड मोिलकु लर बायोलॉजी,
हि
ै राबाि
सीईए
के न‍दीय िवदुत पािधकरण, नई ििल‍ली
सीजीएम
भूिवजान आयुक‍तालय
सीजीडब‍लयूबी
के दीय भूिम जल बोडथ, नई ििल‍ली
सीआईआई
भारतीय उदोग संघ, नई ििल‍ली
सीआईएल
कोल इंिडया िलिमटेड, कोलकाता
सीआईएमएफआर
के न‍दीय खनन और ईधन अनुसध
ं ान संस‍थान,धनबाि
सीएमपीडीआईएल
के न‍दीय खनन योजना और िडजाइन संस‍थान, धनबाि
सीपीसीबी
के दीय पिष
ू ण िनयंतण बोडथ, नई ििल‍ली
सीएसआईआर
वैजािनक और औदोिगक अनुसध
ं ान पिरषि, नई
ििल‍ली
सीडब‍लयूसी
के दीय जल आयोग, नई ििल‍ली
सीडब‍ल‍यूपीआरएस
के दीय जल और िवदुत अनुसध
ं ान स‍टेशन, पुणे
डीजीसीए
महािनिश
े क, नागर िवमानन
डीजीएम
भूिवजान खनन िनिश
े ालय
डीएमआरएल
रका धातुकमथ अनुसंधान पयोगशाला, हि
ै राबाि
डीआरडीओ
रका अनुसध
ं ान और िनकास संगठन, नई ििल‍ली
डीएसटी
िवजान और पौदोिगकी िवभाग, नई ििल‍ली
एफआईएमआई
भारतीय खिनज उदोग संघ, नई ििल‍ली
एिसीएल
िहिसु‍तान कॉपर िलिमटेड, कोलकाता
एिआईएनडीएएलसीओ
िहडालको इंडस‍टीज िलिमटेड, मुंबई
आईबीएम
भारतीय खान ब‍यूरो, नागपुर
आईएमडी
भारतीय मौसम िवजान िवभाग, नई ििल‍ली
आईएमएमटी
खिनज और सामगी पौदोिगकी संस‍थान, भुवनेश‍वर
आईएसएमयू
भारतीय खान स‍कूल, धनबाि
आईएसआरओ
भारतीय अंतिरक अनुसंधान संगठन, बंगलौर
जेएनयू
जवाहर लाल नेहर िवश‍विवदालय, ििल‍ली
के डीएमआईपीई
के डी मालवीया पेटोिलयम गवेषण संस‍थान, िह
े रािन
ू
एमडीओएनईआर
पूवोतर केत िवकास मंतालय, नई ििल‍ली
एमईसीएल
खिनज गवेषण िनगम िलिमटेड, नागपुर
एमजीएमआई
िी
माइिनग,
िजओलािजकल
एंड
इंस‍टीटयूट ऑफ इंिडया, कोलकाता
एम एि ए
गृह मंतालय, नई ििल‍ली
एम ओ ई एफ
पयाथवरण और वन मंतालय, नई ििल‍ली
एम ओ ई एस
पृथ‍वी िवजान मंतालय, नई ििल‍ली
एम ओ आई एल
मैगनीज ओर इं िडया िलिमटेड, भुवनेश‍वर
एम ओ एम
खान मंतालय, नई ििल‍ली
मेटलिजकल